MP शिक्षकों को e-Attendance में तकनीकी दिक्कतों पर राहत

Digital Desk

On

मध्य प्रदेश में 3.17 लाख शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को ई-अटेंडेंस में राहत मिली है। तकनीकी खामी के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज न होने पर वेतन नहीं रोका जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के e-Attendance सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों का सामना कर रहे शिक्षकों और अतिथि शिक्षकों को राहत दी है। यदि किसी शिक्षक की ऑनलाइन उपस्थिति तकनीकी समस्या के कारण दर्ज नहीं हो पाती है, तो केवल इसी आधार पर उसे अनुपस्थित नहीं माना जाएगा और उसका वेतन भी नहीं रोका जाएगा।

हालांकि, सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि e-Attendance दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। राहत केवल उन मामलों में लागू होगी, जहां तकनीकी या सिस्टम से जुड़ी समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी।

इस फैसले से मध्य प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत करीब 3.17 लाख शिक्षक और अतिथि शिक्षक लाभान्वित होने की उम्मीद है।

तकनीकी खराबी को नहीं माना जाएगा अनुपस्थिति

e-Attendance व्यवस्था के तहत शिक्षकों को डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होती है। हालांकि, तकनीकी खामियों के कारण कई बार शिक्षकों को अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

Also Read:  ग्वालियर में ‘दिशा’ की बैठक आज, रेलवे प्रोजेक्ट से खाद-बीज तक होगी समीक्षा

सरकार की ताजा स्पष्टता के बाद तकनीकी समस्या के कारण ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं होने को स्वतः अनधिकृत अनुपस्थिति नहीं माना जाएगा।

Also Read:  पितृपक्ष में गया जाने वालों के लिए रेलवे की सुविधा, WCR चलाएगा 12 स्पेशल ट्रेनें

इसका मतलब है कि यदि शिक्षक स्कूल में मौजूद था, लेकिन तकनीकी कारणों से सिस्टम में उसकी उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाई, तो केवल डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर उसके खिलाफ वेतन संबंधी कार्रवाई नहीं की जाएगी।

Also Read:  पदभार संभालते ही एक्शन में आए अपर कलेक्टर, मैहर सिविल अस्पताल का किया औचक निरीक्षण

तकनीकी गलती पर नहीं रुकेगा वेतन

इस फैसले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू वेतन भुगतान से जुड़ा है।

यदि तकनीकी समस्या के कारण किसी शिक्षक की e-Attendance दर्ज नहीं होती है, तो केवल ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने को वेतन रोकने का पर्याप्त आधार नहीं माना जाएगा।

इससे उन शिक्षकों को राहत मिलेगी जो स्कूल में उपस्थित रहने के बावजूद ऐप, इंटरनेट कनेक्टिविटी या सिस्टम की तकनीकी समस्या के कारण अपनी डिजिटल उपस्थिति दर्ज नहीं करा पाए।

हालांकि, यह भी जरूरी होगा कि संबंधित मामले में तकनीकी समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज नहीं होने की पुष्टि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार की जाए।

अतिथि शिक्षकों को भी राहत

सरकार की यह राहत अतिथि शिक्षकों पर भी लागू होगी।

सरकारी स्कूलों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए भी डिजिटल उपस्थिति दर्ज करना जरूरी है। ऐसे में सिस्टम में तकनीकी समस्या आने पर उन्हें भी इसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ सकता था।

नई व्यवस्था के तहत तकनीकी कारणों से e-Attendance दर्ज नहीं होने पर अतिथि शिक्षकों पर भी स्वतः वित्तीय कार्रवाई नहीं की जाएगी।

e-Attendance दर्ज करना अनिवार्य

राहत दिए जाने के बावजूद सरकार ने डिजिटल उपस्थिति की अनिवार्यता को खत्म नहीं किया है।

शिक्षकों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार e-Attendance दर्ज करना जारी रखना होगा। उन्हें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए उपलब्ध डिजिटल प्रणाली का इस्तेमाल करना होगा।

अंतर केवल इतना है कि तकनीकी समस्या के कारण उपस्थिति दर्ज न हो पाने को जानबूझकर नियमों का उल्लंघन या वास्तविक अनुपस्थिति के समान नहीं माना जाएगा।

इसलिए शिक्षकों से अपेक्षा की जाएगी कि वे अपनी ओर से उपस्थिति दर्ज कराने का उचित प्रयास करें।

3.17 लाख शिक्षकों पर असर

यह निर्णय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य की स्कूल शिक्षा व्यवस्था में करीब 3.17 लाख शिक्षक और अतिथि शिक्षक इससे जुड़े हुए हैं।

मध्य प्रदेश सरकार सरकारी स्कूलों में निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने के लिए डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है।

e-Attendance के जरिए अधिकारियों को शिक्षकों की उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड मिलता है। हालांकि, तकनीकी खराबी होने पर ऑनलाइन रिकॉर्ड और शिक्षक की वास्तविक उपस्थिति के बीच अंतर पैदा हो सकता है।

निगरानी के साथ शिक्षकों को राहत

सरकार का ताजा कदम डिजिटल निगरानी और शिक्षकों की व्यावहारिक समस्याओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

एक ओर सरकार e-Attendance को अनिवार्य बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर उसने यह माना है कि तकनीकी कारणों से होने वाली परेशानी के लिए कर्मचारियों को अनुचित रूप से दंडित नहीं किया जाना चाहिए।

इससे उन शिक्षकों की चिंता कम हो सकती है जिन्हें ऐप, इंटरनेट कनेक्शन या सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण वेतन कटने या अन्य कार्रवाई की आशंका रहती थी।

सिस्टम की खराबी की होगी अलग जांच

सरकार की स्पष्टता से तकनीकी समस्या और वास्तविक अनुपस्थिति के बीच अंतर किया गया है।

शिक्षकों को उपस्थिति संबंधी नियमों का पालन करना होगा, लेकिन यदि किसी मामले में सिस्टम की तकनीकी खराबी के कारण डिजिटल रिकॉर्ड नहीं बन पाया है, तो उसे अलग से जांचा जा सकेगा।

मध्य प्रदेश के हजारों सरकारी और अतिथि शिक्षकों के लिए यह फैसला तकनीकी खामियों के कारण होने वाले संभावित वित्तीय नुकसान से राहत देता है। साथ ही, सरकार ने डिजिटल उपस्थिति व्यवस्था को भी जारी रखा है।

Recommended for You

दैनिक जागरण से जुड़ें:

देश-प्रदेश की ताज़ा ख़बरों को सबसे पहले पढ़ने के लिए हमारे सोशल मीडिया हैंडल को फॉलो करें:

नवीनतम समाचार

बिलासपुर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, कोनी-मोपका बाईपास की समय-सीमा पर NHAI से मांगा जवाब

बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे की खराब हालत पर भी कोर्ट ने जताई चिंता, PWD सचिव से मांगी गई परियोजनाओं की स्थिति...
राज्य  छत्तीसगढ़ 
बिलासपुर की सड़कों पर हाईकोर्ट सख्त, कोनी-मोपका बाईपास की समय-सीमा पर NHAI से मांगा जवाब

रायपुर में महिला के पर्स से 1.60 लाख रुपये गायब, बैंक से मुआवजा राशि निकालकर जा रही थी घर

कवर्धा से बेटे की मौत का मुआवजा लेने पहुंची थी महिला, ई-रिक्शा और ऑटो सफर के दौरान चोरी की आशंका;...
राज्य  छत्तीसगढ़  रायपुर 
रायपुर में महिला के पर्स से 1.60 लाख रुपये गायब, बैंक से मुआवजा राशि निकालकर जा रही थी घर

रायपुर में 17 सितंबर को निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 10 तरह की जांच बिना शुल्क होंगी

सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया की छत्तीसगढ़ इकाई का सेवा संकल्प अभियान, MMI हॉस्पिटल में सुबह 10 बजे से दोपहर 3...
राज्य  छत्तीसगढ़  रायपुर 
रायपुर में 17 सितंबर को निशुल्क स्वास्थ्य शिविर, 10 तरह की जांच बिना शुल्क होंगी

छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित प्लास्टिक पर डिजिटल निगरानी, अब हर कार्रवाई का ऑनलाइन रिकॉर्ड होगा तैयार

सिंगल यूज प्लास्टिक और 120 माइक्रोन से कम कैरी बैग के खिलाफ अभियान तेज, मोबाइल एप से दर्ज होगी जांच...
राज्य  छत्तीसगढ़ 
छत्तीसगढ़ में प्रतिबंधित प्लास्टिक पर डिजिटल निगरानी, अब हर कार्रवाई का ऑनलाइन रिकॉर्ड होगा तैयार

बिजनेस