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एमपी मौसम ट्रैकर 2026: पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
Digital Desk
एमपी मौसम ट्रैकर 2026: 19 अगस्त को पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। जानें 20 से 23 अगस्त तक बारिश, बिजली और मौसम का पूरा अपडेट।
मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। आज पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिमी हिस्सों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
LAST UPDATED: 19 अगस्त 2026 | सुबह 8:30 बजे IST
मध्य प्रदेश में बुधवार को मानसून की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी मध्य प्रदेश में आज कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।
IMD के 19 अगस्त के चेतावनी बुलेटिन के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज गरज-चमक और बिजली का खतरा है, जबकि 20 और 21 अगस्त को भारी तथा 22 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
2. रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग पर नजर
पूर्वी मध्य प्रदेश में रीवा और शहडोल संभाग इस समय बारिश के लिहाज से सबसे सक्रिय क्षेत्रों में हैं। IMD के ताजा मौसम सारांश के मुताबिक पिछले 24 घंटों में रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सागर संभाग में भी अनेक स्थानों पर बारिश हुई।
जबलपुर, सागर और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इसलिए निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी है।
3. बारिश का दायरा पूरे MP में बढ़ा
मानसून की गतिविधि केवल पूर्वी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। IMD के जिला-वार पूर्वानुमान में राज्य के अनेक हिस्सों में 19 से 23 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना दिखाई गई है। कई जिलों में गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट भी दर्ज है।
सागर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, दमोह, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, बालाघाट और अन्य जिलों में अलग-अलग दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। हालांकि जिले-दर-जिले बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है।
4. मानसून की कमी पर बारिश से राहत की उम्मीद
मध्य प्रदेश के लिए लगातार हो रही बारिश मानसून की मौसमी स्थिति सुधारने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। IMD के आधिकारिक वर्षा पोर्टल पर राज्य और जिलावार दैनिक तथा संचयी वर्षा के आंकड़े उपलब्ध हैं।
फिलहाल पुराने संचयी आंकड़ों को आज की स्थिति बताकर इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। ताजा संचयी कमी या अधिशेष का आंकड़ा उपलब्ध होते ही उसे अलग से अपडेट करना जरूरी होगा।
इसलिए वर्तमान स्थिति का मुख्य फोकस बारिश की निरंतरता और आने वाले दिनों में वर्षा के वितरण पर है।
5. तापमान पर बारिश का असर
लगातार बादल और बारिश के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान पर दबाव बना हुआ है। IMD के ताजा राज्य मौसम सारांश में शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.4 से 3.7 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। चंबल, रीवा और जबलपुर संभागों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
बारिश के बीच तापमान में बहुत तेज बढ़ोतरी की संभावना कम है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है।
6. बाढ़, बिजली और किसानों के लिए जोखिम
तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
आकाशीय बिजली भी बड़ा जोखिम बनी हुई है। IMD ने कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
किसानों को खेतों में जल निकासी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान हो सकता है। गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना चाहिए।
7. 20 से 23 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में बारिश से फिलहाल राहत के संकेत नहीं हैं। पूर्वी MP में 20 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश, जबकि 21 से 23 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी MP में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश तथा 22 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसका मतलब है कि अगले चार-पांच दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों, बांधों, पुलों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
जिलेवार मौसम में अंतर संभव है। इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी देखना और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना सुरक्षित रहेगा।
आज का मौसम निष्कर्ष: मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। पूर्वी MP में आज और 20 अगस्त को बहुत भारी बारिश का खतरा है, जबकि पश्चिमी MP में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल और IMD के दैनिक वर्षा एवं चेतावनी बुलेटिन।
एमपी मौसम ट्रैकर 2026: पूर्वी मध्य प्रदेश में बहुत भारी बारिश का अलर्ट
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मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है। आज पूर्वी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। पश्चिमी हिस्सों में भी गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
LAST UPDATED: 19 अगस्त 2026 | सुबह 8:30 बजे IST
मध्य प्रदेश में बुधवार को मानसून की गतिविधियां तेज रहने वाली हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी मध्य प्रदेश में आज कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है।
IMD के 19 अगस्त के चेतावनी बुलेटिन के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में 20 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 21 से 23 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में आज गरज-चमक और बिजली का खतरा है, जबकि 20 और 21 अगस्त को भारी तथा 22 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है।
2. रीवा, शहडोल और जबलपुर संभाग पर नजर
पूर्वी मध्य प्रदेश में रीवा और शहडोल संभाग इस समय बारिश के लिहाज से सबसे सक्रिय क्षेत्रों में हैं। IMD के ताजा मौसम सारांश के मुताबिक पिछले 24 घंटों में रीवा और शहडोल संभाग के जिलों में अधिकांश स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। जबलपुर और सागर संभाग में भी अनेक स्थानों पर बारिश हुई।
जबलपुर, सागर और आसपास के इलाकों में भी अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां बनी रहने की संभावना है। इसलिए निचले इलाकों, नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी जरूरी है।
3. बारिश का दायरा पूरे MP में बढ़ा
मानसून की गतिविधि केवल पूर्वी मध्य प्रदेश तक सीमित नहीं है। IMD के जिला-वार पूर्वानुमान में राज्य के अनेक हिस्सों में 19 से 23 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना दिखाई गई है। कई जिलों में गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे तक तेज हवाओं का अलर्ट भी दर्ज है।
सागर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, दमोह, रीवा, सतना, अनूपपुर, उमरिया, डिंडोरी, बालाघाट और अन्य जिलों में अलग-अलग दिनों में बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना है। हालांकि जिले-दर-जिले बारिश की तीव्रता अलग रह सकती है।
4. मानसून की कमी पर बारिश से राहत की उम्मीद
मध्य प्रदेश के लिए लगातार हो रही बारिश मानसून की मौसमी स्थिति सुधारने के लिहाज से महत्वपूर्ण है। IMD के आधिकारिक वर्षा पोर्टल पर राज्य और जिलावार दैनिक तथा संचयी वर्षा के आंकड़े उपलब्ध हैं।
फिलहाल पुराने संचयी आंकड़ों को आज की स्थिति बताकर इस्तेमाल करना उचित नहीं होगा, क्योंकि पिछले कुछ दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई है। ताजा संचयी कमी या अधिशेष का आंकड़ा उपलब्ध होते ही उसे अलग से अपडेट करना जरूरी होगा।
इसलिए वर्तमान स्थिति का मुख्य फोकस बारिश की निरंतरता और आने वाले दिनों में वर्षा के वितरण पर है।
5. तापमान पर बारिश का असर
लगातार बादल और बारिश के कारण मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में दिन के तापमान पर दबाव बना हुआ है। IMD के ताजा राज्य मौसम सारांश में शहडोल और सागर संभाग के जिलों में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब 3.4 से 3.7 डिग्री सेल्सियस तक कम रहा। चंबल, रीवा और जबलपुर संभागों में भी तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
बारिश के बीच तापमान में बहुत तेज बढ़ोतरी की संभावना कम है। हालांकि बारिश रुकने के बाद उमस बढ़ सकती है।
6. बाढ़, बिजली और किसानों के लिए जोखिम
तेज बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने और सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
आकाशीय बिजली भी बड़ा जोखिम बनी हुई है। IMD ने कई जिलों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।
किसानों को खेतों में जल निकासी पर विशेष ध्यान देना चाहिए। लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों में लंबे समय तक पानी जमा रहने से फसलों को नुकसान हो सकता है। गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचना चाहिए।
7. 20 से 23 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर
मध्य प्रदेश में बारिश से फिलहाल राहत के संकेत नहीं हैं। पूर्वी MP में 20 अगस्त को भी बहुत भारी बारिश, जबकि 21 से 23 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी MP में 20 और 21 अगस्त को भारी बारिश तथा 22 अगस्त को बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इसका मतलब है कि अगले चार-पांच दिन राज्य के लिए महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में नदी-नालों, बांधों, पुलों और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखना जरूरी होगा।
जिलेवार मौसम में अंतर संभव है। इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय मौसम चेतावनी देखना और गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों से दूर रहना सुरक्षित रहेगा।
आज का मौसम निष्कर्ष: मध्य प्रदेश में मानसून सक्रिय है। पूर्वी MP में आज और 20 अगस्त को बहुत भारी बारिश का खतरा है, जबकि पश्चिमी MP में भी अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। गरज-चमक, आकाशीय बिजली और तेज हवाओं को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्रोत: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), मौसम विज्ञान केंद्र भोपाल और IMD के दैनिक वर्षा एवं चेतावनी बुलेटिन।
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