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जबलपुर बरगी डैम पर सरकार का बड़ा एक्शन, न्यायिक जांच के आदेश दिए, आयोग गठित
जबलपुर (म.प्र.)
जबलपुर बरगी बांध क्रूज हादसे की न्यायिक जांच शुरू, सरकार ने आयोग गठित किया। 13 लोगों की मौत के मामले में सुरक्षा मानकों की होगी समीक्षा।
जबलपुर के बरगी डैम पर हालिया क्रूज हादसे को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले महीने हुई इस दर्दनाक घटना की अब न्यायिक जांच होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। यह फैसला इस हादसे में गंभीर लापरवाहियों और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बाद लिया गया है।
यह मामला बरगी डैम से जुड़ा है, जहां 30 अप्रैल को एक क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते पलट गया था। हादसे के समय क्रूज में 41 लोग थे। अचानक मौसम खराब हुआ और पानी में उथल-पुथल के कारण नाव संतुलन खो बैठी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 को किसी तरह सुरक्षित निकाला गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी, और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव ऑपरेशन में काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
अब राज्य सरकार ने इस संदर्भ में विस्तृत जांच के लिए न्यायिक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। आयोग के पास तीन महीने का समय है, जिस दौरान उन्हें अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं। पहले बिंदु में हादसे के कारणों की गहन जांच और जिम्मेदारियों का निर्धारण करना शामिल है। इसके अलावा, दुर्घटना के समय और बाद में किए गए बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन भी किया जाएगा। तीसरा बिंदु राज्य में चल रही सभी नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना है, जिससे सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके साथ, इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और NDMA की बोट सेफ्टी गाइडलाइन, 2017 के अनुपालन की स्थिति की भी जांच की जाएगी। यह आयोग यह भी देखेगा कि जल परिवहन से संबंधित नियमों का पालन किस तरह हो रहा है और कहां-कहां खामियां हैं। चौथे बिंदु के तहत राज्य में क्रूज और नौका संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्णय है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पांचवें बिंदु में त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Team) के गठन की बात की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सके।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया था। हादसे के बाद, सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया था। लेकिन अब लगातार यह सवाल उठ रहा है कि इतने सारे यात्रियों के साथ चल रहे क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी और मौसम की चेतावनी समय पर क्यों नहीं दी गई।
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जबलपुर बरगी डैम पर सरकार का बड़ा एक्शन, न्यायिक जांच के आदेश दिए, आयोग गठित
जबलपुर (म.प्र.)
जबलपुर के बरगी डैम पर हालिया क्रूज हादसे को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पिछले महीने हुई इस दर्दनाक घटना की अब न्यायिक जांच होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के रिटायर्ड जज संजय द्विवेदी की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में एक आधिकारिक नोटिफिकेशन भी जारी किया है। यह फैसला इस हादसे में गंभीर लापरवाहियों और सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवालों के बाद लिया गया है।
यह मामला बरगी डैम से जुड़ा है, जहां 30 अप्रैल को एक क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों के चलते पलट गया था। हादसे के समय क्रूज में 41 लोग थे। अचानक मौसम खराब हुआ और पानी में उथल-पुथल के कारण नाव संतुलन खो बैठी, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ। इस दुर्घटना में 13 लोगों की जान चली गई, जबकि 28 को किसी तरह सुरक्षित निकाला गया। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई थी, और स्थानीय प्रशासन को राहत एवं बचाव ऑपरेशन में काफी मेहनत करनी पड़ी थी।
अब राज्य सरकार ने इस संदर्भ में विस्तृत जांच के लिए न्यायिक आयोग को जिम्मेदारी सौंपी है। आयोग के पास तीन महीने का समय है, जिस दौरान उन्हें अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने जांच के लिए पांच प्रमुख बिंदु निर्धारित किए हैं। पहले बिंदु में हादसे के कारणों की गहन जांच और जिम्मेदारियों का निर्धारण करना शामिल है। इसके अलावा, दुर्घटना के समय और बाद में किए गए बचाव कार्यों की प्रभावशीलता का आकलन भी किया जाएगा। तीसरा बिंदु राज्य में चल रही सभी नौकाओं और जल क्रीड़ा गतिविधियों का ऑडिट करना है, जिससे सुरक्षा मानकों का मूल्यांकन किया जाएगा।
इसके साथ, इनलैंड वेसल्स एक्ट, 2021 और NDMA की बोट सेफ्टी गाइडलाइन, 2017 के अनुपालन की स्थिति की भी जांच की जाएगी। यह आयोग यह भी देखेगा कि जल परिवहन से संबंधित नियमों का पालन किस तरह हो रहा है और कहां-कहां खामियां हैं। चौथे बिंदु के तहत राज्य में क्रूज और नौका संचालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने का निर्णय है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों। पांचवें बिंदु में त्वरित प्रतिक्रिया दल (Rapid Response Team) के गठन की बात की गई है, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई कर सके।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पहले ही इस मामले पर गहरा दुख व्यक्त किया था। हादसे के बाद, सरकार ने मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भी ऐलान किया था। लेकिन अब लगातार यह सवाल उठ रहा है कि इतने सारे यात्रियों के साथ चल रहे क्रूज की सुरक्षा व्यवस्था कितनी मजबूत थी और मौसम की चेतावनी समय पर क्यों नहीं दी गई।
