रायपुर में कोचिंग सेंटरों के बाद अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच

रायपुर,(छ.ग.)

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शासन के निर्देश के बाद फायर सेफ्टी अभियान तेज, बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा इंतजामों की होगी सघन जांच

रायपुर में फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने अब सख्ती और बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से शहर के कोचिंग संस्थानों की जांच कर रही संयुक्त टीम अब बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, शॉपिंग मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण करेगी। जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीमों को शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि जहां भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजधानी के कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस अभियान के दायरे में आएंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के 19 जून को जारी आदेश के बाद शुरू हुई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता से जांच की जाए। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में ऐसे संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसी वजह से सबसे पहले कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू किया गया था। प्रशासन का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होगी। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नोटिस जारी करने के साथ-साथ जुर्माना और नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह चालू होना चाहिए। इमरजेंसी निकासी मार्ग साफ और उपयोग योग्य होना जरूरी है।

इसके अलावा अलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, लिफ्ट सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की भी विस्तार से जांच की जाएगी।शासन ने राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भवन मालिकों और संस्थानों को नियमित रूप से फायर ऑडिट कराना होगा और सभी सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने होंगे। इसके साथ ही लोगों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय निकायों को सौंपी गई है। पिछले तीन दिनों की कार्रवाई में कई कोचिंग संस्थानों की जांच की जा चुकी है।


पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। जांच में चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं इम्पैक्ट कोचिंग में आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। CLAT कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। इन तीनों संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीसरे दिन नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि शहर की सभी प्रमुख सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हो सके।

अब प्रशासन का पूरा फोकस शहर के बड़े मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टोरी कमर्शियल बिल्डिंग और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों पर रहेगा। इन स्थानों पर हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर हादसे की वजह बन सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले भवन संचालकों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। लगातार चल रही इस कार्रवाई को राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि सभी संस्थान समय रहते अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेते हैं तो संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। 

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27 Jun 2026 By Vaishnavi.J

रायपुर में कोचिंग सेंटरों के बाद अब मॉल और कॉमर्शियल भवनों की होगी जांच

रायपुर,(छ.ग.)

रायपुर में फायर सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने अब सख्ती और बढ़ा दी है। पिछले तीन दिनों से शहर के कोचिंग संस्थानों की जांच कर रही संयुक्त टीम अब बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों, शॉपिंग मॉल, कॉम्प्लेक्स और सार्वजनिक उपयोग की इमारतों का भी निरीक्षण करेगी। जिला प्रशासन, नगर निगम और अग्निशमन विभाग की टीमों को शासन स्तर से स्पष्ट निर्देश मिले हैं कि जहां भी सुरक्षा मानकों में लापरवाही मिले, वहां तत्काल कार्रवाई की जाए। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राजधानी के कई बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान इस अभियान के दायरे में आएंगे। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ शासन के 19 जून को जारी आदेश के बाद शुरू हुई है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने प्रदेश के सभी नगरीय निकायों को निर्देश दिए हैं कि बहुमंजिला भवनों में फायर सेफ्टी, इमरजेंसी एग्जिट, अलार्म सिस्टम और अन्य सुरक्षा इंतजामों की गंभीरता से जांच की जाए। अधिकारियों के मुताबिक पहले चरण में ऐसे संस्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसी वजह से सबसे पहले कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण शुरू किया गया था। प्रशासन का कहना है कि जांच केवल औपचारिकता नहीं होगी। जिन भवनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी मिलेगी, वहां नोटिस जारी करने के साथ-साथ जुर्माना और नियमानुसार अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार बहुमंजिला व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह चालू होना चाहिए। इमरजेंसी निकासी मार्ग साफ और उपयोग योग्य होना जरूरी है।

इसके अलावा अलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरण, लिफ्ट सुरक्षा और बिजली व्यवस्था की भी विस्तार से जांच की जाएगी।शासन ने राष्ट्रीय भवन संहिता (NBC-2016) और भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया है। आदेश में साफ कहा गया है कि बहुमंजिला आवासीय, व्यावसायिक और मिक्स्ड यूज भवनों में सुरक्षा व्यवस्था केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भवन मालिकों और संस्थानों को नियमित रूप से फायर ऑडिट कराना होगा और सभी सुरक्षा उपकरण हमेशा कार्यशील स्थिति में रखने होंगे। इसके साथ ही लोगों को सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय निकायों को सौंपी गई है। पिछले तीन दिनों की कार्रवाई में कई कोचिंग संस्थानों की जांच की जा चुकी है।


पहले दिन एलन, अनअकैडमी, विद्यापीठ, आरसीसी और अकादजा कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया गया था। जांच के दौरान कुछ संस्थानों में निर्धारित क्षमता से अधिक छात्रों के बैठने, पर्याप्त वेंटिलेशन नहीं होने और फायर सेफ्टी से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को एक सप्ताह के भीतर सुधार करने के निर्देश दिए हैं।

दूसरे दिन चाणक्य कोचिंग सेंटर, इम्पैक्ट कोचिंग और CLAT कोचिंग सेंटर का निरीक्षण किया गया। जांच में चाणक्य कोचिंग फायर ऑडिट प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं कर सका। वहीं इम्पैक्ट कोचिंग में आवश्यक अग्निशमन उपकरण नहीं मिले। CLAT कोचिंग सेंटर में लिफ्ट का अलार्म सिस्टम बंद पाया गया। इन तीनों संस्थानों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीसरे दिन नगर निगम की टीम जोन-4 स्थित PATH IAS अकादमी पहुंची। यहां भवन की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकासी मार्ग और अन्य जरूरी सुविधाओं की जांच की गई। अधिकारियों ने संचालकों को सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि शहर की सभी प्रमुख सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा हो सके।

अब प्रशासन का पूरा फोकस शहर के बड़े मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मल्टीस्टोरी कमर्शियल बिल्डिंग और अन्य सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों पर रहेगा। इन स्थानों पर हर दिन हजारों लोगों की आवाजाही रहती है। ऐसे में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर हादसे की वजह बन सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले भवन संचालकों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। लगातार चल रही इस कार्रवाई को राजधानी में भवन सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं बल्कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यदि सभी संस्थान समय रहते अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त कर लेते हैं तो संभावित दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/chhattisgarh/raipur/after-coaching-centers-in-raipur-now-malls-and-commercial-buildings/article-57130

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