नर्सिंग महाविद्यालयों को राहत देते हुए जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर ने संबद्धता एवं निरीक्षण शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर सामने आई तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया है। अब नर्सिंग कॉलेज 9 फरवरी तक ऑनलाइन माध्यम से संबद्धता शुल्क जमा कर सकेंगे। इससे पहले कई संस्थान समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाए थे।
विश्वविद्यालय के संबद्धता विभाग के अनुसार, यह निर्णय कॉलेजों की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद लिया गया। कई नर्सिंग संस्थानों ने बताया था कि एमपी ऑनलाइन पोर्टल पर सर्वर डाउन रहने, भुगतान प्रक्रिया अटकने और दस्तावेज अपलोड न होने जैसी समस्याओं के कारण वे तय समय सीमा में आवेदन पूरा नहीं कर सके। विश्वविद्यालय ने इन परिस्थितियों को गंभीरता से लेते हुए समय-सीमा बढ़ाने का फैसला किया, ताकि पात्र संस्थानों को सत्र 2025-26 की संबद्धता से वंचित न होना पड़े।
हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल शुल्क जमा करना पर्याप्त नहीं होगा। जिन नर्सिंग कॉलेजों ने ऑनलाइन आवेदन किया है, उन्हें संबद्धता से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेजों की सत्यापित हार्ड कॉपी 12 फरवरी तक अनिवार्य रूप से विश्वविद्यालय कार्यालय में जमा करनी होगी। इसमें आवेदन पत्र, मान्यता से जुड़े प्रमाण पत्र, स्टाफ विवरण, बुनियादी सुविधाओं से संबंधित दस्तावेज और अन्य जरूरी रिकॉर्ड शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि यदि कोई महाविद्यालय निर्धारित समय-सीमा के भीतर शुल्क जमा करने या दस्तावेज प्रस्तुत करने में विफल रहता है, तो उसके सत्र 2025-26 के लिए निरीक्षण की प्रक्रिया नहीं की जाएगी। ऐसी स्थिति में संबंधित कॉलेज की संबद्धता पर सीधा असर पड़ेगा और इसके लिए पूरी जिम्मेदारी उसी संस्थान की होगी। विश्वविद्यालय ने साफ शब्दों में कहा है कि इस संबंध में बाद में किसी भी प्रकार का दावा या आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी।
संबद्धता विभाग का कहना है कि यह तारीख बढ़ोतरी केवल तकनीकी कारणों को ध्यान में रखते हुए की गई है और इसे अंतिम अवसर माना जाए। 9 फरवरी के बाद शुल्क जमा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही दस्तावेज जमा करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नर्सिंग कॉलेजों को यह सलाह भी दी है कि यदि एमपी ऑनलाइन पोर्टल से संबंधित किसी प्रकार की तकनीकी समस्या सामने आती है, तो वे सीधे विश्वविद्यालय के एमपी ऑनलाइन प्रभारी या संबंधित हेल्पडेस्क से संपर्क करें, ताकि समय रहते समस्या का समाधान हो सके।
विश्वविद्यालय का मानना है कि समय-सीमा के भीतर शुल्क और दस्तावेज जमा होने से निरीक्षण प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जा सकेगी और आगामी शैक्षणिक सत्र के लिए नर्सिंग कॉलेजों की संबद्धता तय समय पर सुनिश्चित हो पाएगी। यह फैसला नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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