- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- ग्वालियर में ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी का बड़ा खुलासा, विदेशी महिला बनकर जाल बिछाया
ग्वालियर में ऑनलाइन ट्रेडिंग ठगी का बड़ा खुलासा, विदेशी महिला बनकर जाल बिछाया
ग्वालियर (म.प्र.)
सोशल मीडिया दोस्ती से शुरू हुई ठगी में बुजुर्ग कारोबारी से 1.41 करोड़ की ठगी, 12 राज्यों के 30 से अधिक खातों में हुआ पैसों का बंटवारा
ग्वालियर।मध्यप्रदेश के ग्वालियर में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर एक बुजुर्ग कारोबारी से 1.41 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शुरुआती जांच में खुलासा हुआ है कि ठगी की यह रकम देश के 12 राज्यों के 20 से अधिक शहरों में स्थित 30 से ज्यादा बैंक खातों में 74 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए भेजी गई। मामले के उजागर होते ही साइबर पुलिस ने जांच तेज कर दी है और बड़े लेनदेन वाले खातों को प्राथमिकता के आधार पर खंगाला जा रहा है।
पीड़ित कारोबारी शहर के एक औद्योगिक क्षेत्र में पैकेजिंग से जुड़े व्यवसाय से लंबे समय से जुड़े हुए हैं। वर्ष 2025 में उनकी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक महिला प्रोफाइल से दोस्ती हुई। महिला ने खुद को विदेश में रहने वाली बताकर बातचीत शुरू की और धीरे-धीरे ऑनलाइन निवेश से जुड़े लाभों की जानकारी देने लगी। भरोसा कायम होने के बाद कारोबारी को एक कथित ट्रेडिंग वेबसाइट के माध्यम से निवेश करने के लिए प्रेरित किया गया।
जांच के अनुसार, सितंबर 2025 से अगले कुछ महीनों तक कारोबारी से अलग-अलग चरणों में रकम जमा कराई गई। हर बार अधिक मुनाफे का लालच दिया गया और तकनीकी शब्दावली व प्रोफेशनल संवाद के जरिए निवेश को सुरक्षित बताया गया। खास बात यह रही कि बातचीत का अधिकांश हिस्सा वेबसाइट के मैसेज सिस्टम और ई-मेल के माध्यम से किया गया, जिससे पीड़ित को यह प्रक्रिया वैध प्रतीत हुई।
जब कारोबारी ने अपनी राशि निकालने का प्रयास किया, तो तकनीकी कारण बताकर टालमटोल शुरू हो गई। इसके कुछ समय बाद संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट और संपर्क माध्यम पूरी तरह निष्क्रिय हो गए। इसके बाद पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर जांच शुरू हुई।
साइबर विशेषज्ञों की पड़ताल में सामने आया कि ठगी की रकम कई राज्यों में फैले खातों में भेजी गई। इनमें उत्तर, पश्चिम, दक्षिण और मध्य भारत के बैंक खाते शामिल हैं। कुछ खातों में एक ही दिन में लाखों रुपये का लेनदेन हुआ है। विशेष रूप से उन खातों पर नजर रखी जा रही है, जहां 10 लाख रुपये या उससे अधिक की राशि ट्रांसफर हुई है। कुछ बैंकों और शहरों को लेकर जांच टीमें मौके पर भेजे जाने की तैयारी में हैं।
पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित साइबर ठगी नेटवर्क का मामला हो सकता है, जिसमें फर्जी पहचान, विदेशी लोकेशन का दावा और प्रोफेशनल वेबसाइट का इस्तेमाल किया गया। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, आईपी एड्रेस और बैंकिंग विवरण के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं।
साइबर पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खातों और ट्रांजेक्शन की पूरी चेन चिन्हित कर ली गई है। आने वाले दिनों में कई राज्यों में समन्वित कार्रवाई की संभावना है। यह मामला एक बार फिर ऑनलाइन निवेश में सतर्कता और सोशल मीडिया पर अजनबियों से जुड़ाव के जोखिम को रेखांकित करता है।
-------------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए!
