- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- भोपाल
- CM मोहन कैबिनेट का बड़ा ऐलान: 29 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं हुईं मंजूर, कई क्षेत्रों को मिलेगा
CM मोहन कैबिनेट का बड़ा ऐलान: 29 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं हुईं मंजूर, कई क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
भोपाल (म.प्र.)
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कैबिनेट ने 29,540 करोड़ रुपये की योजनाओं को मंजूरी दी। सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और पेंशन योजनाओं पर बड़ा फैसला।
मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने 11 मई को भोपाल में एक बैठक के दौरान बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बैठक में कुल 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, ये फैसले भविष्य की विकास रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
बैठक में वित्त विभाग से संबंधित एक बड़ा निर्णय लिया गया, जिसमें केंद्र के 16वें वित्त आयोग से लोक वित्त पोषित योजनाओं के लिए 15 हजार 598.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह स्वीकृति कोषालय व्यवस्था को सुदृढ़ करने, लंबित देनदारियों के निपटारे, और लेखा प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार जैसे कार्यों के लिए है। यहां आईटी परियोजनाओं और आंतरिक लेखा परीक्षण प्रणाली को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी।
सड़क और शहरी विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के तहत शहरी और नगरीय मार्गों के निर्माण और सुधार के लिए 6 हजार 900 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत शामिल है। इस योजना को स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा के मामले में, कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए राहत देने का भी फैसला किया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 6115.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के गरीब वर्ग के बुजुर्गों को हर महीने 600 रुपये की पेंशन मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना कमजोर वर्ग के लोगों को मदद पहुंचाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी ठोस निवेश किया गया है। सीहोर जिले के बुदनी में नए एमबीबीएस कॉलेज, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 500 बेड का अस्पताल भी बनेगा, जिससे इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा।
नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे लगभग 5200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा दी जाएगी, और 22 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा। न्यायालय परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी 94 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट ने छोटे ठेकेदारों को राहत देते हुए सड़क निर्माण कार्यों में डामर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मासिक मूल्य समायोजन लागू करने का निर्णय भी लिया है। इससे निर्माण कार्यों में रुकावट नहीं आएगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर बढ़ती लागत को देखते हुए जरूरी माना गया है।
कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसमें सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
CM मोहन कैबिनेट का बड़ा ऐलान: 29 हजार करोड़ से ज्यादा की योजनाएं हुईं मंजूर, कई क्षेत्रों को मिलेगा लाभ
भोपाल (म.प्र.)
मुख्यमंत्री मोहन यादव की कैबिनेट ने 11 मई को भोपाल में एक बैठक के दौरान बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बैठक में कुल 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की योजनाओं और परियोजनाओं को मंजूरी दी गई, जो प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि मध्यप्रदेश में बुनियादी ढांचे, सामाजिक सुरक्षा, और स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े पैमाने पर तेजी लाई जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, ये फैसले भविष्य की विकास रणनीति को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं।
बैठक में वित्त विभाग से संबंधित एक बड़ा निर्णय लिया गया, जिसमें केंद्र के 16वें वित्त आयोग से लोक वित्त पोषित योजनाओं के लिए 15 हजार 598.27 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई। यह स्वीकृति कोषालय व्यवस्था को सुदृढ़ करने, लंबित देनदारियों के निपटारे, और लेखा प्रशिक्षण संस्थानों के विस्तार जैसे कार्यों के लिए है। यहां आईटी परियोजनाओं और आंतरिक लेखा परीक्षण प्रणाली को भी आधुनिक बनाने पर जोर दिया गया है, जिससे सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और गति बढ़ेगी।
सड़क और शहरी विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। लोक निर्माण विभाग के तहत शहरी और नगरीय मार्गों के निर्माण और सुधार के लिए 6 हजार 900 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। इसमें नई सड़कों का निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत शामिल है। इस योजना को स्थानीय लोगों को बेहतर यातायात सुविधाएं देने के लिए जरूरी माना जा रहा है।
सामाजिक सुरक्षा के मामले में, कैबिनेट ने वृद्धावस्था पेंशन योजना के लिए राहत देने का भी फैसला किया है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 6115.99 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है, जिससे 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के गरीब वर्ग के बुजुर्गों को हर महीने 600 रुपये की पेंशन मिलेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना कमजोर वर्ग के लोगों को मदद पहुंचाएगी।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में भी ठोस निवेश किया गया है। सीहोर जिले के बुदनी में नए एमबीबीएस कॉलेज, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों के साथ 500 बेड का अस्पताल भी बनेगा, जिससे इस क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाओं में सुधार होगा।
नीमच जिले की खुमानसिंह शिवाजी जलाशय परियोजना के लिए 163.95 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है, जिससे लगभग 5200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा दी जाएगी, और 22 गांवों के किसानों को सीधा लाभ होगा। न्यायालय परिसर में मल्टीलेवल पार्किंग और अन्य निर्माण कार्यों के लिए भी 94 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट ने छोटे ठेकेदारों को राहत देते हुए सड़क निर्माण कार्यों में डामर की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण मासिक मूल्य समायोजन लागू करने का निर्णय भी लिया है। इससे निर्माण कार्यों में रुकावट नहीं आएगी और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी। यह निर्णय वैश्विक स्तर पर बढ़ती लागत को देखते हुए जरूरी माना गया है।
कुल मिलाकर, इस कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णय प्रदेश के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हैं, जिसमें सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई और सामाजिक सुरक्षा जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा।
