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मध्य प्रदेश में किसानों को बड़ी सौगात, दिन में मिलेगी 10 घंटे बिजली: CM मोहन यादव का बड़ा ऐलान
Digital Desk
ग्वालियर में बलराम जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की घोषणा की। सरकार ने किसान कल्याण वर्ष के तहत बिजली, सिंचाई, कर्ज और सहकारिता से जुड़े कई कदमों की जानकारी भी दी।
मध्य प्रदेश के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ी घोषणा की है। ग्वालियर में आयोजित राज्य स्तरीय बलराम जयंती महोत्सव के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। खेती-किसानी में सिंचाई के लिए बिजली की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में दिन में बिजली मिलने से खेतों में सिंचाई करना आसान होने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2026 को मध्य प्रदेश में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसके तहत सरकार कृषि से जुड़े अलग-अलग विभागों और वैज्ञानिकों के साथ मिलकर किसानों के हित में योजनाओं और कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है।
रात में सिंचाई की परेशानी से मिलेगी राहत
खेती में सिंचाई के लिए बिजली का समय किसानों की दिनचर्या और फसल प्रबंधन पर सीधा असर डालता है। अभी कई किसान सिंचाई के लिए रात के समय बिजली मिलने पर खेतों में जाते हैं। सरकार की प्रस्तावित दिन की बिजली व्यवस्था से इस परेशानी में कमी आने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले समय में किसानों को दिन के समय 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। हालांकि, घोषणा के दौरान प्रदेशभर में इसे किस तारीख से और किस चरण में लागू किया जाएगा, इसका विस्तृत कार्यक्रम सामने नहीं आया है। इसलिए फिलहाल इसे सरकार की घोषित आगामी व्यवस्था के तौर पर देखा जाना चाहिए।
सिंचाई का दायरा बढ़ाने पर भी जोर
बलराम जयंती कार्यक्रम में किसानों के लिए सिंचाई क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी सरकार की योजना सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदेश के सिंचित क्षेत्र को आने वाले वर्षों में बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना है।
दिन में बिजली और सिंचाई क्षमता में विस्तार को साथ देखा जाए तो सरकार का फोकस केवल बिजली आपूर्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि कृषि के लिए बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर भी है।
KCC पोर्टल और 200 नए PACS कार्यालय
ग्वालियर के कार्यक्रम में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) पोर्टल और 200 नए प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (PACS) कार्यालयों का शुभारंभ भी किया गया। सरकार का कहना है कि सहकारिता व्यवस्था के विस्तार से किसानों को कृषि ऋण और अन्य सुविधाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा किसानों को कृषि ऋण और बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं से राहत देने के लिए ‘कृषक कवच’ जैसी पहल की भी जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने किसान खातों और सोसायटियों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
किसान कल्याण वर्ष में कई योजनाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार किसानों के विकास के लिए 16 विभागों को साथ लेकर काम कर रही है। कृषि के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन, कुक्कुट पालन और सहकारिता जैसे क्षेत्रों को भी किसान आय के वैकल्पिक स्रोतों से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
दिन में 10 घंटे बिजली देने की घोषणा इसी व्यापक किसान कल्याण कार्यक्रम का हिस्सा है। अब इसकी वास्तविक प्रभावशीलता इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार इसे किस समयसीमा में और किस व्यवस्था के तहत प्रदेश के किसानों तक पहुंचाती है।
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