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कक्षा 5वीं-8वीं की पुनर्परीक्षा शुरू, केंद्रों पर छपेंगे प्रश्नपत्र
Digital Desk
23 जून तक चलेगी पुनर्परीक्षा, मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण और अनुपस्थित विद्यार्थियों को मिला दूसरा मौका; गोपनीयता के लिए अपनाई गई नई व्यवस्था
राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 5वीं और 8वीं की पुनर्परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। यह परीक्षा 23 जून तक चलेगी और इसमें वे विद्यार्थी शामिल होंगे जो मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे थे या किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। शिक्षा विभाग का कहना है कि पुनर्परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक और अवसर देना है ताकि वे अपनी शैक्षणिक प्रगति जारी रख सकें और अगली कक्षा में प्रवेश के लिए पात्र बन सकें। प्रदेशभर में जन शिक्षा केंद्र स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुबह 10 बजे से परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन कई केंद्रों पर विद्यार्थी समय से पहले पहुंच गए। स्कूलों में भी परीक्षा को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। शिक्षकों और प्राचार्यों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि वे पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों से संपर्क बनाए रखें और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसके लिए कई स्थानों पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर परीक्षा की जानकारी दी।
इस बार पुनर्परीक्षा को लेकर सबसे बड़ा बदलाव प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली में किया गया है। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी संभावित घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब प्रश्नपत्र पहले से मुद्रित होकर केंद्रों तक नहीं पहुंचेंगे। इसके बजाय परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले केंद्राध्यक्ष ऑनलाइन पोर्टल से प्रश्नपत्र डाउनलोड करेंगे और उसी केंद्र पर उनकी प्रिंटिंग कराई जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता दोनों सुनिश्चित की जा सकेंगी। जिला परियोजना समन्वयकों को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था से अनावश्यक देरी और सुरक्षा संबंधी जोखिम कम होंगे। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
नई व्यवस्था को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी संसाधनों की विशेष तैयारी की गई है। प्रत्येक केंद्र पर कम से कम दो कंप्यूटर या लैपटॉप, दो कार्यशील प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्याप्त मात्रा में ए-4 आकार के कागज और टोनर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो। कई जिलों में बैकअप व्यवस्था भी तैयार रखी गई है, जिससे किसी उपकरण के खराब होने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा संचालन को लेकर तकनीकी सुधारों पर लगातार काम किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से न केवल प्रशासनिक कार्य आसान हुए हैं, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने में भी मदद मिली है। इस बार अपनाई गई नई व्यवस्था उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि इससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर उठने वाले सवालों पर भी रोक लगेगी।
पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य परीक्षा में किसी कारण से सफलता हासिल नहीं कर पाने वाले छात्र अब बेहतर तैयारी के साथ दोबारा परीक्षा दे रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पुनर्परीक्षा का मौका मिलने से आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी इस व्यवस्था का स्वागत किया है और कहा है कि इससे बच्चों को अपनी गलतियों को सुधारने का एक और अवसर मिलता है। स्कूलों में परीक्षा को लेकर विशेष अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्राध्यक्षों को समय पर प्रश्नपत्र डाउनलोड करने, प्रिंटिंग प्रक्रिया की निगरानी करने और परीक्षा शुरू होने तक गोपनीयता बनाए रखने के लिए कहा गया है। वहीं शिक्षकों को परीक्षा कक्षों में निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश में हजारों विद्यार्थी इस पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और ड्रॉपआउट की संभावना भी कम होगी। विभाग ने विद्यार्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
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कक्षा 5वीं-8वीं की पुनर्परीक्षा शुरू, केंद्रों पर छपेंगे प्रश्नपत्र
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राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए कक्षा 5वीं और 8वीं की पुनर्परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गई हैं। यह परीक्षा 23 जून तक चलेगी और इसमें वे विद्यार्थी शामिल होंगे जो मुख्य परीक्षा में अनुत्तीर्ण रहे थे या किसी कारणवश परीक्षा में शामिल नहीं हो सके थे। शिक्षा विभाग का कहना है कि पुनर्परीक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को एक और अवसर देना है ताकि वे अपनी शैक्षणिक प्रगति जारी रख सकें और अगली कक्षा में प्रवेश के लिए पात्र बन सकें। प्रदेशभर में जन शिक्षा केंद्र स्तर पर परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। सभी केंद्रों पर सुबह 10 बजे से परीक्षा आयोजित की जा रही है। परीक्षा के पहले दिन कई केंद्रों पर विद्यार्थी समय से पहले पहुंच गए। स्कूलों में भी परीक्षा को लेकर विशेष तैयारियां की गई थीं। शिक्षकों और प्राचार्यों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए गए थे कि वे पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों से संपर्क बनाए रखें और उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करें। इसके लिए कई स्थानों पर शिक्षकों ने विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों से सीधे संपर्क कर परीक्षा की जानकारी दी।
इस बार पुनर्परीक्षा को लेकर सबसे बड़ा बदलाव प्रश्नपत्र वितरण प्रणाली में किया गया है। परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने और प्रश्नपत्र लीक जैसी संभावित घटनाओं को रोकने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अब प्रश्नपत्र पहले से मुद्रित होकर केंद्रों तक नहीं पहुंचेंगे। इसके बजाय परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले केंद्राध्यक्ष ऑनलाइन पोर्टल से प्रश्नपत्र डाउनलोड करेंगे और उसी केंद्र पर उनकी प्रिंटिंग कराई जाएगी। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे प्रश्नपत्रों की सुरक्षा और गोपनीयता दोनों सुनिश्चित की जा सकेंगी। जिला परियोजना समन्वयकों को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल अधिकारी बनाया गया है। उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई है कि सभी परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी और प्रशासनिक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल माध्यम से प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने की व्यवस्था से अनावश्यक देरी और सुरक्षा संबंधी जोखिम कम होंगे। साथ ही परीक्षा प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी।
नई व्यवस्था को देखते हुए परीक्षा केंद्रों पर तकनीकी संसाधनों की विशेष तैयारी की गई है। प्रत्येक केंद्र पर कम से कम दो कंप्यूटर या लैपटॉप, दो कार्यशील प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्टिविटी, पर्याप्त मात्रा में ए-4 आकार के कागज और टोनर उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो। कई जिलों में बैकअप व्यवस्था भी तैयार रखी गई है, जिससे किसी उपकरण के खराब होने पर तुरंत वैकल्पिक व्यवस्था की जा सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में परीक्षा संचालन को लेकर तकनीकी सुधारों पर लगातार काम किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों के उपयोग से न केवल प्रशासनिक कार्य आसान हुए हैं, बल्कि परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने में भी मदद मिली है। इस बार अपनाई गई नई व्यवस्था उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विभाग को उम्मीद है कि इससे प्रश्नपत्रों की गोपनीयता को लेकर उठने वाले सवालों पर भी रोक लगेगी।
पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थियों के लिए यह अवसर बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्य परीक्षा में किसी कारण से सफलता हासिल नहीं कर पाने वाले छात्र अब बेहतर तैयारी के साथ दोबारा परीक्षा दे रहे हैं। कई विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें पुनर्परीक्षा का मौका मिलने से आत्मविश्वास बढ़ा है और वे बेहतर परिणाम की उम्मीद कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी इस व्यवस्था का स्वागत किया है और कहा है कि इससे बच्चों को अपनी गलतियों को सुधारने का एक और अवसर मिलता है। स्कूलों में परीक्षा को लेकर विशेष अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। केंद्राध्यक्षों को समय पर प्रश्नपत्र डाउनलोड करने, प्रिंटिंग प्रक्रिया की निगरानी करने और परीक्षा शुरू होने तक गोपनीयता बनाए रखने के लिए कहा गया है। वहीं शिक्षकों को परीक्षा कक्षों में निष्पक्ष वातावरण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों के अनुसार किसी भी तरह की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। प्रदेश में हजारों विद्यार्थी इस पुनर्परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों को अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी और ड्रॉपआउट की संभावना भी कम होगी। विभाग ने विद्यार्थियों से समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने और परीक्षा से संबंधित सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
