- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- हॉकी विश्व कप के लिए टीम इंडिया में एमपी के विवेक सागर, मिडफील्ड में संभालेंगे जिम्मेदारी
हॉकी विश्व कप के लिए टीम इंडिया में एमपी के विवेक सागर, मिडफील्ड में संभालेंगे जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क
15 अगस्त से बेल्जियम-नीदरलैंड में विश्व कप, भारत के पूल में इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स
मध्यप्रदेश के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी से जुड़े विवेक सागर को एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष टीम में जगह मिली है। विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से भारतीय मिडफील्ड का हिस्सा रहे विवेक पर टूर्नामेंट में खेल की रफ्तार संभालने और आक्रमण व डिफेंस के बीच तालमेल बनाने की अहम जिम्मेदारी रहेगी। एफआईएच के रिकॉर्ड में भी विवेक सागर को भारत के सक्रिय मिडफील्डर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि विश्व कप का आयोजन 15 से 30 अगस्त के बीच निर्धारित है।
भारतीय टीम इस बार हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में विश्व कप में उतरेगी। टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की है। मनप्रीत सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति में मिडफील्ड की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है और इसी क्षेत्र में विवेक सागर का अनुभव भारत के काम आ सकता है। तेज पासिंग, गेंद पर नियंत्रण और दबाव के समय खेल की दिशा बदलने की क्षमता उनकी प्रमुख खूबियों में गिनी जाती है।
मध्यप्रदेश के लिए विवेक का चयन खास माना जा रहा है। प्रदेश की हॉकी व्यवस्था से निकलकर उन्होंने भारतीय टीम तक का लंबा सफर तय किया है और ओलंपिक सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जूनियर स्तर पर भी उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। एफआईएच के रिकॉर्ड के अनुसार 2021 जूनियर विश्व कप में विवेक भारतीय टीम के कप्तान रहे थे। इससे पहले 2018 यूथ ओलंपिक में भी उन्होंने भारतीय टीम की अगुवाई की थी, जहां भारत ने रजत पदक हासिल किया था।
विश्व कप में भारत को पूल-डी में रखा गया है। यहां टीम का सामना वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान से होगा। भारतीय टीम अपना अभियान 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। पूल चरण का सबसे चर्चित मैच 19 अगस्त को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है। इस मुकाबले पर दोनों देशों के हॉकी प्रशंसकों की खास नजर रहने की उम्मीद है।
पूल चरण में शुरुआती तीन मुकाबले भारत के आगे के सफर की दिशा तय करेंगे। वेल्स के खिलाफ मजबूत शुरुआत के बाद इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण टीम से मुकाबला आसान नहीं होगा। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में खेल के साथ दबाव संभालना भी अहम रहेगा। ऐसे मैचों में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बढ़ जाती है और विवेक सागर जैसे मिडफील्डर से गेंद को नियंत्रित रखते हुए टीम की लय बनाए रखने की उम्मीद होगी।
विवेक सागर भारतीय हॉकी में कम उम्र से ही पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। मध्यप्रदेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक पहुंचे विवेक ने जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी सबसे बड़ी ताकत मैदान के बीच में तेजी से खेल को पढ़ना और जरूरत के हिसाब से आक्रामक तथा रक्षात्मक भूमिका बदलना रही है।
मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के लिए भी उनका विश्व कप टीम में चयन एक और बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश में पिछले वर्षों में हॉकी के लिए अकादमी स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, फिटनेस और प्रतियोगिताओं का एक्सपोजर देने पर काम हुआ है। यहां से तैयार हुए कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जगह बनाई है। विवेक सागर इस व्यवस्था से निकलकर भारतीय हॉकी के प्रमुख नामों में शामिल हुए हैं।
विश्व कप में भारत की कोशिश शुरुआती मैचों से ही अपनी लय पकड़ने की होगी। बड़े टूर्नामेंट में पेनल्टी कॉर्नर के साथ मिडफील्ड में गेंद पर कब्जा और विपक्षी टीम के काउंटर अटैक को रोकना बेहद अहम रहता है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर ड्रैग फ्लिक और डिफेंस की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि मिडफील्ड में विवेक सहित दूसरे खिलाड़ियों को आक्रमण के मौके तैयार करने होंगे।
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन बेल्जियम और नीदरलैंड संयुक्त रूप से कर रहे हैं। दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम के सामने पूल चरण से ही कड़ी चुनौती रहेगी, ऐसे में पहले तीन मुकाबलों में अंक जुटाना महत्वपूर्ण होगा। 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ मुकाबले के साथ भारत का अभियान शुरू होगा और चार दिन बाद पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा।
भोपाल और मध्यप्रदेश के हॉकी जगत की नजर खास तौर पर विवेक सागर के प्रदर्शन पर रहेगी। भारतीय टीम में उनकी भूमिका केवल एक अनुभवी खिलाड़ी की नहीं, बल्कि मैदान के बीच खेल की गति तय करने वाले मिडफील्डर की भी होगी। बड़े मुकाबलों का अनुभव उनके पक्ष में है और टीम प्रबंधन विश्व कप में इसी अनुभव का फायदा उठाना चाहेगा।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
हॉकी विश्व कप के लिए टीम इंडिया में एमपी के विवेक सागर, मिडफील्ड में संभालेंगे जिम्मेदारी
स्पोर्ट्स डेस्क
मध्यप्रदेश के हॉकी खिलाड़ी विवेक सागर प्रसाद एक बार फिर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करते नजर आएंगे। मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी से जुड़े विवेक सागर को एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 के लिए भारतीय पुरुष टीम में जगह मिली है। विश्व कप 15 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड में खेला जाना है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबे समय से भारतीय मिडफील्ड का हिस्सा रहे विवेक पर टूर्नामेंट में खेल की रफ्तार संभालने और आक्रमण व डिफेंस के बीच तालमेल बनाने की अहम जिम्मेदारी रहेगी। एफआईएच के रिकॉर्ड में भी विवेक सागर को भारत के सक्रिय मिडफील्डर के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जबकि विश्व कप का आयोजन 15 से 30 अगस्त के बीच निर्धारित है।
भारतीय टीम इस बार हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में विश्व कप में उतरेगी। टीम मैनेजमेंट ने अनुभवी खिलाड़ियों के साथ युवा चेहरों का संतुलन बनाने की कोशिश की है। मनप्रीत सिंह जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी टीम का हिस्सा हैं। मुख्य कोच क्रेग फुल्टन की रणनीति में मिडफील्ड की भूमिका काफी महत्वपूर्ण रहने वाली है और इसी क्षेत्र में विवेक सागर का अनुभव भारत के काम आ सकता है। तेज पासिंग, गेंद पर नियंत्रण और दबाव के समय खेल की दिशा बदलने की क्षमता उनकी प्रमुख खूबियों में गिनी जाती है।
मध्यप्रदेश के लिए विवेक का चयन खास माना जा रहा है। प्रदेश की हॉकी व्यवस्था से निकलकर उन्होंने भारतीय टीम तक का लंबा सफर तय किया है और ओलंपिक सहित कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। जूनियर स्तर पर भी उन्होंने भारतीय टीम की कप्तानी की थी। एफआईएच के रिकॉर्ड के अनुसार 2021 जूनियर विश्व कप में विवेक भारतीय टीम के कप्तान रहे थे। इससे पहले 2018 यूथ ओलंपिक में भी उन्होंने भारतीय टीम की अगुवाई की थी, जहां भारत ने रजत पदक हासिल किया था।
विश्व कप में भारत को पूल-डी में रखा गया है। यहां टीम का सामना वेल्स, इंग्लैंड और पाकिस्तान से होगा। भारतीय टीम अपना अभियान 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ शुरू करेगी। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड से मुकाबला होगा। पूल चरण का सबसे चर्चित मैच 19 अगस्त को भारत और पाकिस्तान के बीच खेला जाना है। इस मुकाबले पर दोनों देशों के हॉकी प्रशंसकों की खास नजर रहने की उम्मीद है।
पूल चरण में शुरुआती तीन मुकाबले भारत के आगे के सफर की दिशा तय करेंगे। वेल्स के खिलाफ मजबूत शुरुआत के बाद इंग्लैंड जैसी चुनौतीपूर्ण टीम से मुकाबला आसान नहीं होगा। पाकिस्तान के खिलाफ मैच में खेल के साथ दबाव संभालना भी अहम रहेगा। ऐसे मैचों में अनुभवी खिलाड़ियों की भूमिका बढ़ जाती है और विवेक सागर जैसे मिडफील्डर से गेंद को नियंत्रित रखते हुए टीम की लय बनाए रखने की उम्मीद होगी।
विवेक सागर भारतीय हॉकी में कम उम्र से ही पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। मध्यप्रदेश से निकलकर अंतरराष्ट्रीय हॉकी तक पहुंचे विवेक ने जूनियर और सीनियर दोनों स्तरों पर लगातार अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी सबसे बड़ी ताकत मैदान के बीच में तेजी से खेल को पढ़ना और जरूरत के हिसाब से आक्रामक तथा रक्षात्मक भूमिका बदलना रही है।
मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी के लिए भी उनका विश्व कप टीम में चयन एक और बड़ी उपलब्धि है। प्रदेश में पिछले वर्षों में हॉकी के लिए अकादमी स्तर पर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, फिटनेस और प्रतियोगिताओं का एक्सपोजर देने पर काम हुआ है। यहां से तैयार हुए कई खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जगह बनाई है। विवेक सागर इस व्यवस्था से निकलकर भारतीय हॉकी के प्रमुख नामों में शामिल हुए हैं।
विश्व कप में भारत की कोशिश शुरुआती मैचों से ही अपनी लय पकड़ने की होगी। बड़े टूर्नामेंट में पेनल्टी कॉर्नर के साथ मिडफील्ड में गेंद पर कब्जा और विपक्षी टीम के काउंटर अटैक को रोकना बेहद अहम रहता है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह पर ड्रैग फ्लिक और डिफेंस की बड़ी जिम्मेदारी होगी, जबकि मिडफील्ड में विवेक सहित दूसरे खिलाड़ियों को आक्रमण के मौके तैयार करने होंगे।
एफआईएच हॉकी विश्व कप 2026 का आयोजन बेल्जियम और नीदरलैंड संयुक्त रूप से कर रहे हैं। दुनिया की शीर्ष हॉकी टीमें खिताब के लिए मैदान में उतरेंगी। भारतीय टीम के सामने पूल चरण से ही कड़ी चुनौती रहेगी, ऐसे में पहले तीन मुकाबलों में अंक जुटाना महत्वपूर्ण होगा। 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ मुकाबले के साथ भारत का अभियान शुरू होगा और चार दिन बाद पाकिस्तान के खिलाफ हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा।
भोपाल और मध्यप्रदेश के हॉकी जगत की नजर खास तौर पर विवेक सागर के प्रदर्शन पर रहेगी। भारतीय टीम में उनकी भूमिका केवल एक अनुभवी खिलाड़ी की नहीं, बल्कि मैदान के बीच खेल की गति तय करने वाले मिडफील्डर की भी होगी। बड़े मुकाबलों का अनुभव उनके पक्ष में है और टीम प्रबंधन विश्व कप में इसी अनुभव का फायदा उठाना चाहेगा।
