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एमपी हाईकोर्ट का कार्तिकेय चौहान को नोटिस, राहुल गांधी मानहानि केस में दो हफ्ते में मांगा जवाब
जबलपुर(म.प्र.)
2018 के चुनावी बयान से जुड़े विवाद में हाईकोर्ट सख्त, भोपाल MP-MLA कोर्ट से मांगे रिकॉर्ड; 4 मई को अगली सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। मामले की सुनवाई न्यायाधीश प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई।
कोर्ट ने इस दौरान भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड अपने समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केस की मौजूदा स्थिति और पूर्व आदेशों की समीक्षा के बाद ही आगे की सुनवाई की दिशा तय की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 4 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
यह पूरा विवाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान झाबुआ में आयोजित सभा में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स से जोड़ते हुए टिप्पणी की थी। बाद में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के संदर्भ में अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया, लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान को लेकर कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया गया।
इसी को आधार बनाकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने 30 अक्टूबर 2018 को भोपाल के एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि इस बयान से उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 27 फरवरी 2025 को कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया और 9 मई 2025 को पेश होने का निर्देश दिया।
हालांकि निर्धारित तिथि पर राहुल गांधी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद 10 मई 2025 को अदालत ने दूसरा समन जारी कर 28 अगस्त 2025 को पेश होने को कहा। इसके बाद 3 अप्रैल 2026 को राहुल गांधी ने समन को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अब कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा गया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पुराने राजनीतिक बयान और उनके कानूनी प्रभाव को चर्चा में ला दिया है।
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एमपी हाईकोर्ट का कार्तिकेय चौहान को नोटिस, राहुल गांधी मानहानि केस में दो हफ्ते में मांगा जवाब
जबलपुर(म.प्र.)
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। यह कार्रवाई कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से जुड़े मानहानि मामले में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की गई। मामले की सुनवाई न्यायाधीश प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकलपीठ में हुई।
कोर्ट ने इस दौरान भोपाल स्थित एमपी-एमएलए कोर्ट में लंबित इस मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड अपने समक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि केस की मौजूदा स्थिति और पूर्व आदेशों की समीक्षा के बाद ही आगे की सुनवाई की दिशा तय की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई 4 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
यह पूरा विवाद वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान दिए गए एक बयान से जुड़ा है। चुनाव प्रचार के दौरान झाबुआ में आयोजित सभा में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान और उनके पुत्र कार्तिकेय का नाम पनामा पेपर्स से जोड़ते हुए टिप्पणी की थी। बाद में राहुल गांधी ने शिवराज सिंह चौहान के संदर्भ में अपने बयान पर स्पष्टीकरण दिया, लेकिन कार्तिकेय सिंह चौहान को लेकर कोई स्पष्ट खंडन नहीं किया गया।
इसी को आधार बनाकर कार्तिकेय सिंह चौहान ने 30 अक्टूबर 2018 को भोपाल के एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि इस बयान से उनकी व्यक्तिगत और सार्वजनिक छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके बाद 27 फरवरी 2025 को कोर्ट ने मामले को संज्ञान में लेते हुए राहुल गांधी को समन जारी किया और 9 मई 2025 को पेश होने का निर्देश दिया।
हालांकि निर्धारित तिथि पर राहुल गांधी कोर्ट में उपस्थित नहीं हुए, जिसके बाद 10 मई 2025 को अदालत ने दूसरा समन जारी कर 28 अगस्त 2025 को पेश होने को कहा। इसके बाद 3 अप्रैल 2026 को राहुल गांधी ने समन को चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान अब कार्तिकेय सिंह चौहान को नोटिस जारी कर उनका पक्ष मांगा गया है। इस घटनाक्रम ने एक बार फिर पुराने राजनीतिक बयान और उनके कानूनी प्रभाव को चर्चा में ला दिया है।
