- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- दतिया उपचुनाव में पलटा मुकाबला: चौथे राउंड के बाद कांग्रेस 611 वोट से आगे, बीजेपी पर बढ़ा दबाव
दतिया उपचुनाव में पलटा मुकाबला: चौथे राउंड के बाद कांग्रेस 611 वोट से आगे, बीजेपी पर बढ़ा दबाव
दतिया,(म.प्र.)
मतगणना जारी, शुरुआती बढ़त के बाद बीजेपी पीछे; कांग्रेस प्रत्याशी ने 12 से 15 हजार वोटों से जीत का जताया दावा, नरोत्तम मिश्रा बोले- हमारी मेहनत जरूर रंग लाएगी
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना रोमांचक दौर में पहुंच गई है। शुरुआती रुझानों में बढ़त बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी को चौथे राउंड तक झटका लगा है। मतगणना के चार चरण पूरे होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 611 वोटों की बढ़त हासिल कर ली है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, दोनों प्रमुख दलों के समर्थकों की नजरें हर राउंड के नतीजों पर टिकी हुई हैं। हालांकि यह उपचुनाव राज्य की सरकार के गठन या सत्ता परिवर्तन पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दतिया का परिणाम आगामी राजनीतिक रणनीतियों और 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है।
चौथे राउंड तक कांग्रेस मजबूत स्थिति में
मतगणना के शुरुआती चरण में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी आगे चल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे ईवीएम के राउंड खुले, कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने लगातार बढ़त बनानी शुरू कर दी। चौथे राउंड की समाप्ति तक कांग्रेस 611 वोटों से आगे निकल गई। मतगणना केंद्र के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया, जबकि भाजपा समर्थक अंतिम नतीजों तक धैर्य बनाए रखने की बात कह रहे हैं। प्रशासन की ओर से मतगणना प्रक्रिया पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।
घनश्याम सिंह ने जताया बड़ी जीत का भरोसा
मतगणना के बीच कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपनी जीत को लेकर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और अंतिम परिणाम में कांग्रेस 12 से 15 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें हर वर्ग का समर्थन मिला और मतदाता विकास तथा जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस के साथ खड़े हुए हैं। उनके इस दावे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया है।
बीजेपी ने जताया अंतिम नतीजे पर भरोसा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणाम आने तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत जरूर रंग लाएगी और अंतिम नतीजा पार्टी के पक्ष में आएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण राउंड की गिनती बाकी है और अंतिम परिणाम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ है।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े एक मामले में अदालत ने दो वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और सीट रिक्त घोषित कर दी गई। निर्वाचन आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार किया।
2023 का चुनाव भी रहा था चर्चाओं में
दतिया सीट पिछले विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल रही थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। उस जीत को कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी मजबूत वापसी का संकेत बताया था, जबकि भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका माना गया था।
कांग्रेस में कलह भी बनी चर्चा का विषय
उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौजूदा कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए। राजेंद्र भारती ने यह भी कहा कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में वह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएंगे। इन बयानों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत
दतिया उपचुनाव का परिणाम आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी प्रभाव डाल सकता है। कांग्रेस इस जीत को संगठन में नई ऊर्जा के रूप में पेश करना चाहेगी, जबकि भाजपा के लिए यह सीट अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की परीक्षा बन गई है। दोनों दल इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले मुकाबले के रूप में देख रहे हैं।
Recommended for You
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
दतिया उपचुनाव में पलटा मुकाबला: चौथे राउंड के बाद कांग्रेस 611 वोट से आगे, बीजेपी पर बढ़ा दबाव
दतिया,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव की मतगणना रोमांचक दौर में पहुंच गई है। शुरुआती रुझानों में बढ़त बनाने वाली भारतीय जनता पार्टी को चौथे राउंड तक झटका लगा है। मतगणना के चार चरण पूरे होने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने 611 वोटों की बढ़त हासिल कर ली है। जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ रही है, दोनों प्रमुख दलों के समर्थकों की नजरें हर राउंड के नतीजों पर टिकी हुई हैं। हालांकि यह उपचुनाव राज्य की सरकार के गठन या सत्ता परिवर्तन पर कोई प्रभाव नहीं डालेगा, लेकिन इसके राजनीतिक मायने काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दतिया का परिणाम आगामी राजनीतिक रणनीतियों और 2028 के विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला संकेत भी माना जा रहा है।
चौथे राउंड तक कांग्रेस मजबूत स्थिति में
मतगणना के शुरुआती चरण में भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी आगे चल रहे थे, लेकिन जैसे-जैसे ईवीएम के राउंड खुले, कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने लगातार बढ़त बनानी शुरू कर दी। चौथे राउंड की समाप्ति तक कांग्रेस 611 वोटों से आगे निकल गई। मतगणना केंद्र के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल दिखाई दिया, जबकि भाजपा समर्थक अंतिम नतीजों तक धैर्य बनाए रखने की बात कह रहे हैं। प्रशासन की ओर से मतगणना प्रक्रिया पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।
घनश्याम सिंह ने जताया बड़ी जीत का भरोसा
मतगणना के बीच कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने अपनी जीत को लेकर पूरा विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान किया है और अंतिम परिणाम में कांग्रेस 12 से 15 हजार वोटों के अंतर से जीत दर्ज करेगी। कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्हें हर वर्ग का समर्थन मिला और मतदाता विकास तथा जनहित के मुद्दों पर कांग्रेस के साथ खड़े हुए हैं। उनके इस दावे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह और बढ़ गया है।
बीजेपी ने जताया अंतिम नतीजे पर भरोसा
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि मतगणना अभी जारी है और अंतिम परिणाम आने तक कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा कार्यकर्ताओं की मेहनत जरूर रंग लाएगी और अंतिम नतीजा पार्टी के पक्ष में आएगा। भाजपा नेताओं का कहना है कि अभी कई महत्वपूर्ण राउंड की गिनती बाकी है और अंतिम परिणाम तक मुकाबला पूरी तरह खुला हुआ है।
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया गया क्योंकि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को सहकारी ग्रामीण विकास बैंक से जुड़े एक मामले में अदालत ने दो वर्ष की सजा सुनाई थी। सजा के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और सीट रिक्त घोषित कर दी गई। निर्वाचन आयोग ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत इस सीट पर उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा दोनों ने पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार किया।
2023 का चुनाव भी रहा था चर्चाओं में
दतिया सीट पिछले विधानसभा चुनाव में भी प्रदेश की सबसे चर्चित सीटों में शामिल रही थी। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को 7,742 वोटों से हराकर बड़ा राजनीतिक उलटफेर किया था। उस जीत को कांग्रेस ने प्रदेश में अपनी मजबूत वापसी का संकेत बताया था, जबकि भाजपा के लिए यह एक बड़ा झटका माना गया था।
कांग्रेस में कलह भी बनी चर्चा का विषय
उपचुनाव के दौरान कांग्रेस के भीतर आंतरिक मतभेद भी खुलकर सामने आए। पार्टी ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त कर दी थी। इसके बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से मौजूदा कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ने जैसे गंभीर आरोप लगाए। राजेंद्र भारती ने यह भी कहा कि वर्ष 2028 के विधानसभा चुनाव में वह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाएंगे। इन बयानों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर भी राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी।
2028 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत
दतिया उपचुनाव का परिणाम आगामी 2028 विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर भी प्रभाव डाल सकता है। कांग्रेस इस जीत को संगठन में नई ऊर्जा के रूप में पेश करना चाहेगी, जबकि भाजपा के लिए यह सीट अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखने की परीक्षा बन गई है। दोनों दल इस उपचुनाव को सिर्फ एक विधानसभा सीट का चुनाव नहीं, बल्कि भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने वाले मुकाबले के रूप में देख रहे हैं।
