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कुत्ते को लेकर विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए जहर देने के आरोप
रीवा,(म.प्र.)
रीवा के गढ़ थाना क्षेत्र की घटना, अस्पताल में इलाज के दौरान महिला की मौत; पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वायरल वीडियो के आधार पर कर रही जांच
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के उजनिहाई टोला में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान ममता तिवारी (पत्नी रमेश तिवारी) के रूप में हुई है। घटना 27 जून 2026 की रात की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि कुत्ते को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद रिश्तेदारों ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की और उन्हें जहरीला पदार्थ दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मृतका के बेटे अर्जुन तिवारी ने बताया कि परिवार का अपने दादा, चाचा और चाची के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। उनके मुताबिक शनिवार रात एक कुत्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जहर देने के आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी सच्चाई मेडिकल जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगी। घटना के बाद परिजन ममता तिवारी को तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ममता तिवारी का मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अपने बयान में भी रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पुलिस इस वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच अधिकारी वीडियो को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम किस तरह हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जांच का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष केवल इसी के आधार पर नहीं निकाला जाएगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद नया नहीं था। जानकारी के अनुसार ममता तिवारी ने 2 जून 2026 को भी गढ़ थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। उस आवेदन में उन्होंने कुत्ते को लेकर विवाद, पुरानी रंजिश और जमीन से जुड़े मतभेदों का उल्लेख किया था। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ था। पुलिस अब पुराने आवेदन को भी केस डायरी का हिस्सा बनाकर जांच कर रही है ताकि विवाद की पृष्ठभूमि को समझा जा सके। गढ़ थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। यदि जरूरत पड़ी तो फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका केवल जांच के बाद ही तय की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच एजेंसियों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच पर है। यदि मेडिकल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। वहीं यदि मौत का कारण कुछ और सामने आता है तो उसी आधार पर कानूनी धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी और उसके बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस पुराने विवाद, वायरल वीडियो, अस्पताल में दर्ज कथित अंतिम बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के आरोपों को बिना जांच के सही या गलत नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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कुत्ते को लेकर विवाद के बाद महिला की संदिग्ध मौत, परिजनों ने लगाए जहर देने के आरोप
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले के गढ़ थाना क्षेत्र के उजनिहाई टोला में एक महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान ममता तिवारी (पत्नी रमेश तिवारी) के रूप में हुई है। घटना 27 जून 2026 की रात की बताई जा रही है। परिजनों का आरोप है कि कुत्ते को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद रिश्तेदारों ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की और उन्हें जहरीला पदार्थ दे दिया। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें गंभीर हालत में संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल सभी आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है। मृतका के बेटे अर्जुन तिवारी ने बताया कि परिवार का अपने दादा, चाचा और चाची के साथ लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। उनके मुताबिक शनिवार रात एक कुत्ते को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरुआत में मामला सामान्य बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी ने ममता तिवारी के साथ मारपीट की। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उन्हें जहरीला पदार्थ दिया गया, जिससे उनकी हालत तेजी से बिगड़ गई। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जहर देने के आरोप की पुष्टि अभी नहीं हुई है और इसकी सच्चाई मेडिकल जांच तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सामने आएगी। घटना के बाद परिजन ममता तिवारी को तत्काल संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया और अस्पताल परिसर में बड़ी संख्या में रिश्तेदार और स्थानीय लोग पहुंच गए। परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की अपील की।
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू सामने आया है। ममता तिवारी का मौत से पहले का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। बताया जा रहा है कि अस्पताल में इलाज के दौरान उन्होंने अपने बयान में भी रिंकू तिवारी, नीलू तिवारी और नीलम तिवारी पर मारपीट के आरोप लगाए थे। पुलिस इस वीडियो की सत्यता और परिस्थितियों की जांच कर रही है। जांच अधिकारी वीडियो को अन्य साक्ष्यों के साथ मिलाकर देख रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटनाक्रम किस तरह हुआ था। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो जांच का हिस्सा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष केवल इसी के आधार पर नहीं निकाला जाएगा। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि दोनों परिवारों के बीच विवाद नया नहीं था। जानकारी के अनुसार ममता तिवारी ने 2 जून 2026 को भी गढ़ थाने में एक शिकायती आवेदन दिया था। उस आवेदन में उन्होंने कुत्ते को लेकर विवाद, पुरानी रंजिश और जमीन से जुड़े मतभेदों का उल्लेख किया था। इससे यह संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव लंबे समय से बना हुआ था। पुलिस अब पुराने आवेदन को भी केस डायरी का हिस्सा बनाकर जांच कर रही है ताकि विवाद की पृष्ठभूमि को समझा जा सके। गढ़ थाना पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही दूसरे पक्ष से भी पूछताछ की जाएगी। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को एकत्र कर रही है। यदि जरूरत पड़ी तो फोरेंसिक टीम की भी मदद ली जाएगी। पुलिस का कहना है कि किसी भी व्यक्ति की भूमिका केवल जांच के बाद ही तय की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। जांच एजेंसियों की नजर अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच पर है। यदि मेडिकल रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो जांच उसी दिशा में आगे बढ़ेगी। वहीं यदि मौत का कारण कुछ और सामने आता है तो उसी आधार पर कानूनी धाराओं में बदलाव किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल रिपोर्ट इस मामले की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी होगी और उसके बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पुलिस पुराने विवाद, वायरल वीडियो, अस्पताल में दर्ज कथित अंतिम बयान, मेडिकल रिकॉर्ड और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान सहित सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी पक्ष के आरोपों को बिना जांच के सही या गलत नहीं माना जा सकता। जांच पूरी होने के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
