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भोपाल में रातभर बारिश, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-नदियां उफान पर
Bhopal, MP
MP में बदला मौसम का मिजाज, कई इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसे हालात; राजगढ़-विदिशा समेत 5 जिलों में अति भारी बारिश की चेतावनी
मध्य प्रदेश में मानसून ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे प्रदेश के हिस्सों में अब बादल जमकर बरस रहे हैं। राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।
5 जिलों में सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बेहद तेज बारिश होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर का खतरा भी बना हुआ है।
इन जिलों में भी बरसेंगे बादल
उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
भोपाल में रातभर बारिश, सुबह भी राहत नहीं
राजधानी भोपाल में रविवार रात करीब 9 बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद रातभर कई इलाकों में तेज बारिश होती रही। लगातार पानी गिरने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। सड़कें भी बारिश के पानी से लबालब नजर आईं। सोमवार को भी राजधानी में बादल छाए रहने और बारिश जारी रहने की संभावना है।
दो दिन जमकर बरसेंगे बादल
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियां मजबूत हुई हैं। इसके चलते प्रदेश में अगले करीब दो दिनों तक बारिश का दौर तेज रह सकता है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बन सकता है। ऐसे में 12 और 13 अगस्त को प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मंडला में नर्मदा का रौद्र रूप
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 9 बजे नर्मदा का जलस्तर 435 मीटर था, जो शाम 4 बजे तक बढ़कर 437.6 मीटर पहुंच गया। जलस्तर वार्निंग लेवल को पार कर चुका है। नर्मदा का पानी छोटे पुल यानी रपटा के ऊपर से बह रहा है। नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को एहतियात के तौर पर रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है।
जोहिला डैम के 5 गेट खोले
उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के पांच गेट खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 11 मीटर तक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की नजर बांध और आसपास के इलाकों पर बनी हुई है।
विदिशा में पुल के ऊपर से पानी
विदिशा के पठारी इलाके में बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। पठारी-छपारा मार्ग पर रहटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोगों के पुल पार करने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
बारिश तेज हुई, लेकिन कोटा अभी भी पीछे
प्रदेश में बारिश ने भले ही रफ्तार पकड़ ली हो, लेकिन मानसून का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। मध्य प्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि इस समय तक सामान्य बारिश करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी है। पूर्वी हिस्से में करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 18 प्रतिशत बारिश सामान्य से कम है।
49 जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। वहीं पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
सिर्फ 6 जिले बारिश में आगे
प्रदेश के ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
अब नजर अगले 48 घंटे पर
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का सिस्टम एक्टिव है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, नदियां उफान पर हैं और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।
भोपाल में रातभर बारिश, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; नर्मदा-नदियां उफान पर
Bhopal, MP
मध्य प्रदेश में मानसून ने अचानक रफ्तार पकड़ ली है। कई दिनों से बारिश का इंतजार कर रहे प्रदेश के हिस्सों में अब बादल जमकर बरस रहे हैं। राजधानी भोपाल में रविवार रात से शुरू हुई तेज बारिश सोमवार सुबह तक जारी रही। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में अगले 24 घंटे के दौरान करीब 8 इंच तक बारिश होने की संभावना है।
5 जिलों में सबसे बड़ा खतरा
मौसम विभाग ने राजगढ़, विदिशा, सीहोर, हरदा और देवास में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बेहद तेज बारिश होने के साथ निचले इलाकों में जलभराव और नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर का खतरा भी बना हुआ है।
इन जिलों में भी बरसेंगे बादल
उज्जैन, आगर-मालवा, शाजापुर, खंडवा, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, जबलपुर, गुना, शिवपुरी और श्योपुर में भारी बारिश का अलर्ट है।
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, झाबुआ, नीमच, मंदसौर, रतलाम, ग्वालियर, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, कटनी, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।
भोपाल में रातभर बारिश, सुबह भी राहत नहीं
राजधानी भोपाल में रविवार रात करीब 9 बजे बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। इसके बाद रातभर कई इलाकों में तेज बारिश होती रही। लगातार पानी गिरने से निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी। सड़कें भी बारिश के पानी से लबालब नजर आईं। सोमवार को भी राजधानी में बादल छाए रहने और बारिश जारी रहने की संभावना है।
दो दिन जमकर बरसेंगे बादल
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक के मुताबिक लो प्रेशर एरिया के प्रभाव से मानसूनी गतिविधियां मजबूत हुई हैं। इसके चलते प्रदेश में अगले करीब दो दिनों तक बारिश का दौर तेज रह सकता है। इसके बाद 11 अगस्त के आसपास उत्तर बंगाल की खाड़ी और पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने की संभावना है। इसके प्रभाव से 13 अगस्त के आसपास एक नया लो प्रेशर एरिया बन सकता है। ऐसे में 12 और 13 अगस्त को प्रदेश में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।
मंडला में नर्मदा का रौद्र रूप
मंडला में नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। रविवार सुबह 9 बजे नर्मदा का जलस्तर 435 मीटर था, जो शाम 4 बजे तक बढ़कर 437.6 मीटर पहुंच गया। जलस्तर वार्निंग लेवल को पार कर चुका है। नर्मदा का पानी छोटे पुल यानी रपटा के ऊपर से बह रहा है। नदी किनारे रहने वाले सात परिवारों को एहतियात के तौर पर रैन बसेरा में शिफ्ट किया गया है।
जोहिला डैम के 5 गेट खोले
उमरिया में संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के जोहिला डैम के पांच गेट खोल दिए गए हैं। बांध से करीब 11 मीटर तक पानी छोड़ा जा रहा है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की नजर बांध और आसपास के इलाकों पर बनी हुई है।
विदिशा में पुल के ऊपर से पानी
विदिशा के पठारी इलाके में बारिश के बाद नदी-नाले उफान पर हैं। पठारी-छपारा मार्ग पर रहटी नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। तेज बहाव के बावजूद लोगों के पुल पार करने से हादसे का खतरा बना हुआ है।
बारिश तेज हुई, लेकिन कोटा अभी भी पीछे
प्रदेश में बारिश ने भले ही रफ्तार पकड़ ली हो, लेकिन मानसून का कुल आंकड़ा अभी भी सामान्य से नीचे है। मध्य प्रदेश में अब तक करीब 17.8 इंच यानी 453 मिलीमीटर बारिश हुई है। जबकि इस समय तक सामान्य बारिश करीब 22 इंच यानी 560 मिलीमीटर होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अभी भी करीब 19 प्रतिशत बारिश की कमी है। पूर्वी हिस्से में करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 18 प्रतिशत बारिश सामान्य से कम है।
49 जिलों में बारिश की कमी
प्रदेश के कई जिलों में अब भी सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी हिस्से में जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे है। वहीं पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में बारिश की कमी बनी हुई है।
सिर्फ 6 जिले बारिश में आगे
प्रदेश के ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में अब तक औसत से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
अब नजर अगले 48 घंटे पर
मध्य प्रदेश में फिलहाल बारिश का सिस्टम एक्टिव है। कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, नदियां उफान पर हैं और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में अगले 48 घंटे प्रदेश के लिए बेहद अहम रहने वाले हैं।
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