सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, 1649 चिकित्सक जल्द करेंगे ज्वाइन

Bhopal, MP

एमपीपीएससी ने जारी किया रिजल्ट 

मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी अब दूर होने वाली है। इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा 1649 डॉक्टरों का चयन किया गया है। चयनित डॉक्टर काउंसलिंग के बाद जल्द ही सरकारी अस्पतालों में ज्वाइन करेंगे। जानकारी अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मेडिकल ऑफीसर के करीब 1800 पदों पर भर्ती के लिए एमपीपीएससी को जिम्मेदारी दी थी। एमपीपीएससी ने इस प्रक्रिया को पूरा करते हुए शुक्रवार को रिजल्ट जारी किया है। इसमें कुल 1649 चिकित्सकों का चयन मेडिकल ऑफीसर के पद पर हुआ है। आयोग ने कुल 1649 पदों के लिए मुख्य भाग (87 प्रतिशत) की चयन सूची घोषित की है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार चिकित्सा अधिकारी के कुल 1832 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई थी। इनमें अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पद शामिल हैं।
 
चार महीने तक चली साक्षात्कार प्रक्रिया
एमपीपीएससी से मिली जानकारी अनुसार पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 27 जनवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित किए गए थे। इसके बाद प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर मुख्य चयन सूची तैयार की गई। जारी पद विवरण के अनुसार चयन सूची में विभिन्न वर्गों के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित पद भी शामिल किए गए हैं। आयोग ने श्रेणीवार चयन सूची जारी करते हुए अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर परिणाम देखने की सलाह दी है।
 
13 फीसदी पदों के लिए बाद में आएगा परिणाम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशों के तहत फिलहाल 87 प्रतिशत पदों का परिणाम घोषित किया गया है, जबकि शेष 13 प्रतिशत पदों की चयन प्रक्रिया अलग से पूरी की जाएगी। इन पदों का परिणाम बाद में जारी होगा। भर्ती में कुछ पद विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आरक्षित रखे गए हैं। आयोग के अनुसार चयन पूरी तरह मेरिट एवं आरक्षण नियमों के आधार पर किया गया है। 
 
ग्रामीण क्षेत्र में भेजे जाएंगे डॉक्टर
मप्र के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की भारी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इतने बड़े पैमाने पर चिकित्सकों की भर्ती की है। इन चिकित्सकों की पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल के साथ साथ संजीवनी क्लीनिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी। मप्र के दूरस्थ जिले जैसे बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, शहडोल, कटनी जैसे जिलों में चिकित्सकों को पदस्थापना दी जाएगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो सकें। 
 
डिप्टी सीएम ने दिए थे जल्द भर्ती के निर्देश
सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए उप स्वास्थ्य मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने विभाग को निर्देश दिए थे। उन्होंने बीते एक साल में कई बार विभाग की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देशित किया था कि रिक्त पदों पर जल्द से जल्द नए चिकित्सकों की भर्ती की जाए। 
 
मेडिकल ऑफीसर के 5400 पद स्वीकृत
मप्र के स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफीसर के करीब 5400 पद स्वीकृत हैं। दो साल पहले तक इनमें से करीब 4 हजार पद भरे थे, जबकि 1400 के आस पास पद खाली थे। इन्हें भरने के लिए प्रक्रिया शुरू भी की गई थी। विभाग ने 895 पदों पर भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा एमपीपीएससी को दिया था। उस समय जो प्रक्रिया हुई थी, उसमें सभी पदों के लिए चिकित्सक नहीं मिले थे। यही कारण है कि पिछले वर्ष एक बार फिर बड़ी संख्या में चिकित्सकों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई।

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09 May 2026 By दैनिक जागरण

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी होगी दूर, 1649 चिकित्सक जल्द करेंगे ज्वाइन

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मध्य प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी अब दूर होने वाली है। इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग द्वारा 1649 डॉक्टरों का चयन किया गया है। चयनित डॉक्टर काउंसलिंग के बाद जल्द ही सरकारी अस्पतालों में ज्वाइन करेंगे। जानकारी अनुसार स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में मेडिकल ऑफीसर के करीब 1800 पदों पर भर्ती के लिए एमपीपीएससी को जिम्मेदारी दी थी। एमपीपीएससी ने इस प्रक्रिया को पूरा करते हुए शुक्रवार को रिजल्ट जारी किया है। इसमें कुल 1649 चिकित्सकों का चयन मेडिकल ऑफीसर के पद पर हुआ है। आयोग ने कुल 1649 पदों के लिए मुख्य भाग (87 प्रतिशत) की चयन सूची घोषित की है। आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार चिकित्सा अधिकारी के कुल 1832 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की गई थी। इनमें अनारक्षित, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पद शामिल हैं।
 
चार महीने तक चली साक्षात्कार प्रक्रिया
एमपीपीएससी से मिली जानकारी अनुसार पात्र अभ्यर्थियों के साक्षात्कार 27 जनवरी से 10 अप्रैल तक आयोजित किए गए थे। इसके बाद प्राप्त अंकों की मेरिट के आधार पर मुख्य चयन सूची तैयार की गई। जारी पद विवरण के अनुसार चयन सूची में विभिन्न वर्गों के साथ महिलाओं के लिए आरक्षित पद भी शामिल किए गए हैं। आयोग ने श्रेणीवार चयन सूची जारी करते हुए अभ्यर्थियों को वेबसाइट पर परिणाम देखने की सलाह दी है।
 
13 फीसदी पदों के लिए बाद में आएगा परिणाम
आयोग ने स्पष्ट किया है कि शासन के निर्देशों के तहत फिलहाल 87 प्रतिशत पदों का परिणाम घोषित किया गया है, जबकि शेष 13 प्रतिशत पदों की चयन प्रक्रिया अलग से पूरी की जाएगी। इन पदों का परिणाम बाद में जारी होगा। भर्ती में कुछ पद विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए भी आरक्षित रखे गए हैं। आयोग के अनुसार चयन पूरी तरह मेरिट एवं आरक्षण नियमों के आधार पर किया गया है। 
 
ग्रामीण क्षेत्र में भेजे जाएंगे डॉक्टर
मप्र के ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सकों की भारी कमी है। इस कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने इतने बड़े पैमाने पर चिकित्सकों की भर्ती की है। इन चिकित्सकों की पदस्थापना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, जिला अस्पताल के साथ साथ संजीवनी क्लीनिक और उप स्वास्थ्य केंद्रों पर होगी। मप्र के दूरस्थ जिले जैसे बड़वानी, अलीराजपुर, झाबुआ, शहडोल, कटनी जैसे जिलों में चिकित्सकों को पदस्थापना दी जाएगी। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हो सकें। 
 
डिप्टी सीएम ने दिए थे जल्द भर्ती के निर्देश
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मेडिकल ऑफीसर के 5400 पद स्वीकृत
मप्र के स्वास्थ्य विभाग में मेडिकल ऑफीसर के करीब 5400 पद स्वीकृत हैं। दो साल पहले तक इनमें से करीब 4 हजार पद भरे थे, जबकि 1400 के आस पास पद खाली थे। इन्हें भरने के लिए प्रक्रिया शुरू भी की गई थी। विभाग ने 895 पदों पर भर्ती प्रक्रिया का जिम्मा एमपीपीएससी को दिया था। उस समय जो प्रक्रिया हुई थी, उसमें सभी पदों के लिए चिकित्सक नहीं मिले थे। यही कारण है कि पिछले वर्ष एक बार फिर बड़ी संख्या में चिकित्सकों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई।
https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/bhopal/shortage-of-doctors-in-government-hospitals-will-be-overcome-1649/article-52953

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