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भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में इंदौर में प्रदर्शन, कांवड़ियों ने एफआईआर की मांग उठाई
इंदौर,(म.प्र.)
चंदन नगर थाने पहुंचे श्रद्धालुओं ने सौंपा ज्ञापन, वीडियो की जांच में जुटी पुलिस; जांच के बाद वैधानिक कार्रवाई का आश्वासन
इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शनिवार को विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि चंदन नगर थाने पहुंचे तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने किया। प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
जानकारी के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को एक कथित वीडियो की जानकारी मिली, जिसमें भगवान भोलेनाथ के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई और उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चंदन नगर थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की। पुलिस की मौजूदगी में पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि चंदन नगर क्षेत्र से गंगवाल की ओर कांवड़ यात्रा जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोग थाने पहुंचे और एक आवेदन दिया। आवेदन के साथ एक वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें दूसरे धर्म के एक धार्मिक वक्ता द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कहां का है तथा उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है। जांच पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएगी और उपलब्ध तथ्यों एवं कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने कहा कि समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की मांग केवल इतनी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त कर जांच का भरोसा दिया है, जिसके बाद कांवड़ यात्रा को आगे बढ़ाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो समाज के लोग आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन के सामने रखेंगे।
श्रावण मास में देशभर में भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं। ऐसे समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। प्रशासन भी सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच आवश्यक होती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई बार अधूरे, पुराने या संदर्भ से हटकर भी हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा तकनीकी जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाती है।
इंदौर पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को किसी सामग्री पर आपत्ति है तो वह सीधे पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
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भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में इंदौर में प्रदर्शन, कांवड़ियों ने एफआईआर की मांग उठाई
इंदौर,(म.प्र.)
इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर शनिवार को विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। बड़ी संख्या में कांवड़ यात्री और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि चंदन नगर थाने पहुंचे तथा संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने किया। प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए पुलिस प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा।
जानकारी के अनुसार, कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को एक कथित वीडियो की जानकारी मिली, जिसमें भगवान भोलेनाथ के संबंध में आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर श्रद्धालुओं में नाराजगी देखी गई और उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी धर्म, देवी-देवता या धार्मिक आस्था के प्रति अपमानजनक टिप्पणी सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि मामले को गंभीरता से लिया जाए और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
चंदन नगर थाने के बाहर प्रदर्शन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक आस्था के सम्मान और सामाजिक सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की। पुलिस की मौजूदगी में पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी मांगों से अवगत कराया।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए एसीपी शिवेंद्र जोशी ने बताया कि चंदन नगर क्षेत्र से गंगवाल की ओर कांवड़ यात्रा जा रही थी। इसी दौरान कुछ लोग थाने पहुंचे और एक आवेदन दिया। आवेदन के साथ एक वीडियो भी उपलब्ध कराया गया है, जिसमें दूसरे धर्म के एक धार्मिक वक्ता द्वारा हिंदू देवी-देवताओं पर कथित अभद्र टिप्पणी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल वीडियो की सत्यता की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि वीडियो कब और कहां का है तथा उसमें दिखाई देने वाला व्यक्ति कौन है। जांच पूरी होने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी रिपोर्ट सौंपी जाएगी और उपलब्ध तथ्यों एवं कानूनी प्रावधानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
अखिल भारतीय बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने कहा कि समाज की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली किसी भी टिप्पणी को स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की मांग केवल इतनी है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि आरोप सही साबित होते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त कर जांच का भरोसा दिया है, जिसके बाद कांवड़ यात्रा को आगे बढ़ाया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि समय पर उचित कार्रवाई नहीं होती है तो समाज के लोग आगे भी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन के सामने रखेंगे।
श्रावण मास में देशभर में भगवान शिव की आराधना के लिए कांवड़ यात्राएं निकाली जा रही हैं। ऐसे समय में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में जलाभिषेक करने पहुंच रहे हैं। प्रशासन भी सुरक्षा, यातायात और कानून व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहा है ताकि धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।
धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों की सावधानीपूर्वक जांच आवश्यक होती है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो कई बार अधूरे, पुराने या संदर्भ से हटकर भी हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस द्वारा तकनीकी जांच के बाद ही उचित कार्रवाई की जाती है।
इंदौर पुलिस ने भी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी वायरल वीडियो या अपुष्ट जानकारी को बिना सत्यापन के साझा न करें। यदि किसी व्यक्ति को किसी सामग्री पर आपत्ति है तो वह सीधे पुलिस या संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दें, ताकि विधि सम्मत कार्रवाई की जा सके।
प्रशासन का कहना है कि धार्मिक सौहार्द और कानून व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाले मामलों में निष्पक्ष जांच के बाद कानून के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी। वहीं सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से संयम बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।
