- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां
पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां
भोपाल (म.प्र.)
पीएम मोदी की अपील के बाद कई राज्यों में वीआईपी काफिले और सरकारी वाहनों में कटौती, ईंधन बचत और ई-वाहनों को बढ़ावा दिया गया।
पीएम मोदी की अपील के बाद, देश के कई राज्यों में वीआईपी सुरक्षा व काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम हो रही है। मिडिल ईस्ट संकट के चलते, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव को देखते हुए, केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन बचाने के लिए कदम उठा रही हैं। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या लगभग आधी कर दी है और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। साथ ही, ये निर्देश भी दिए गए हैं कि नए फ्यूल-आधारित वाहनों की खरीद से बचने की कोशिश की जाए, जहां संभव हो।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने सुरक्षा काफिले में भारी कटौती की है, और अब उनके साथ चलने वाले वाहनों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। इसके अलावा, कई केंद्रीय मंत्रालयों ने भी अपने स्तर पर ईंधन बचाने के उपाय लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ राज्यों में, प्रशासनिक बैठकें और कामकाज डिजिटल मोड में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बीजेपी शासित राज्यों ने इस पहल को गंभीरता से लेते हुए काफिले और सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से अनुरोध किया है कि अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें और दौरे पर बेवजह गाड़ियों की लंबी कतारें न लगाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों में करीब 50 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा है कि एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाया जाए और सरकारी बैठकों को जहां तक संभव हो, ऑनलाइन किया जाए। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और आधिकारिक कार्यों के लिए अनावश्यक वाहनों का उपयोग न किया जाए।
दिल्ली में भी इस दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। भाजपा नेता रेखा गुप्ता के अनुसार, मंत्रियों और विधायकों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगाते हुए यह व्यवस्था लागू की है कि मंत्रियों को सरकारी विमानों के उपयोग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। गुजरात के राज्यपाल ने उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की है कि वे अब राज्य की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर या विमान के बजाय ट्रेन और बस का उपयोग करेंगे। बिहार में भी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने का फैसला किया है और अनावश्यक आधिकारिक यात्राओं से बचने का निर्णय लिया है।
इस बीच, कई नेताओं और मंत्रियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी ईंधन बचाने के उदाहरण पेश किए हैं। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटर चलाते नजर आए, और उन्होंने कहा कि यह कदम पीएम की अपील के बाद लिया गया है ताकि पेट्रोल की बचत की जा सके। वहीं, कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी मेट्रो और ई-रिक्शा से सरकारी कार्यों के लिए यात्रा कर ईंधन बचत का संदेश दिया है। कुल मिलाकर, केंद्र और राज्यों की यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में तब्दील होती नजर आ रही है, जिसमें सरकारी तंत्र में ईंधन की खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
पीएम मोदी की अपील का असर, CM मोहन यादव ने घटाईं अपने काफिले की गाड़ियां
भोपाल (म.प्र.)
पीएम मोदी की अपील के बाद, देश के कई राज्यों में वीआईपी सुरक्षा व काफिले में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या कम हो रही है। मिडिल ईस्ट संकट के चलते, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर प्रभाव को देखते हुए, केंद्र और राज्य सरकारें ईंधन बचाने के लिए कदम उठा रही हैं। खबरों के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या लगभग आधी कर दी है और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने पर ध्यान दिया है। साथ ही, ये निर्देश भी दिए गए हैं कि नए फ्यूल-आधारित वाहनों की खरीद से बचने की कोशिश की जाए, जहां संभव हो।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी अपने सुरक्षा काफिले में भारी कटौती की है, और अब उनके साथ चलने वाले वाहनों की संख्या आधी से भी कम रह गई है। इसके अलावा, कई केंद्रीय मंत्रालयों ने भी अपने स्तर पर ईंधन बचाने के उपाय लागू करना शुरू कर दिया है। कुछ राज्यों में, प्रशासनिक बैठकें और कामकाज डिजिटल मोड में बदलने की प्रक्रिया तेज हो गई है। शुरुआती रिपोर्ट्स के अनुसार, कई बीजेपी शासित राज्यों ने इस पहल को गंभीरता से लेते हुए काफिले और सरकारी वाहनों की संख्या कम करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने काफिले की गाड़ियों की संख्या 13 से घटाकर 8 कर दी है। उन्होंने मंत्रियों से अनुरोध किया है कि अनावश्यक वाहनों का उपयोग न करें और दौरे पर बेवजह गाड़ियों की लंबी कतारें न लगाएं। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने काफिले, मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के वाहनों में करीब 50 प्रतिशत की कटौती का आदेश दिया है। इसके साथ ही, उन्होंने कहा है कि एक दिन 'नो व्हीकल डे' मनाया जाए और सरकारी बैठकों को जहां तक संभव हो, ऑनलाइन किया जाए। राजस्थान में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सुरक्षा और आधिकारिक कार्यों के लिए अनावश्यक वाहनों का उपयोग न किया जाए।
दिल्ली में भी इस दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। भाजपा नेता रेखा गुप्ता के अनुसार, मंत्रियों और विधायकों को कम से कम वाहनों के इस्तेमाल और कारपूलिंग को बढ़ावा देने के लिए कहा गया है। महाराष्ट्र सरकार ने गैर-जरूरी हवाई यात्राओं पर रोक लगाते हुए यह व्यवस्था लागू की है कि मंत्रियों को सरकारी विमानों के उपयोग के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से अनुमति लेनी होगी। गुजरात के राज्यपाल ने उदाहरण पेश करते हुए घोषणा की है कि वे अब राज्य की यात्रा के लिए हेलीकॉप्टर या विमान के बजाय ट्रेन और बस का उपयोग करेंगे। बिहार में भी उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने का फैसला किया है और अनावश्यक आधिकारिक यात्राओं से बचने का निर्णय लिया है।
इस बीच, कई नेताओं और मंत्रियों ने व्यक्तिगत स्तर पर भी ईंधन बचाने के उदाहरण पेश किए हैं। मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ई-स्कूटर चलाते नजर आए, और उन्होंने कहा कि यह कदम पीएम की अपील के बाद लिया गया है ताकि पेट्रोल की बचत की जा सके। वहीं, कुछ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी ई-रिक्शा और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करना शुरू कर दिया है। दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने भी मेट्रो और ई-रिक्शा से सरकारी कार्यों के लिए यात्रा कर ईंधन बचत का संदेश दिया है। कुल मिलाकर, केंद्र और राज्यों की यह पहल धीरे-धीरे एक बड़े अभियान में तब्दील होती नजर आ रही है, जिसमें सरकारी तंत्र में ईंधन की खपत कम करने पर जोर दिया जा रहा है।
