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MP के सतना में पागल कुत्ते से मचा हाहाकार! 40 से ज्यादा लोग हुए अस्पताल में भर्ती
सतना (म.प्र.)
सतना में पागल कुत्ते के हमले में 40 से अधिक लोग घायल। सभी को अस्पताल में भर्ती कर एंटी-रेबीज टीका लगाया गया।
मध्य प्रदेश के सतना में गुरुवार शाम एक पागल कुत्ते के हमले ने शहर को दहशत में डाल दिया। व्यस्त बाजार और रिहायशी इलाकों में अचानक आक्रामक हुए कुत्ते ने एक के बाद एक करीब 40 से अधिक लोगों को काट लिया। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया है।
घटना शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में हुई, जहां अचानक कुत्ते ने राह चलते लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, कुत्ता बेहद आक्रामक था और वह लोगों के हाथ-पैर पर झपट रहा था। कई लोग सड़क पर ही गिर पड़े, जबकि अन्य लोग जान बचाने के लिए आसपास की दुकानों और घरों में घुस गए।
घायल सुंदर लाल साकेत ने बताया कि वह बाजार जा रहे थे, तभी पीछे से कुत्ते ने हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वह संभलते, कुत्ते ने उनके पैर में गहरा घाव कर दिया। आसपास कई अन्य लोग भी घायल अवस्था में पड़े थे।
अस्पताल में हड़कंप
जिला अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू किया और घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
जिला चिकित्सालय के प्रशासक डॉ. शरद दुबे ने बताया कि एक ही कुत्ते द्वारा इतने लोगों को काटने की घटना गंभीर है। उनके अनुसार, सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
नगर निगम पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते आवारा और आक्रामक कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था की गई होती, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। फिलहाल नगर निगम की टीम हमलावर कुत्ते को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।
पृष्ठभूमि की बात करें तो सतना समेत कई शहरों में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है। पहले भी कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने का मामला चिंता बढ़ाने वाला है। यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और शहरी प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह न सिर्फ हमलावर कुत्ते को जल्द पकड़ सके, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति भी बनाए। विशेषज्ञों का मानना है कि रेबीज नियंत्रण, टीकाकरण और आवारा पशुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
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MP के सतना में पागल कुत्ते से मचा हाहाकार! 40 से ज्यादा लोग हुए अस्पताल में भर्ती
सतना (म.प्र.)
मध्य प्रदेश के सतना में गुरुवार शाम एक पागल कुत्ते के हमले ने शहर को दहशत में डाल दिया। व्यस्त बाजार और रिहायशी इलाकों में अचानक आक्रामक हुए कुत्ते ने एक के बाद एक करीब 40 से अधिक लोगों को काट लिया। घायलों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागना शुरू कर दिया। सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने स्थिति को गंभीर मानते हुए अतिरिक्त स्टाफ तैनात कर दिया है।
घटना शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में हुई, जहां अचानक कुत्ते ने राह चलते लोगों पर हमला करना शुरू कर दिया। चश्मदीदों के मुताबिक, कुत्ता बेहद आक्रामक था और वह लोगों के हाथ-पैर पर झपट रहा था। कई लोग सड़क पर ही गिर पड़े, जबकि अन्य लोग जान बचाने के लिए आसपास की दुकानों और घरों में घुस गए।
घायल सुंदर लाल साकेत ने बताया कि वह बाजार जा रहे थे, तभी पीछे से कुत्ते ने हमला कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक वह संभलते, कुत्ते ने उनके पैर में गहरा घाव कर दिया। आसपास कई अन्य लोग भी घायल अवस्था में पड़े थे।
अस्पताल में हड़कंप
जिला अस्पताल में एक साथ बड़ी संख्या में मरीज पहुंचने से इमरजेंसी वार्ड में हड़कंप मच गया। डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ ने तुरंत इलाज शुरू किया और घायलों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाए गए।
जिला चिकित्सालय के प्रशासक डॉ. शरद दुबे ने बताया कि एक ही कुत्ते द्वारा इतने लोगों को काटने की घटना गंभीर है। उनके अनुसार, सभी मरीजों को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि रेबीज एक जानलेवा बीमारी है और समय पर इलाज बेहद जरूरी है।
नगर निगम पर सवाल
घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।
लोगों का कहना है कि शहर में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन नगर निगम ने इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए।
स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि यदि समय रहते आवारा और आक्रामक कुत्तों को पकड़ने की व्यवस्था की गई होती, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था। फिलहाल नगर निगम की टीम हमलावर कुत्ते को पकड़ने के प्रयास में जुटी है।
पृष्ठभूमि की बात करें तो सतना समेत कई शहरों में आवारा कुत्तों की समस्या लगातार बढ़ रही है। पहले भी कुत्तों के हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने का मामला चिंता बढ़ाने वाला है। यह घटना सार्वजनिक सुरक्षा और शहरी प्रबंधन को लेकर सवाल खड़े करती है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती है कि वह न सिर्फ हमलावर कुत्ते को जल्द पकड़ सके, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति भी बनाए। विशेषज्ञों का मानना है कि रेबीज नियंत्रण, टीकाकरण और आवारा पशुओं के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
