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भोपाल में तेज बहाव वाले नाले से बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, आधी रात चला रेस्क्यू
भोपाल,(म.प्र.)
लगातार बारिश के बीच नाले में फंसे बुजुर्ग की पुलिस जवानों ने जान बचाई। मौके पर सीपीआर देकर सांसें लौटाईं और अस्पताल पहुंचाकर समय पर इलाज कराया गया।
भोपाल में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार और रविवार की दरमियानी रात इंसानियत और पुलिस की सतर्कता की एक मिसाल देखने को मिली। हनुमानगंज थाना क्षेत्र में तेज बहाव वाले नाले में फंसे करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान पुलिस जवानों ने जोखिम उठाकर बचा ली। देर रात हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी तेज बहाव और दलदल के बीच उतरकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। समय रहते किए गए इस प्रयास की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे की है। हनुमानगंज थाना की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल स्थित अग्रवाल तिराहा के पास से गुजरते समय उन्हें नाले की तरफ से किसी के मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। दोनों पुलिसकर्मी तुरंत मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग तेज बहाव वाले नाले में गिर गया था। उसके सिर पर चोट भी लगी थी और वह खुद को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लगातार बढ़ते पानी और दलदल के कारण ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। लगातार बारिश के चलते नाले का जलस्तर बढ़ चुका था। पानी का बहाव इतना तेज था कि बुजुर्ग धीरे-धीरे बहते हुए आगे बने संकरे पुल की दिशा में जा रहा था। आसपास की पीली मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी, जिससे वह और ज्यादा फंसता चला गया। हालात हर मिनट गंभीर होते जा रहे थे। यदि कुछ देर और हो जाती तो तेज बहाव उसे काफी दूर तक बहा ले जाता और उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था। स्थिति को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने बिना समय गंवाए खुद नाले में उतरने का फैसला किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बुजुर्ग तक पहुंचकर उसे संभाला ताकि तेज बहाव में वह आगे न बह सके। दूसरी ओर आरक्षक राजेंद्र रघुवंशी ने तुरंत अन्य पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में रात्रि अधिकारी उप निरीक्षक रामसजीवन और एफआरवी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को सुरक्षित नाले से बाहर निकालने में सफल रही। हालांकि बाहर निकालने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने काफी मात्रा में पानी निगल लिया था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में मौके पर मौजूद आरक्षक मोहित शिवहरे ने तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद बुजुर्ग की सांसें सामान्य होने लगीं और उनके मुंह से पानी भी बाहर निकाला गया। प्राथमिक राहत मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने बिना एंबुलेंस का इंतजार किए ऑटो की मदद से उन्हें हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। शुरुआती जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रेस्क्यू और मौके पर दिए गए सीपीआर की वजह से बुजुर्ग की जान बच सकी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि घटना के समय उनके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि जिस तरह बारिश, अंधेरा और तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू किया, वह साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। यदि पुलिस टीम कुछ मिनट देर से पहुंचती तो शायद परिणाम अलग हो सकता था। बारिश के मौसम में भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि तेज बारिश के दौरान उफनते नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें। विशेष रूप से रात के समय ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
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भोपाल में तेज बहाव वाले नाले से बुजुर्ग को पुलिस ने बचाया, आधी रात चला रेस्क्यू
भोपाल,(म.प्र.)
भोपाल में लगातार हो रही बारिश के बीच शनिवार और रविवार की दरमियानी रात इंसानियत और पुलिस की सतर्कता की एक मिसाल देखने को मिली। हनुमानगंज थाना क्षेत्र में तेज बहाव वाले नाले में फंसे करीब 60 वर्षीय बुजुर्ग की जान पुलिस जवानों ने जोखिम उठाकर बचा ली। देर रात हुए इस रेस्क्यू ऑपरेशन का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी तेज बहाव और दलदल के बीच उतरकर बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकालते दिखाई दे रहे हैं। समय रहते किए गए इस प्रयास की वजह से एक बड़ी अनहोनी टल गई। प्राथमिक उपचार के बाद बुजुर्ग को हमीदिया अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत खतरे से बाहर बताई है। घटना शनिवार देर रात करीब 12 बजे की है। हनुमानगंज थाना की चार्ली-2/1 पर तैनात आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके में नियमित गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल स्थित अग्रवाल तिराहा के पास से गुजरते समय उन्हें नाले की तरफ से किसी के मदद के लिए चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। दोनों पुलिसकर्मी तुरंत मौके की ओर दौड़े। वहां पहुंचने पर उन्होंने देखा कि एक बुजुर्ग तेज बहाव वाले नाले में गिर गया था। उसके सिर पर चोट भी लगी थी और वह खुद को बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था, लेकिन लगातार बढ़ते पानी और दलदल के कारण ऐसा कर पाना संभव नहीं हो पा रहा था। लगातार बारिश के चलते नाले का जलस्तर बढ़ चुका था। पानी का बहाव इतना तेज था कि बुजुर्ग धीरे-धीरे बहते हुए आगे बने संकरे पुल की दिशा में जा रहा था। आसपास की पीली मिट्टी दलदल में बदल चुकी थी, जिससे वह और ज्यादा फंसता चला गया। हालात हर मिनट गंभीर होते जा रहे थे। यदि कुछ देर और हो जाती तो तेज बहाव उसे काफी दूर तक बहा ले जाता और उसकी जान बचाना बेहद मुश्किल हो सकता था। स्थिति को देखते हुए आरक्षक मोहित शिवहरे ने बिना समय गंवाए खुद नाले में उतरने का फैसला किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना बुजुर्ग तक पहुंचकर उसे संभाला ताकि तेज बहाव में वह आगे न बह सके। दूसरी ओर आरक्षक राजेंद्र रघुवंशी ने तुरंत अन्य पुलिसकर्मियों और कंट्रोल रूम को सूचना दी। कुछ ही देर में रात्रि अधिकारी उप निरीक्षक रामसजीवन और एफआरवी की टीम भी मौके पर पहुंच गई। सभी ने मिलकर समन्वय के साथ रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस टीम बुजुर्ग को सुरक्षित नाले से बाहर निकालने में सफल रही। हालांकि बाहर निकालने तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। बताया जा रहा है कि उन्होंने काफी मात्रा में पानी निगल लिया था और सांस लेने में भी दिक्कत हो रही थी। ऐसे में मौके पर मौजूद आरक्षक मोहित शिवहरे ने तुरंत सीपीआर देना शुरू किया। कुछ देर की कोशिश के बाद बुजुर्ग की सांसें सामान्य होने लगीं और उनके मुंह से पानी भी बाहर निकाला गया। प्राथमिक राहत मिलने के बाद पुलिसकर्मियों ने बिना एंबुलेंस का इंतजार किए ऑटो की मदद से उन्हें हमीदिया अस्पताल पहुंचाया, ताकि इलाज में कोई देरी न हो। अस्पताल में डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया। शुरुआती जांच के बाद चिकित्सकों ने बताया कि समय पर रेस्क्यू और मौके पर दिए गए सीपीआर की वजह से बुजुर्ग की जान बच सकी। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं। पुलिस ने बताया कि बुजुर्ग की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है, क्योंकि घटना के समय उनके पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने भी पुलिस टीम की सराहना की। लोगों का कहना है कि जिस तरह बारिश, अंधेरा और तेज बहाव के बीच पुलिसकर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर रेस्क्यू किया, वह साहस और कर्तव्यनिष्ठा का उदाहरण है। यदि पुलिस टीम कुछ मिनट देर से पहुंचती तो शायद परिणाम अलग हो सकता था। बारिश के मौसम में भोपाल समेत प्रदेश के कई शहरों में नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के पास दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। प्रशासन लगातार लोगों से अपील कर रहा है कि तेज बारिश के दौरान उफनते नालों और पुल-पुलियों के पास जाने से बचें। विशेष रूप से रात के समय ऐसे स्थानों पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है, क्योंकि पानी की गहराई और बहाव का सही अंदाजा लगाना मुश्किल होता है।
