पिता ने बेटी की गला घोंटकर हत्या की, भाइयों ने जलाया शव, 26 दिन बाद खुला जूली मर्डर केस का राज

डबरा, ग्वालियर I

ग्वालियर जिले के डबरा इलाके से सामने आया जूली हत्याकांड पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 26 दिन तक गुमशुदगी मानकर तलाश की जा रही एक महिला की कहानी उस वक्त पूरी तरह बदल गई जब पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिसकी तलाश की जा रही थी, उसकी हत्या उसी के घर में हो चुकी थी। मामला डबरा के लखीया गांव का है, जहां एक पिता पर अपनी ही शादीशुदा बेटी की हत्या करने और बेटों के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने का आरोप लगा है। पुलिस अब खेत, कुएं और आसपास के इलाकों में जले हुए अवशेषों की तलाश कर रही है।

मृतका की पहचान 33 वर्षीय जूली गुर्जर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जूली की शादी भेसनारी गांव में हुई थी लेकिन कुछ समय से वह अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थी। गांव में रहने के दौरान उसके निजी जीवन को लेकर घर के भीतर लगातार तनाव बना हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक परिवार को शक था कि जूली का गांव के ही किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था और इसी बात को लेकर घर में कई बार विवाद भी हुआ।

बताया जा रहा है कि 5 मई के आसपास जूली अचानक घर से चली गई थी। परिवार ने देहात थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कुछ समय बाद महिला को तलाश कर लिया गया। उसे वापस परिवार के हवाले कर दिया गया था। उस समय शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि यह वापसी कुछ दिनों बाद एक बड़े अपराध की कहानी में बदल जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक 8 मई की रात घर के भीतर फिर विवाद हुआ। परिवार और जूली के बीच बहस बढ़ी। इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान पिता किशन गुर्जर ने कथित तौर पर बेटी का गला दबा दिया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे गांव को हिला दिया। आरोप है कि हत्या के बाद पिता ने अपने बेटों के साथ मिलकर शव को खेत तक पहुंचाया, वहां उसे जलाया गया और बाद में जले हुए अवशेष अलग-अलग जगह फेंक दिए गए ताकि किसी को शक न हो।

जांच अधिकारियों के अनुसार शव के अवशेष खेत और कुएं में फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस टीम लगातार मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चला रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस खेत और इलाके में पुलिस पहुंची, वहां पिछले कुछ दिनों से लगातार गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। हालांकि पुलिस ने अभी बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

इस पूरे जूली हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि हत्या के बाद लंबे समय तक मामला सामने क्यों नहीं आया। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद भी गुमशुदगी का एंगल बना रहा और परिवार सामान्य तरीके से व्यवहार करता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ बिंदुओं पर संदेह पैदा हुआ, जिसके बाद पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया। इसी दौरान परिवार के लोगों से लगातार सवाल-जवाब हुए और कहानी बदलती चली गई।

फिलहाल पुलिस ने मृतका के पिता किशन गुर्जर सहित उसके भाई दीपक, रामसेवक और अजय गुर्जर को हिरासत में लिया है। आरोपियों से घटना क्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और तकनीकी तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या फिर विवाद के दौरान अचानक घटना हुई।

गांव में इस घटना के सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई लोग इस बात को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि जिस बेटी की तलाश के लिए शिकायत दर्ज कराई गई थी, उसी मामले में परिवार के सदस्य आरोपी बनकर सामने आए। इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है और जांच टीम लगातार अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही है।

 

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04 Jun 2026 By दैनिक जागरण

पिता ने बेटी की गला घोंटकर हत्या की, भाइयों ने जलाया शव, 26 दिन बाद खुला जूली मर्डर केस का राज

डबरा, ग्वालियर I

ग्वालियर जिले के डबरा इलाके से सामने आया जूली हत्याकांड पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। करीब 26 दिन तक गुमशुदगी मानकर तलाश की जा रही एक महिला की कहानी उस वक्त पूरी तरह बदल गई जब पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि जिसकी तलाश की जा रही थी, उसकी हत्या उसी के घर में हो चुकी थी। मामला डबरा के लखीया गांव का है, जहां एक पिता पर अपनी ही शादीशुदा बेटी की हत्या करने और बेटों के साथ मिलकर शव को ठिकाने लगाने का आरोप लगा है। पुलिस अब खेत, कुएं और आसपास के इलाकों में जले हुए अवशेषों की तलाश कर रही है।

मृतका की पहचान 33 वर्षीय जूली गुर्जर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जूली की शादी भेसनारी गांव में हुई थी लेकिन कुछ समय से वह अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थी। गांव में रहने के दौरान उसके निजी जीवन को लेकर घर के भीतर लगातार तनाव बना हुआ था। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक परिवार को शक था कि जूली का गांव के ही किसी युवक के साथ प्रेम संबंध था और इसी बात को लेकर घर में कई बार विवाद भी हुआ।

बताया जा रहा है कि 5 मई के आसपास जूली अचानक घर से चली गई थी। परिवार ने देहात थाने में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कुछ समय बाद महिला को तलाश कर लिया गया। उसे वापस परिवार के हवाले कर दिया गया था। उस समय शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि यह वापसी कुछ दिनों बाद एक बड़े अपराध की कहानी में बदल जाएगी।

सूत्रों के मुताबिक 8 मई की रात घर के भीतर फिर विवाद हुआ। परिवार और जूली के बीच बहस बढ़ी। इसी दौरान हालात अचानक बिगड़ गए। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान पिता किशन गुर्जर ने कथित तौर पर बेटी का गला दबा दिया। इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे गांव को हिला दिया। आरोप है कि हत्या के बाद पिता ने अपने बेटों के साथ मिलकर शव को खेत तक पहुंचाया, वहां उसे जलाया गया और बाद में जले हुए अवशेष अलग-अलग जगह फेंक दिए गए ताकि किसी को शक न हो।

जांच अधिकारियों के अनुसार शव के अवशेष खेत और कुएं में फेंके जाने की बात सामने आई है। पुलिस टीम लगातार मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान चला रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस खेत और इलाके में पुलिस पहुंची, वहां पिछले कुछ दिनों से लगातार गतिविधियां बढ़ी हुई थीं। हालांकि पुलिस ने अभी बरामदगी को लेकर विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

इस पूरे जूली हत्याकांड में सबसे बड़ा सवाल यह भी खड़ा हो रहा है कि हत्या के बाद लंबे समय तक मामला सामने क्यों नहीं आया। बताया जा रहा है कि हत्या के बाद भी गुमशुदगी का एंगल बना रहा और परिवार सामान्य तरीके से व्यवहार करता रहा। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान कुछ बिंदुओं पर संदेह पैदा हुआ, जिसके बाद पूछताछ का दायरा बढ़ाया गया। इसी दौरान परिवार के लोगों से लगातार सवाल-जवाब हुए और कहानी बदलती चली गई।

फिलहाल पुलिस ने मृतका के पिता किशन गुर्जर सहित उसके भाई दीपक, रामसेवक और अजय गुर्जर को हिरासत में लिया है। आरोपियों से घटना क्रम को लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और तकनीकी तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को भी जोड़ा जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की योजना पहले से बनाई गई थी या फिर विवाद के दौरान अचानक घटना हुई।

गांव में इस घटना के सामने आने के बाद लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कई लोग इस बात को लेकर हैरानी जता रहे हैं कि जिस बेटी की तलाश के लिए शिकायत दर्ज कराई गई थी, उसी मामले में परिवार के सदस्य आरोपी बनकर सामने आए। इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है और जांच टीम लगातार अलग-अलग पहलुओं पर काम कर रही है।

 

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