इंदौर जू में 14D थिएटर का पहला दिन रहा शानदार, सभी शो फुल

इंदौर (म.प्र.)

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कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में शुरू हुआ नया मनोरंजन अनुभव, मूविंग सीट और रोलर कोस्टर इफेक्ट बच्चों को सबसे ज्यादा पसंद आया

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में मंगलवार को 14D थिएटर आम दर्शकों के लिए शुरू किया गया तो पहले ही दिन यहां लोगों की भीड़ देखने को मिली। जू घूमने आए परिवारों के लिए थिएटर नया आकर्षण बन गया और दिनभर इसके शो में सीटें भरती रहीं। कई लोग खास तौर पर इस नए अनुभव को लेने के लिए बच्चों के साथ पहुंचे थे। सामान्य थिएटर में दर्शक स्क्रीन के सामने बैठकर फिल्म देखते हैं, लेकिन यहां अनुभव थोड़ा अलग रखा गया है। फिल्म के साथ सीटों की हलचल, अचानक आगे-पीछे और ऊपर-नीचे होने वाली मूवमेंट और विजुअल इफेक्ट्स जोड़े गए हैं। कहीं ऐसा लगता है जैसे दर्शक खुद किसी राइड का हिस्सा हैं तो कहीं स्क्रीन पर चल रहे दृश्य के हिसाब से सीटों की हरकत महसूस होती है। पहले दिन महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी दिखाई दी।

परिवारों के लिए यह जू घूमने के साथ कुछ अलग करने का मौका था। कई माता-पिता बच्चों को लेकर सीधे 14D थिएटर पहुंचे। शो से बाहर निकलने वाले बच्चों में खासा उत्साह दिखा। किसी को सीटों की तेज मूवमेंट पसंद आई तो किसी ने राइड वाले हिस्से को सबसे मजेदार बताया। कुछ बच्चों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी इस तरह की फिल्म देखने का अनुभव नहीं लिया। स्क्रीन पर कहानी चलती रहती है और उसी दौरान सीट का अचानक हिलना या झटका देना बच्चों को ज्यादा रोमांचित कर रहा था। खास तौर पर रोलर कोस्टर जैसा हिस्सा कई बच्चों के लिए शो का सबसे यादगार हिस्सा रहा। कुछ बच्चे बाहर निकलने के बाद भी अपने माता-पिता को सीट की मूवमेंट के बारे में बताते नजर आए। यानी फिल्म से ज्यादा उनके बीच थिएटर के इफेक्ट्स की चर्चा रही।

पहले दिन जू पहुंचे कई अभिभावकों ने बताया कि 14D थिएटर को सामान्य फिल्म से अलग तरीके से महसूस किया जा सकता है। यहां सिर्फ पर्दे पर तस्वीरें चलती हुई नहीं दिखतीं, बल्कि सीटों की हरकत के कारण शरीर भी उसी दृश्य का हिस्सा बनता है। किसी दृश्य में तेज गति महसूस होती है तो किसी हिस्से में सीट अचानक हिलती है। बच्चों के लिए यही चीज सबसे ज्यादा आकर्षण का कारण बनी। कुछ माता-पिता ने इसे बच्चों के लिए मनोरंजन का अच्छा विकल्प बताया और कहा कि शहर में रहने वाले बच्चों को इस तरह का अनुभव कभी-कभी मिलना चाहिए। एक परिवार के सदस्य ने बताया कि वे जू घूमने आए थे, लेकिन बच्चों की जिद पर 14D शो भी देखने पहुंच गए। शो खत्म होने के बाद बच्चों ने दोबारा देखने की बात कही। कुछ दर्शकों ने इसे सामान्य मूवी से अलग और ‘पैसा वसूल’ अनुभव बताया। युवाओं में भी इसे लेकर उत्सुकता रही।

कई युवा दर्शक दोस्तों के साथ शो देखने पहुंचे और उन्होंने सीट की मूवमेंट तथा विजुअल इफेक्ट्स को थिएटर की खास बात बताया। उनके मुताबिक फिल्म देखने के दौरान सिर्फ स्क्रीन पर ध्यान नहीं रहता, बल्कि सीट और आसपास होने वाले इफेक्ट्स भी अनुभव का हिस्सा बन जाते हैं। इसी वजह से शो के दौरान दर्शकों की प्रतिक्रिया भी लगातार बदलती रही। किसी सीन पर बच्चे उत्साहित हुए तो किसी अचानक मूवमेंट पर कुछ लोग चौंक गए। थिएटर से बाहर निकलने के बाद लोग अपने अनुभव की तुलना सामान्य सिनेमाघर से करते भी दिखाई दिए।

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14D थिएटर के साथ दिखाई जा रही वर्चुअल जंगल सफारी को लेकर हालांकि सभी दर्शकों की राय एक जैसी नहीं रही। कुछ लोगों को यह हिस्सा अच्छा लगा और उन्हें लगा कि जू में आने के साथ जंगल सफारी का वर्चुअल अनुभव मिलना अलग बात है। वहीं कुछ दर्शकों ने कहा कि उन्हें इसमें उतना रोमांच महसूस नहीं हुआ, जितनी उम्मीद वे लेकर अंदर गए थे। खासकर जिन लोगों ने 14D के राइड वाले हिस्से का अनुभव लिया, उनकी बातचीत में सीट मूवमेंट और रोलर कोस्टर इफेक्ट ज्यादा चर्चा में रहा। छोटे बच्चों को लेकर कुछ अभिभावकों ने अलग सुझाव भी दिए। एक महिला दर्शक ने कहा कि कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट की कीमत कम रखी जानी चाहिए। उनका कहना था कि हर बच्चा तेज मूवमेंट और अचानक आने वाले इफेक्ट्स को आसानी से नहीं ले पाता। अगर बच्चा डर जाए तो माता-पिता को शो बीच में ही रोककर उसे बाहर लाना पड़ सकता है।

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ऐसे में छोटे बच्चों के लिए अलग या कम टिकट दर रखने से परिवारों को सुविधा होगी। कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि शो शुरू होने से पहले बच्चों को सीटों की तेज हलचल और दूसरे प्रभावों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे पहले से तैयार रहें। पहले दिन थिएटर के बाहर लोगों की आवाजाही बनी रही और शो शुरू होने से पहले परिवारों के साथ बच्चों की लाइन भी दिखाई दी। जू में घूमने आए लोगों के लिए 14D थिएटर अब परिसर के भीतर एक अलग तरह का अनुभव बनकर सामने आया है। कई दर्शक शो खत्म होने के बाद मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए टिकट और थिएटर के बाहर की तस्वीरें दोस्तों और रिश्तेदारों को दिखाते रहे। बच्चों में खास तौर पर राइड वाले हिस्से को लेकर उत्साह बना रहा।

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19 Aug 2026 By Priyanka

इंदौर जू में 14D थिएटर का पहला दिन रहा शानदार, सभी शो फुल

इंदौर (म.प्र.)

इंदौर के कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में मंगलवार को 14D थिएटर आम दर्शकों के लिए शुरू किया गया तो पहले ही दिन यहां लोगों की भीड़ देखने को मिली। जू घूमने आए परिवारों के लिए थिएटर नया आकर्षण बन गया और दिनभर इसके शो में सीटें भरती रहीं। कई लोग खास तौर पर इस नए अनुभव को लेने के लिए बच्चों के साथ पहुंचे थे। सामान्य थिएटर में दर्शक स्क्रीन के सामने बैठकर फिल्म देखते हैं, लेकिन यहां अनुभव थोड़ा अलग रखा गया है। फिल्म के साथ सीटों की हलचल, अचानक आगे-पीछे और ऊपर-नीचे होने वाली मूवमेंट और विजुअल इफेक्ट्स जोड़े गए हैं। कहीं ऐसा लगता है जैसे दर्शक खुद किसी राइड का हिस्सा हैं तो कहीं स्क्रीन पर चल रहे दृश्य के हिसाब से सीटों की हरकत महसूस होती है। पहले दिन महिलाओं और बच्चों की संख्या भी काफी दिखाई दी।

परिवारों के लिए यह जू घूमने के साथ कुछ अलग करने का मौका था। कई माता-पिता बच्चों को लेकर सीधे 14D थिएटर पहुंचे। शो से बाहर निकलने वाले बच्चों में खासा उत्साह दिखा। किसी को सीटों की तेज मूवमेंट पसंद आई तो किसी ने राइड वाले हिस्से को सबसे मजेदार बताया। कुछ बच्चों का कहना था कि उन्होंने पहले कभी इस तरह की फिल्म देखने का अनुभव नहीं लिया। स्क्रीन पर कहानी चलती रहती है और उसी दौरान सीट का अचानक हिलना या झटका देना बच्चों को ज्यादा रोमांचित कर रहा था। खास तौर पर रोलर कोस्टर जैसा हिस्सा कई बच्चों के लिए शो का सबसे यादगार हिस्सा रहा। कुछ बच्चे बाहर निकलने के बाद भी अपने माता-पिता को सीट की मूवमेंट के बारे में बताते नजर आए। यानी फिल्म से ज्यादा उनके बीच थिएटर के इफेक्ट्स की चर्चा रही।

पहले दिन जू पहुंचे कई अभिभावकों ने बताया कि 14D थिएटर को सामान्य फिल्म से अलग तरीके से महसूस किया जा सकता है। यहां सिर्फ पर्दे पर तस्वीरें चलती हुई नहीं दिखतीं, बल्कि सीटों की हरकत के कारण शरीर भी उसी दृश्य का हिस्सा बनता है। किसी दृश्य में तेज गति महसूस होती है तो किसी हिस्से में सीट अचानक हिलती है। बच्चों के लिए यही चीज सबसे ज्यादा आकर्षण का कारण बनी। कुछ माता-पिता ने इसे बच्चों के लिए मनोरंजन का अच्छा विकल्प बताया और कहा कि शहर में रहने वाले बच्चों को इस तरह का अनुभव कभी-कभी मिलना चाहिए। एक परिवार के सदस्य ने बताया कि वे जू घूमने आए थे, लेकिन बच्चों की जिद पर 14D शो भी देखने पहुंच गए। शो खत्म होने के बाद बच्चों ने दोबारा देखने की बात कही। कुछ दर्शकों ने इसे सामान्य मूवी से अलग और ‘पैसा वसूल’ अनुभव बताया। युवाओं में भी इसे लेकर उत्सुकता रही।

कई युवा दर्शक दोस्तों के साथ शो देखने पहुंचे और उन्होंने सीट की मूवमेंट तथा विजुअल इफेक्ट्स को थिएटर की खास बात बताया। उनके मुताबिक फिल्म देखने के दौरान सिर्फ स्क्रीन पर ध्यान नहीं रहता, बल्कि सीट और आसपास होने वाले इफेक्ट्स भी अनुभव का हिस्सा बन जाते हैं। इसी वजह से शो के दौरान दर्शकों की प्रतिक्रिया भी लगातार बदलती रही। किसी सीन पर बच्चे उत्साहित हुए तो किसी अचानक मूवमेंट पर कुछ लोग चौंक गए। थिएटर से बाहर निकलने के बाद लोग अपने अनुभव की तुलना सामान्य सिनेमाघर से करते भी दिखाई दिए।

14D थिएटर के साथ दिखाई जा रही वर्चुअल जंगल सफारी को लेकर हालांकि सभी दर्शकों की राय एक जैसी नहीं रही। कुछ लोगों को यह हिस्सा अच्छा लगा और उन्हें लगा कि जू में आने के साथ जंगल सफारी का वर्चुअल अनुभव मिलना अलग बात है। वहीं कुछ दर्शकों ने कहा कि उन्हें इसमें उतना रोमांच महसूस नहीं हुआ, जितनी उम्मीद वे लेकर अंदर गए थे। खासकर जिन लोगों ने 14D के राइड वाले हिस्से का अनुभव लिया, उनकी बातचीत में सीट मूवमेंट और रोलर कोस्टर इफेक्ट ज्यादा चर्चा में रहा। छोटे बच्चों को लेकर कुछ अभिभावकों ने अलग सुझाव भी दिए। एक महिला दर्शक ने कहा कि कम उम्र के बच्चों के लिए टिकट की कीमत कम रखी जानी चाहिए। उनका कहना था कि हर बच्चा तेज मूवमेंट और अचानक आने वाले इफेक्ट्स को आसानी से नहीं ले पाता। अगर बच्चा डर जाए तो माता-पिता को शो बीच में ही रोककर उसे बाहर लाना पड़ सकता है।

ऐसे में छोटे बच्चों के लिए अलग या कम टिकट दर रखने से परिवारों को सुविधा होगी। कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि शो शुरू होने से पहले बच्चों को सीटों की तेज हलचल और दूसरे प्रभावों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए, ताकि वे पहले से तैयार रहें। पहले दिन थिएटर के बाहर लोगों की आवाजाही बनी रही और शो शुरू होने से पहले परिवारों के साथ बच्चों की लाइन भी दिखाई दी। जू में घूमने आए लोगों के लिए 14D थिएटर अब परिसर के भीतर एक अलग तरह का अनुभव बनकर सामने आया है। कई दर्शक शो खत्म होने के बाद मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए टिकट और थिएटर के बाहर की तस्वीरें दोस्तों और रिश्तेदारों को दिखाते रहे। बच्चों में खास तौर पर राइड वाले हिस्से को लेकर उत्साह बना रहा।

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