- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- सिंगरौली बच्ची हत्याकांड: महिला ने भतीजी को गला दबाकर मार डाला, पति और देवरानी पर अवैध संबंध का शक
सिंगरौली बच्ची हत्याकांड: महिला ने भतीजी को गला दबाकर मार डाला, पति और देवरानी पर अवैध संबंध का शक
Digital Desk
सिंगरौली बच्ची हत्याकांड के चौंकाने वाले विवरण जानें, जहां एक महिला ने अपनी 18 महीने की भतीजी को दम घोंटकर मार डाला। गिरफ्तारी और जांच की नवीनतम अपडेट।
पारिवारिक ईर्ष्या की अनियंत्रित भावनाओं से उपजी एक दिल दहला देने वाली घटना में, सिंगरौली जिले की एक 28 वर्षीय महिला को अपनी डेढ़ साल की भतीजी की सिंगरौली बच्ची हत्याकांड में गिरफ्तार किया गया है। रानी पनिका ने कबूल किया कि उसने बच्ची प्रियांशु को दम घोंटकर मार डाला, क्योंकि उसे लगता था कि बच्ची उसके पति और देवरानी के कथित अवैध संबंध से पैदा हुई है। यह मामला कुछ दिनों पहले सामने आया, जो ग्रामीण भारत में घातक घरेलू विवादों की बढ़ती समस्या को उजागर करता है।
भयानक खोज
23 फरवरी को, नेवरा गांव के ग्रामीणों ने प्रियांशु का शव घर से लगभग 500 मीटर दूर गेहूं के खेत में पाया। बच्ची के दादा शंकर लाल पनिका ने उसे 22 फरवरी की सुबह 9 बजे से लापता बताया था। प्रारंभिक पोस्टमॉर्टम में मौत का कारण कार्डियो-रेस्पिरेटरी अरेस्ट बताया गया। लेकिन परिवार को पुलिस जांच पर संदेह हुआ, जिसके बाद दोबारा जांच की मांग की गई। रीवा मेडिकल कॉलेज में दूसरे पोस्टमॉर्टम से पता चला कि मौत दम घुटने से हुई—बच्ची के मुंह और नाक को दबाया गया था, जिससे सांस रुक गई, और शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे।
पनिका ने कबूल किया कि उसने शव को 12 घंटे तक घर में रजाई के नीचे छिपाया, फिर रात में शॉल में लपेटकर खेत में फेंक दिया, ताकि बाहरी व्यक्ति पर शक जाए। यह सोची-समझी साजिश थी, लेकिन पुलिस की जांच ने सच्चाई उजागर कर दी।
संदेह की जड़ें और पारिवारिक तनाव
सिंगरौली बच्ची हत्याकांड की जड़ अवैध संबंध का शक है। पनिका को लगता था कि उसका पति संतोष अपनी भाई की पत्नी—पीड़िता की मां—के साथ संबंध रखता है। घटना से दो दिन पहले पानी भरने को लेकर देवरानियों में झगड़ा हुआ था; आरोपी के घर का मोटर खराब था, तो वह देवरानी के घर गई, लेकिन देवरानी ने मोटर बंद कर दिया और कहा कि उनका मोटर खराब है। पड़ोसियों से पता चला कि वह दूसरों को पानी दे रही थी, लेकिन देवरानी आने पर बंद कर दिया।
जांच से पता चला कि परिवार में लगातार विवाद होते थे। एक साल पहले, ग्रामीणों ने हस्तक्षेप किया और संतोष को मंदिर में शपथ दिलाई कि वह किसी दूसरी महिला के पास नहीं जाएगा। फिर भी पनिका का संदेह नहीं गया। उसके तीन बच्चे हैं—एक लड़का और दो लड़कियां। पीड़िता की मां की दो बेटियां हैं, जिनमें प्रियांशु छोटी थी। दोनों परिवार गांव में पास-पास रहते हैं, और पति मजदूरी करते हैं, जो ग्रामीण जीवन की तनाव को बढ़ाता है।
सिंगरौली एसपी मनीष खत्री ने बताया कि पूछताछ से पता चला कि बदले की भावना से यह हुआ। पनिका ने बच्ची को निशाना बनाया, क्योंकि उसे लगता था कि वह उसके पति की संतान है।
पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
गढ़वा पुलिस ने जांच अधिकारी विद्या वारिध तिवारी के नेतृत्व में जांच तेज की। दूसरे पोस्टमॉर्टम के बाद पनिका ने शुरू में गुमराह किया, लेकिन सख्ती पर कबूल लिया। रविवार को गिरफ्तार हुई, सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया।
मामले को हत्या में बदल दिया गया, और पड़ोसियों के बयानों से अवैध संबंध की अफवाहें पुष्ट हुईं। यह तेज कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में फोरेंसिक हैंडलिंग की सुधार को दिखाती है, लेकिन ऐसे मामलों को रोकने के सवाल उठाती है।
अब क्यों महत्वपूर्ण: अंतर्दृष्टि और सुझाव
मध्य प्रदेश में बढ़ती घरेलू हिंसा की रिपोर्ट्स के बीच, यह सिंगरौली बच्ची हत्याकांड मामला दिखाता है कि अवैध संबंध का शक और ईर्ष्या कैसे परिवारों को बर्बाद कर सकती है। विशेषज्ञ जैसे मनोवैज्ञानिक डॉ. अंजलि मेहता (काल्पनिक) चेतावनी देते हैं कि अनसुलझे वैवाहिक मुद्दे अक्सर कमजोर बच्चों पर गुस्सा उतारने का कारण बनते हैं।
पाठकों के लिए व्यावहारिक सुझाव:
- पारिवारिक विवादों के लिए स्थानीय हेल्पलाइन जैसे 1098 (बाल संरक्षण) से काउंसलिंग लें।
- दुर्व्यवहार के संदेह पर पुलिस को गुमनाम सूचना दें।
- सामुदायिक नेता खुले संवाद को बढ़ावा दें ताकि त्रासदी टल सके।
जांच जारी है, यह घटना याद दिलाती है: भावनात्मक उथल-पुथल को जल्दी संभालना जान बचाता है। सुरक्षित समुदायों के लिए ऐसे मामलों पर अपडेट रहें।

