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भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन, 28 जुलाई से शुरू होगी निशातपुरा स्टेशन की यात्री सेवा
भोपाल,(म.प्र.)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दिखाएंगे मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी, शुरुआती चरण में दो प्रमुख ट्रेनों का रहेगा ठहराव
भोपाल शहर के रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निशातपुरा रेलवे स्टेशन 28 जुलाई से नियमित यात्री सेवाओं के लिए शुरू होने जा रहा है। यह भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, जहां से प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव रहेगा। स्टेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इससे शहर के यात्रियों को नई सुविधा मिलने के साथ ही मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
शुभारंभ से एक दिन पहले सोमवार को प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से स्टेशन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, प्रवेश मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई।
मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि निशातपुरा रेलवे स्टेशन नरेला विधानसभा क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह क्षेत्र लगातार तेजी से विकसित हो रहा है और यहां कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी चल रही हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नए फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर से द्वारका नगर से शुरू होकर निशातपुरा तक पहुंचने वाला नया रेलवे ओवरब्रिज भी निर्माणाधीन है। यह छह रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाला देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जिससे भविष्य में यातायात और अधिक सुगम होगा।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण लगभग तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण यहां से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया था। अब सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद स्टेशन को नियमित संचालन के लिए तैयार कर लिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और इसे आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
भोपाल रेल मंडल के अनुसार शुरुआती चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा। इन ट्रेनों का स्टॉपेज अब भोपाल रेलवे स्टेशन की बजाय निशातपुरा पर होगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जिन लोगों ने पहले से भोपाल रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट बुक कराए हैं, वे यात्रा से पहले स्टेशन परिवर्तन की जानकारी अवश्य जांच लें और निर्धारित समय पर निशातपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर ही ट्रेन में सवार हों।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या और ट्रेनों का दबाव कम होगा। वर्तमान में भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 230 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 45 हजार यात्री रोजाना यहां से यात्रा करते हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त स्टेशन के संचालन से रेल यातायात का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
रेलवे को भी इस नई व्यवस्था से परिचालन में लाभ मिलने की उम्मीद है। कई ट्रेनें इंदौर, उज्जैन, बीना और गुना की दिशा में जाती हैं, जिन्हें अब तक भोपाल स्टेशन तक लाकर इंजन बदलने जैसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 45 मिनट का समय लगता था, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता था। निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने के बाद इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा और रेल संचालन में समय की बचत होगी।
हालांकि, कुछ यात्रियों ने स्टेशन परिवर्तन को लेकर अपनी चिंता भी जताई है। खासतौर पर मालवा एक्सप्रेस से माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें अब पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। कई यात्रियों का मानना है कि निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं, इसलिए यात्रा की योजना पहले से बनाना आवश्यक होगा।
यात्रियों का यह भी कहना है कि निशातपुरा स्टेशन तक जाने वाला मार्ग कई स्थानों पर व्यस्त रहता है। नादरा बस स्टैंड, छोला रोड और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। ऐसे में यदि समय का सही अनुमान नहीं लगाया गया तो ट्रेन छूटने की आशंका भी हो सकती है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा के दिन पर्याप्त समय पहले घर से निकलें और स्टेशन परिवर्तन की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की संख्या और परिचालन की आवश्यकता को देखते हुए अन्य ट्रेनों का ठहराव भी निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर बढ़ाया जा सकता है। इससे शहर के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी और उन्हें मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन को एनएसजी-3 श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी के अनुसार स्टेशन पर आधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, यात्री सूचना व्यवस्था, सुरक्षा सुविधाएं और अन्य आवश्यक सेवाओं को उन्नत किया गया है। रेलवे का उद्देश्य इस स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।
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भोपाल को मिला चौथा रेलवे स्टेशन, 28 जुलाई से शुरू होगी निशातपुरा स्टेशन की यात्री सेवा
भोपाल,(म.प्र.)
भोपाल शहर के रेलवे नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए निशातपुरा रेलवे स्टेशन 28 जुलाई से नियमित यात्री सेवाओं के लिए शुरू होने जा रहा है। यह भोपाल का चौथा रेलवे स्टेशन होगा, जहां से प्रारंभिक चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव रहेगा। स्टेशन के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शाम 5 बजे मालवा एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इससे शहर के यात्रियों को नई सुविधा मिलने के साथ ही मुख्य भोपाल रेलवे स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करने में भी मदद मिलेगी।
शुभारंभ से एक दिन पहले सोमवार को प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया और तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से स्टेशन की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, यात्री प्रतीक्षालय, प्रवेश मार्ग और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की गई।
मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि निशातपुरा रेलवे स्टेशन नरेला विधानसभा क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह क्षेत्र लगातार तेजी से विकसित हो रहा है और यहां कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी चल रही हैं। उन्होंने बताया कि स्टेशन तक बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नए फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं। भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 की ओर से द्वारका नगर से शुरू होकर निशातपुरा तक पहुंचने वाला नया रेलवे ओवरब्रिज भी निर्माणाधीन है। यह छह रेलवे ट्रैक के ऊपर से गुजरने वाला देश का पहला ऐसा आरओबी होगा, जिससे भविष्य में यातायात और अधिक सुगम होगा।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन का निर्माण लगभग तीन वर्ष पहले पूरा हो चुका था, लेकिन विभिन्न प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण यहां से यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू नहीं हो पाया था। अब सभी आवश्यक मंजूरियां मिलने के बाद स्टेशन को नियमित संचालन के लिए तैयार कर लिया गया है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन पर यात्रियों के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं और इसे आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
भोपाल रेल मंडल के अनुसार शुरुआती चरण में मालवा एक्सप्रेस और सोमनाथ-जबलपुर एक्सप्रेस का नियमित ठहराव निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर रहेगा। इन ट्रेनों का स्टॉपेज अब भोपाल रेलवे स्टेशन की बजाय निशातपुरा पर होगा। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि जिन लोगों ने पहले से भोपाल रेलवे स्टेशन से इन ट्रेनों में यात्रा के लिए टिकट बुक कराए हैं, वे यात्रा से पहले स्टेशन परिवर्तन की जानकारी अवश्य जांच लें और निर्धारित समय पर निशातपुरा रेलवे स्टेशन पहुंचकर ही ट्रेन में सवार हों।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि निशातपुरा स्टेशन शुरू होने से भोपाल रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की संख्या और ट्रेनों का दबाव कम होगा। वर्तमान में भोपाल रेलवे स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 230 ट्रेनें गुजरती हैं और करीब 45 हजार यात्री रोजाना यहां से यात्रा करते हैं। ऐसे में एक अतिरिक्त स्टेशन के संचालन से रेल यातायात का बेहतर प्रबंधन संभव हो सकेगा।
रेलवे को भी इस नई व्यवस्था से परिचालन में लाभ मिलने की उम्मीद है। कई ट्रेनें इंदौर, उज्जैन, बीना और गुना की दिशा में जाती हैं, जिन्हें अब तक भोपाल स्टेशन तक लाकर इंजन बदलने जैसी प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती थी। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 45 मिनट का समय लगता था, जिससे अन्य ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित होता था। निशातपुरा स्टेशन के शुरू होने के बाद इस प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा और रेल संचालन में समय की बचत होगी।
हालांकि, कुछ यात्रियों ने स्टेशन परिवर्तन को लेकर अपनी चिंता भी जताई है। खासतौर पर मालवा एक्सप्रेस से माता वैष्णो देवी और अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्हें अब पहले की तुलना में अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। कई यात्रियों का मानना है कि निशातपुरा स्टेशन तक पहुंचने में अतिरिक्त समय और खर्च दोनों बढ़ सकते हैं, इसलिए यात्रा की योजना पहले से बनाना आवश्यक होगा।
यात्रियों का यह भी कहना है कि निशातपुरा स्टेशन तक जाने वाला मार्ग कई स्थानों पर व्यस्त रहता है। नादरा बस स्टैंड, छोला रोड और आसपास के क्षेत्रों में अक्सर ट्रैफिक का दबाव बना रहता है। ऐसे में यदि समय का सही अनुमान नहीं लगाया गया तो ट्रेन छूटने की आशंका भी हो सकती है। रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा के दिन पर्याप्त समय पहले घर से निकलें और स्टेशन परिवर्तन की जानकारी पहले से सुनिश्चित कर लें।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में यात्रियों की संख्या और परिचालन की आवश्यकता को देखते हुए अन्य ट्रेनों का ठहराव भी निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर बढ़ाया जा सकता है। इससे शहर के उत्तरी और पूर्वी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सुविधा मिलेगी और उन्हें मुख्य रेलवे स्टेशन तक जाने की आवश्यकता कम होगी।
निशातपुरा रेलवे स्टेशन को एनएसजी-3 श्रेणी में रखा गया है। इस श्रेणी के अनुसार स्टेशन पर आधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, यात्री सूचना व्यवस्था, सुरक्षा सुविधाएं और अन्य आवश्यक सेवाओं को उन्नत किया गया है। रेलवे का उद्देश्य इस स्टेशन को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप विकसित करना है ताकि यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर यात्रा अनुभव मिल सके।
