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थांदला से स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ का ऋण देंगे CM मोहन यादव, 283 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात
मध्य प्रदेश
झाबुआ में राज्य स्तरीय कार्यक्रम, किसानों से संवाद और विद्यार्थियों का सम्मान
मध्य प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर मजबूत करने के लिए झाबुआ जिले के थांदला में बड़ा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 31 जुलाई को थांदला के शासकीय महाविद्यालय मैदान में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान प्रदेश के स्व-सहायता समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी दिए जाएंगे।
कार्यक्रम को 'स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण' के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसे समूहों को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने पर है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय, उत्पादन, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और दूसरे स्वरोजगार के माध्यम से आय अर्जित कर रहे हैं। ऋण उपलब्ध होने से समूहों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और नए रोजगार से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
300 करोड़ रुपये का ऋण होगा वितरित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्यभर के स्व-सहायता समूहों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित करेंगे। इसके तहत झाबुआ जिले में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 215 स्व-सहायता समूहों को भी वित्तीय सहायता मिलेगी। इन समूहों के लिए करीब 10 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण निर्धारित किया गया है।
स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। इनमें कृषि आधारित काम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों का निर्माण और बिक्री सहित कई छोटे व्यवसाय शामिल हैं। ऋण वितरण के जरिए समूहों की कार्यशील पूंजी बढ़ाने और उनकी गतिविधियों को बड़े स्तर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
283 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान झाबुआ जिले को विकास और आधारभूत ढांचे से संबंधित कई परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। कार्यक्रम में कुल 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 174 करोड़ 64 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पहले से तैयार हो चुके 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों को जनता को समर्पित किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 109 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस तरह लोकार्पण और भूमिपूजन के दायरे में आने वाले कार्यों की कुल राशि 283 करोड़ रुपये से अधिक है।
इन परियोजनाओं के जरिए जिले में स्थानीय स्तर पर जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। राज्य स्तरीय आयोजन में अलग-अलग विभागों की भागीदारी भी रहेगी।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से सीधी बातचीत
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद होगा। डॉ. मोहन यादव जिले और आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे उन्नत कृषकों से उनके अनुभव जानेंगे। किसान बताएंगे कि रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने के दौरान उन्हें किस तरह के परिणाम मिले और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस बातचीत के दौरान प्राकृतिक और जैविक खेती के विस्तार पर भी चर्चा होगी। राज्य सरकार की ओर से इस क्षेत्र में संचालित योजनाओं, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिहाज से प्राकृतिक खेती को सरकार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल कर रही है। थांदला में होने वाला संवाद किसानों के अनुभवों को सीधे शासन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
'आजीविका मेला' में दिखेंगे समूहों के उत्पाद
राज्य स्तरीय आयोजन के साथ 'आजीविका मेला' प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े लोगों की गतिविधियों तथा उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को पहचान दिलाने के साथ समूहों के कामकाज और उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे यह भी दिखाया जाएगा कि स्व-सहायता समूह किस तरह स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आय के साधन तैयार कर रहे हैं।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा हितलाभ
मुख्यमंत्री कार्यक्रम में केवल स्व-सहायता समूहों को ऋण ही नहीं देंगे, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को भी हितलाभ वितरित करेंगे। इसके लिए अलग-अलग विभागों की ओर से पात्र हितग्राहियों को कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है।
राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सहायता को मंच से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, आजीविका, कृषि और दूसरे विभागों से जुड़े हितग्राही शामिल हो सकते हैं।
मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान
थांदला में आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेंगे। इसका उद्देश्य पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल जिले में राज्य स्तरीय आयोजन होने के कारण स्थानीय विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े समूहों की बड़ी भागीदारी की तैयारी की गई है। प्रशासन कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने पर फोकस
स्व-सहायता समूहों के लिए बड़े स्तर पर ऋण उपलब्ध कराने के पीछे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति है। समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें व्यवसाय शुरू करने या पहले से चल रहे काम का विस्तार करने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जाती है।
ऋण राशि का इस्तेमाल समूह अपनी निर्धारित आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेंगे। इससे छोटे स्तर पर कारोबार कर रही महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने, जरूरी उपकरण खरीदने, कच्चा माल जुटाने और बाजार तक अपनी पहुंच बेहतर करने में सहायता मिल सकती है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को केवल वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के बजाय प्रशिक्षण, बाजार और क्षमता विकास जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जाता है। थांदला में आयोजित कार्यक्रम में इसी दिशा में समूहों के क्षमतावर्धन पर विशेष जोर रहेगा।
थांदला में राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारी
शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड को मुख्य कार्यक्रम स्थल बनाया गया है। यहां स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, किसानों, विद्यार्थियों, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान ऋण वितरण, विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण, हितलाभ वितरण तथा किसान संवाद जैसी गतिविधियां अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री आजीविका मेले में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर समूहों से उनकी गतिविधियों की जानकारी भी लेंगे। झाबुआ जिले के 215 समूहों को मिलने वाली 10.8 करोड़ रुपये की राशि भी इसी राज्य स्तरीय ऋण वितरण अभियान का हिस्सा होगी।
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थांदला से स्व-सहायता समूहों को 300 करोड़ का ऋण देंगे CM मोहन यादव, 283 करोड़ से ज्यादा के विकास कार्यों की सौगात
मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश में महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर मजबूत करने के लिए झाबुआ जिले के थांदला में बड़ा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार, 31 जुलाई को थांदला के शासकीय महाविद्यालय मैदान में होने वाले कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान प्रदेश के स्व-सहायता समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये के ऋण का वितरण किया जाएगा। कार्यक्रम में विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और भूमिपूजन के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को हितलाभ भी दिए जाएंगे।
कार्यक्रम को 'स्व-सहायता समूहों का क्षमतावर्धन एवं ऋण वितरण' के रूप में आयोजित किया जा रहा है। सरकार का फोकस ऐसे समूहों को आर्थिक संसाधन उपलब्ध कराने पर है, जो ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे व्यवसाय, उत्पादन, कृषि से जुड़ी गतिविधियों और दूसरे स्वरोजगार के माध्यम से आय अर्जित कर रहे हैं। ऋण उपलब्ध होने से समूहों को अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और नए रोजगार से जुड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।
300 करोड़ रुपये का ऋण होगा वितरित
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव राज्यभर के स्व-सहायता समूहों के लिए करीब 300 करोड़ रुपये की ऋण राशि वितरित करेंगे। इसके तहत झाबुआ जिले में मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े 215 स्व-सहायता समूहों को भी वित्तीय सहायता मिलेगी। इन समूहों के लिए करीब 10 करोड़ 80 लाख रुपये का ऋण निर्धारित किया गया है।
स्व-सहायता समूहों के माध्यम से बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं अलग-अलग आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। इनमें कृषि आधारित काम, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों का निर्माण और बिक्री सहित कई छोटे व्यवसाय शामिल हैं। ऋण वितरण के जरिए समूहों की कार्यशील पूंजी बढ़ाने और उनकी गतिविधियों को बड़े स्तर तक पहुंचाने पर जोर रहेगा।
283 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों की सौगात
मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान झाबुआ जिले को विकास और आधारभूत ढांचे से संबंधित कई परियोजनाओं की सौगात भी मिलेगी। कार्यक्रम में कुल 29 विकास कार्यों का भूमिपूजन प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं की कुल लागत लगभग 174 करोड़ 64 लाख रुपये बताई गई है।
इसके अलावा पहले से तैयार हो चुके 28 विकास एवं आधारभूत संरचना कार्यों को जनता को समर्पित किया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 109 करोड़ 17 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। इस तरह लोकार्पण और भूमिपूजन के दायरे में आने वाले कार्यों की कुल राशि 283 करोड़ रुपये से अधिक है।
इन परियोजनाओं के जरिए जिले में स्थानीय स्तर पर जरूरी सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। राज्य स्तरीय आयोजन में अलग-अलग विभागों की भागीदारी भी रहेगी।
प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से सीधी बातचीत
कार्यक्रम का एक प्रमुख हिस्सा प्राकृतिक खेती से जुड़े किसानों के साथ मुख्यमंत्री का संवाद होगा। डॉ. मोहन यादव जिले और आसपास के क्षेत्रों में प्राकृतिक तरीके से खेती कर रहे उन्नत कृषकों से उनके अनुभव जानेंगे। किसान बताएंगे कि रासायनिक इनपुट पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक पद्धतियों को अपनाने के दौरान उन्हें किस तरह के परिणाम मिले और किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा।
इस बातचीत के दौरान प्राकृतिक और जैविक खेती के विस्तार पर भी चर्चा होगी। राज्य सरकार की ओर से इस क्षेत्र में संचालित योजनाओं, किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता और प्राकृतिक कृषि को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी साझा की जाएगी।
कृषि क्षेत्र में लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने और स्थानीय संसाधनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिहाज से प्राकृतिक खेती को सरकार प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में शामिल कर रही है। थांदला में होने वाला संवाद किसानों के अनुभवों को सीधे शासन तक पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा।
'आजीविका मेला' में दिखेंगे समूहों के उत्पाद
राज्य स्तरीय आयोजन के साथ 'आजीविका मेला' प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। मुख्यमंत्री इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े लोगों की गतिविधियों तथा उनके द्वारा तैयार किए जाने वाले उत्पादों को प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रदर्शनी के माध्यम से स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को पहचान दिलाने के साथ समूहों के कामकाज और उनकी व्यावसायिक गतिविधियों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा। इससे यह भी दिखाया जाएगा कि स्व-सहायता समूह किस तरह स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर आय के साधन तैयार कर रहे हैं।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा हितलाभ
मुख्यमंत्री कार्यक्रम में केवल स्व-सहायता समूहों को ऋण ही नहीं देंगे, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों की योजनाओं के चयनित लाभार्थियों को भी हितलाभ वितरित करेंगे। इसके लिए अलग-अलग विभागों की ओर से पात्र हितग्राहियों को कार्यक्रम से जोड़ा जा रहा है।
राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सहायता को मंच से लाभार्थियों तक पहुंचाया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रामीण विकास, आजीविका, कृषि और दूसरे विभागों से जुड़े हितग्राही शामिल हो सकते हैं।
मेधावी विद्यार्थियों का होगा सम्मान
थांदला में आयोजित समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी मंच मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित करेंगे। इसका उद्देश्य पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना है।
झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल जिले में राज्य स्तरीय आयोजन होने के कारण स्थानीय विद्यार्थियों, महिलाओं, किसानों और ग्रामीण आजीविका से जुड़े समूहों की बड़ी भागीदारी की तैयारी की गई है। प्रशासन कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा है।
ग्रामीण महिलाओं की आमदनी बढ़ाने पर फोकस
स्व-सहायता समूहों के लिए बड़े स्तर पर ऋण उपलब्ध कराने के पीछे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने की रणनीति है। समूहों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर उन्हें व्यवसाय शुरू करने या पहले से चल रहे काम का विस्तार करने के लिए पूंजी उपलब्ध कराई जाती है।
ऋण राशि का इस्तेमाल समूह अपनी निर्धारित आर्थिक गतिविधियों के लिए कर सकेंगे। इससे छोटे स्तर पर कारोबार कर रही महिलाओं को उत्पादन बढ़ाने, जरूरी उपकरण खरीदने, कच्चा माल जुटाने और बाजार तक अपनी पहुंच बेहतर करने में सहायता मिल सकती है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत समूहों को केवल वित्तीय संसाधनों से जोड़ने के बजाय प्रशिक्षण, बाजार और क्षमता विकास जैसी गतिविधियों से भी जोड़ा जाता है। थांदला में आयोजित कार्यक्रम में इसी दिशा में समूहों के क्षमतावर्धन पर विशेष जोर रहेगा।
थांदला में राज्य स्तरीय आयोजन की तैयारी
शासकीय महाविद्यालय ग्राउंड को मुख्य कार्यक्रम स्थल बनाया गया है। यहां स्व-सहायता समूहों के सदस्यों, किसानों, विद्यार्थियों, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों और विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान ऋण वितरण, विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण, हितलाभ वितरण तथा किसान संवाद जैसी गतिविधियां अलग-अलग चरणों में आयोजित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री आजीविका मेले में लगाए गए स्टॉल का निरीक्षण कर समूहों से उनकी गतिविधियों की जानकारी भी लेंगे। झाबुआ जिले के 215 समूहों को मिलने वाली 10.8 करोड़ रुपये की राशि भी इसी राज्य स्तरीय ऋण वितरण अभियान का हिस्सा होगी।
