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सीएम मोहन यादव का बैतूल दौरा, कुकरु में विकास और पर्यटन पर रहेगा फोकस
Digital Desk
दो दिवसीय प्रवास में ग्रामीणों से करेंगे संवाद, पर्यटन विकास योजनाओं पर होगी चर्चा, कांग्रेस ने मुलाकात नहीं मिलने पर घेराव की चेतावनी दी
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु का दो दिवसीय दौरा प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। 27 और 28 जून को प्रस्तावित इस दौरे को क्षेत्र के पर्यटन विकास और ग्रामीण अंचल के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय संगठन भी कार्यक्रमों को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस दौरे को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है और मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है। पार्टी का कहना है कि यदि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के शुक्रवार शाम तक कुकरु पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे गांव में रात्रि चौपाल लगाएंगे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री किसी स्थानीय ग्रामीण परिवार के घर भोजन भी करेंगे। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करना और योजनाओं की जमीनी स्थिति को समझना माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। चौपाल के दौरान क्षेत्र की सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है। दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पर्यटन विकास पर केंद्रित रहेगा। फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में पर्यटन विभाग के अधिकारियों की ओर से कुकरु के विकास को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जा सकता है। इसमें होम स्टे मॉडल, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म, कॉफी टूरिज्म और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे विषय शामिल रहेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो कुकरु मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। मुख्यमंत्री स्थानीय कृषि उत्पाद कोदो-कुटकी की ब्रांडिंग और पेटेंट को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। लंबे समय से किसान इन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग करते रहे हैं। यदि इस दिशा में कोई पहल होती है तो क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों के लिए दो नई जल प्रदाय योजनाओं की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन प्रस्तावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए कुकरु में विशेष तैयारियां की गई हैं। हेलीपैड का निर्माण पूरा कर लिया गया है और चौपाल स्थल से लेकर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई है। चूंकि इस क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की समस्या रहती है, इसलिए 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण के लिए बेहतर नेटवर्क वाले स्थानों का परीक्षण भी किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हों। समुद्र तल से करीब 1137 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुकरु अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, ठंडे मौसम और कॉफी बागानों के लिए जाना जाता है। यहां लगभग 44 हेक्टेयर क्षेत्र में पारंपरिक कॉफी की खेती की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स और प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। अब सरकार इस क्षेत्र को होम स्टे, ट्रैकिंग, इको टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हुआ तो रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल लंबे समय से कुकरु को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि प्रस्तावित विकास योजनाओं पर तेजी से काम शुरू होता है तो इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं, किसानों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिल सकता है। इधर कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने बताया कि किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए प्रशासन के माध्यम से मुलाकात का समय मांगा गया है। कांग्रेस का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल, सड़क, किसानों की समस्याएं और अन्य विकास कार्य लंबे समय से लंबित हैं। यदि मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं मिला तो पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से उनका घेराव करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पर्यटन और राजनीति—तीनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार कुकरु को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है
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सीएम मोहन यादव का बैतूल दौरा, कुकरु में विकास और पर्यटन पर रहेगा फोकस
Digital Desk
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का बैतूल जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु का दो दिवसीय दौरा प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। 27 और 28 जून को प्रस्तावित इस दौरे को क्षेत्र के पर्यटन विकास और ग्रामीण अंचल के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासन ने मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय संगठन भी कार्यक्रमों को सफल बनाने में जुटे हुए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने भी इस दौरे को लेकर अपनी रणनीति तैयार कर ली है और मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांगा है। पार्टी का कहना है कि यदि उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिला तो लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। मुख्यमंत्री के शुक्रवार शाम तक कुकरु पहुंचने की संभावना जताई गई है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार वे गांव में रात्रि चौपाल लगाएंगे और ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री किसी स्थानीय ग्रामीण परिवार के घर भोजन भी करेंगे। इस तरह के कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणों से सीधे संवाद स्थापित करना और योजनाओं की जमीनी स्थिति को समझना माना जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे। चौपाल के दौरान क्षेत्र की सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याओं पर चर्चा होने की संभावना है। दौरे के दूसरे दिन मुख्यमंत्री का कार्यक्रम पर्यटन विकास पर केंद्रित रहेगा। फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में पर्यटन विभाग के अधिकारियों की ओर से कुकरु के विकास को लेकर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया जा सकता है। इसमें होम स्टे मॉडल, एडवेंचर टूरिज्म, इको टूरिज्म, कॉफी टूरिज्म और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग जैसे विषय शामिल रहेंगे। अधिकारियों का मानना है कि यदि इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो कुकरु मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है। मुख्यमंत्री स्थानीय कृषि उत्पाद कोदो-कुटकी की ब्रांडिंग और पेटेंट को लेकर भी चर्चा कर सकते हैं। लंबे समय से किसान इन उत्पादों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने की मांग करते रहे हैं। यदि इस दिशा में कोई पहल होती है तो क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और आय के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा पेयजल संकट से जूझ रहे गांवों के लिए दो नई जल प्रदाय योजनाओं की घोषणा की भी संभावना जताई जा रही है। हालांकि इन प्रस्तावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए कुकरु में विशेष तैयारियां की गई हैं। हेलीपैड का निर्माण पूरा कर लिया गया है और चौपाल स्थल से लेकर फॉरेस्ट रेस्ट हाउस तक सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ बिजली, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की भी समीक्षा की गई है। चूंकि इस क्षेत्र में मोबाइल और इंटरनेट नेटवर्क की समस्या रहती है, इसलिए 'मन की बात' कार्यक्रम के प्रसारण के लिए बेहतर नेटवर्क वाले स्थानों का परीक्षण भी किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि मुख्यमंत्री के सभी कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हों। समुद्र तल से करीब 1137 मीटर की ऊंचाई पर स्थित कुकरु अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने जंगलों, ठंडे मौसम और कॉफी बागानों के लिए जाना जाता है। यहां लगभग 44 हेक्टेयर क्षेत्र में पारंपरिक कॉफी की खेती की जाती है। पिछले कुछ वर्षों में यहां एडवेंचर स्पोर्ट्स और प्रकृति आधारित पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिला है। अब सरकार इस क्षेत्र को होम स्टे, ट्रैकिंग, इको टूरिज्म और एडवेंचर टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि पर्यटन सुविधाओं का विस्तार हुआ तो रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। बताया जा रहा है कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल लंबे समय से कुकरु को प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाने के प्रयास में जुटे हुए हैं। मुख्यमंत्री का यह दौरा उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि यदि प्रस्तावित विकास योजनाओं पर तेजी से काम शुरू होता है तो इसका सीधा लाभ स्थानीय युवाओं, किसानों और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को मिल सकता है। इधर कांग्रेस ने भी मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पंकज रानू ठाकुर ने बताया कि किसानों और आम नागरिकों की समस्याओं को मुख्यमंत्री तक पहुंचाने के लिए प्रशासन के माध्यम से मुलाकात का समय मांगा गया है। कांग्रेस का कहना है कि क्षेत्र में पेयजल, सड़क, किसानों की समस्याएं और अन्य विकास कार्य लंबे समय से लंबित हैं। यदि मुख्यमंत्री से मिलने का अवसर नहीं मिला तो पार्टी कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से उनका घेराव करेंगे। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार क्षेत्र की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान नहीं दे रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा विकास, पर्यटन और राजनीति—तीनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एक ओर सरकार कुकरु को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है, वहीं विपक्ष जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की तैयारी में है
