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भोपाल विधायक पुत्र मारपीट मामला: आरोपी की मां का बड़ा आरोप
भोपाल,(म.प्र.)
कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह से मारपीट मामले में नया मोड़, पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने दिए निष्पक्ष जांच के आदेश, दोनों पक्षों के दावों से गरमाया माहौल
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके अरेरा हिल्स स्थित एमएलए (MLA) रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर के साथ हुई मारपीट के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से लिखित शिकायत की है। आरोपी की मां का आरोप है कि इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और प्रभावशाली राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस शिकायत के बाद भोपाल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को सौंपी गई शिकायत में आरोपी लक्की यादव की मां ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना की शुरुआत देवराज गुर्जर और उनके साथियों की तरफ से हुई थी। आरोप के मुताबिक, देवराज गुर्जर और उनके दोस्तों ने पहले एमएलए रेस्ट हाउस के पास उनके बेटों के साथ रास्ता रोककर मारपीट की। इतना ही नहीं, मां का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह है कि जब उनके बेटों को अरेरा हिल्स थाने लाया गया, तो वहां पुलिस की मौजूदगी में भी देवराज गुर्जर और उनके रसूखदार साथियों ने उनके बेटों की बेरहमी से पिटाई की। शिकायत में कहा गया है:
"थाने के भीतर मेरे बेटों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया, लेकिन उस वक्त वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। हमारे बेटों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उनकी हालत इतनी खराब थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।"
परिजन का आरोप है कि वे शुरुआत से ही अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख और प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर अरेरा हिल्स पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस संवेदनशील मामले में आरोपी पक्ष की मां की शिकायत मिलने के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की गहराई और निष्पक्षता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया को बताया कि थाने के भीतर मारपीट के आरोपों और दोनों पक्षों के दावों की पूरी पारदर्शिता से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोपी की मां द्वारा की गई शिकायत और थाने में मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के मुताबिक कांग्रेस विधायक के पुत्र देवराज गुर्जर और उनके साथियों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर ने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए आरोपियों के दावों को सिरे से खारिज किया है। देवराज गुर्जर के मुताबिक, यह घटना 24 जून की रात करीब 12:30 बजे की है, जब वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस में अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। देवराज ने बताया कि उन्होंने देखा कि उनके घर के सामने कुछ युवक खुलेआम शराब पी रहे थे। जब उन्होंने शालीनता से उन युवकों को वहां से जाने और सार्वजनिक स्थान पर शराब न पीने के लिए कहा, तो वे युवक उग्र हो गए और मां-बहन की गालियां देने लगे।
विधायक पुत्र का आरोप है कि जब उन्होंने गाली-गलौज का विरोध किया, तो चारों युवक जबरन उनके घर के परिसर में दाखिल हो गए और सीढ़ियों तक पहुंच गए। वहां आरोपियों ने देवराज से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब देवराज ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और उनके साथ छीनाझपटी भी की गई।
देवराज गुर्जर ने बताया कि मारपीट के दौरान जब उन्होंने शोर मचाया, तो उनकी आवाज सुनकर उनके दोस्त हर्ष, मान और सौरभ बकोरिया तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव कर देवराज को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और उनकी जान बचाई। देवराज का आरोप है कि जाते समय चारों युवकों ने अपना नाम विक्की, पंकज, मयंक और सोह बताते हुए धमकी दी कि "हमारा नाम याद रखना, इस बार तो बच गए लेकिन अगली बार तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे।"
इस घटना के तुरंत बाद विधायक पुत्र अपने दोस्तों के साथ जेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अपना मेडिकल कराया। इसके बाद उन्होंने अरेरा हिल्स थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने देवराज की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद दोनों पक्षों के दावों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की जा रही है ताकि सच सामने आ सके।
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भोपाल विधायक पुत्र मारपीट मामला: आरोपी की मां का बड़ा आरोप
भोपाल,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉश इलाके अरेरा हिल्स स्थित एमएलए (MLA) रेस्ट हाउस के बाहर कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर के साथ हुई मारपीट के मामले में अब एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस पूरे घटनाक्रम में मुख्य आरोपी बनाए गए लक्की यादव की मां ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से लिखित शिकायत की है। आरोपी की मां का आरोप है कि इस मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है और प्रभावशाली राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस उनकी शिकायत पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। इस शिकायत के बाद भोपाल पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, जिसके बाद पुलिस कमिश्नर ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
पुलिस कमिश्नर संजय कुमार को सौंपी गई शिकायत में आरोपी लक्की यादव की मां ने बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना की शुरुआत देवराज गुर्जर और उनके साथियों की तरफ से हुई थी। आरोप के मुताबिक, देवराज गुर्जर और उनके दोस्तों ने पहले एमएलए रेस्ट हाउस के पास उनके बेटों के साथ रास्ता रोककर मारपीट की। इतना ही नहीं, मां का सबसे बड़ा और गंभीर आरोप यह है कि जब उनके बेटों को अरेरा हिल्स थाने लाया गया, तो वहां पुलिस की मौजूदगी में भी देवराज गुर्जर और उनके रसूखदार साथियों ने उनके बेटों की बेरहमी से पिटाई की। शिकायत में कहा गया है:
"थाने के भीतर मेरे बेटों को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया, लेकिन उस वक्त वहां मौजूद पुलिस मूकदर्शक बनी रही और हाथ पर हाथ धरे बैठी रही। हमारे बेटों के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान हैं और उनकी हालत इतनी खराब थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।"
परिजन का आरोप है कि वे शुरुआत से ही अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रसूख और प्रभावशाली लोगों के दबाव में आकर अरेरा हिल्स पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी और उनकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस संवेदनशील मामले में आरोपी पक्ष की मां की शिकायत मिलने के बाद भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को इस पूरे मामले की गहराई और निष्पक्षता से जांच करने के सख्त निर्देश दिए हैं। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने मीडिया को बताया कि थाने के भीतर मारपीट के आरोपों और दोनों पक्षों के दावों की पूरी पारदर्शिता से जांच की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में आरोपी की मां द्वारा की गई शिकायत और थाने में मारपीट के आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के मुताबिक कांग्रेस विधायक के पुत्र देवराज गुर्जर और उनके साथियों के खिलाफ भी नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर ने पूरे घटनाक्रम पर अपना पक्ष रखते हुए आरोपियों के दावों को सिरे से खारिज किया है। देवराज गुर्जर के मुताबिक, यह घटना 24 जून की रात करीब 12:30 बजे की है, जब वह मालवीय नगर स्थित एमएलए रेस्ट हाउस में अपने आवास की बालकनी में टहल रहे थे। देवराज ने बताया कि उन्होंने देखा कि उनके घर के सामने कुछ युवक खुलेआम शराब पी रहे थे। जब उन्होंने शालीनता से उन युवकों को वहां से जाने और सार्वजनिक स्थान पर शराब न पीने के लिए कहा, तो वे युवक उग्र हो गए और मां-बहन की गालियां देने लगे।
विधायक पुत्र का आरोप है कि जब उन्होंने गाली-गलौज का विरोध किया, तो चारों युवक जबरन उनके घर के परिसर में दाखिल हो गए और सीढ़ियों तक पहुंच गए। वहां आरोपियों ने देवराज से शराब पीने के लिए पैसों की मांग की। जब देवराज ने पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो आरोपियों ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी और उनके साथ छीनाझपटी भी की गई।
देवराज गुर्जर ने बताया कि मारपीट के दौरान जब उन्होंने शोर मचाया, तो उनकी आवाज सुनकर उनके दोस्त हर्ष, मान और सौरभ बकोरिया तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने बीच-बचाव कर देवराज को आरोपियों के चंगुल से छुड़ाया और उनकी जान बचाई। देवराज का आरोप है कि जाते समय चारों युवकों ने अपना नाम विक्की, पंकज, मयंक और सोह बताते हुए धमकी दी कि "हमारा नाम याद रखना, इस बार तो बच गए लेकिन अगली बार तुम्हें जिंदा नहीं छोड़ेंगे।"
इस घटना के तुरंत बाद विधायक पुत्र अपने दोस्तों के साथ जेपी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने अपना मेडिकल कराया। इसके बाद उन्होंने अरेरा हिल्स थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने देवराज की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न सुसंगत धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज कर लिया था। अब पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद दोनों पक्षों के दावों और सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की जांच की जा रही है ताकि सच सामने आ सके।
