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भोपाल में पब-बार रात 12 बजे तक बंद करना अनिवार्य, सख्ती बढ़ी
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल पब-बार नियम के तहत 11:30 बजे तक सर्विस, उल्लंघन पर लाइसेंस रद्द भोपाल में नाइटलाइफ को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अब तय समय से अधिक खुलने वाले पब-बार पर सीधी कार्रवाई होगी।
भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब सभी पब और बार को रात 12 बजे तक हर हाल में बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में यह स्पष्ट निर्देश जारी किए। इसके साथ ही शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक सीमित कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं।
बैठक में शहर के सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों को बुलाकर नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम हाल के दिनों में बढ़ती नाइटलाइफ गतिविधियों और उससे जुड़े सुरक्षा मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मॉनिटरिंग की नई व्यवस्था
प्रशासन ने निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम भी तैयार किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार जूम एप के जरिए एक विशेष मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा।
हर दिन रात 12 बजे तक बंद होने के प्रमाण के तौर पर संचालकों को फोटो भेजनी होगी। यह सिस्टम पुलिस कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा, जिससे नियमों के पालन की रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी।
सुरक्षा पर जोर
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई अहम निर्देश दिए गए। सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त रोशनी, प्रशिक्षित सुरक्षा स्टाफ और प्रवेश-निकास पर निगरानी जरूरी होगी। इससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकेगा। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों में ढिलाई मिलने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब बड़े शहरों की तरह यहां भी नाइटलाइफ तेजी से बढ़ रही है। इंदौर की तर्ज पर यह मॉडल लागू किया जा रहा है, जहां पहले से ही इसी तरह की मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू है।
नियमों का सख्त पालन
पुलिस कमिश्नर ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह केवल निर्देश नहीं बल्कि अनिवार्य नियम हैं। यदि कोई पब या बार तय समय के बाद खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।आने वाले दिनों में अचानक निरीक्षण भी किए जा सकते हैं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि सख्ती से ही व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सकता है।
जनता और व्यवसाय पर असर
इस फैसले का सीधा असर शहर की नाइटलाइफ और पब-बार व्यवसाय पर पड़ेगा। जहां एक ओर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर कारोबारियों को अपने संचालन समय में बदलाव करना होगा।
आने वाले समय में पुलिस इस सिस्टम की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।अधिकारियों का कहना है कि भोपाल पब-बार नियमों का उद्देश्य शहर में सुरक्षित और नियंत्रित नाइटलाइफ सुनिश्चित करना है। यदि सभी संचालक नियमों का पालन करते हैं, तो यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
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भोपाल में पब-बार रात 12 बजे तक बंद करना अनिवार्य, सख्ती बढ़ी
भोपाल (म.प्र.)
भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अब सभी पब और बार को रात 12 बजे तक हर हाल में बंद करना अनिवार्य कर दिया गया है। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में यह स्पष्ट निर्देश जारी किए। इसके साथ ही शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक सीमित कर दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए जा सकते हैं।
बैठक में शहर के सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों को बुलाकर नए दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। पुलिस कमिश्नर ने साफ किया कि निर्धारित समय के बाद किसी भी प्रकार की गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम हाल के दिनों में बढ़ती नाइटलाइफ गतिविधियों और उससे जुड़े सुरक्षा मुद्दों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
मॉनिटरिंग की नई व्यवस्था
प्रशासन ने निगरानी के लिए डिजिटल सिस्टम भी तैयार किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार जूम एप के जरिए एक विशेष मॉनिटरिंग ग्रुप बनाया जाएगा, जिसमें सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा।
हर दिन रात 12 बजे तक बंद होने के प्रमाण के तौर पर संचालकों को फोटो भेजनी होगी। यह सिस्टम पुलिस कंट्रोल रूम से मॉनिटर किया जाएगा, जिससे नियमों के पालन की रियल टाइम निगरानी संभव हो सकेगी।
सुरक्षा पर जोर
बैठक में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई अहम निर्देश दिए गए। सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक पर्याप्त रोशनी, प्रशिक्षित सुरक्षा स्टाफ और प्रवेश-निकास पर निगरानी जरूरी होगी। इससे किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सकेगा। पुलिस का कहना है कि सुरक्षा मानकों में ढिलाई मिलने पर भी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल में यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया है, जब बड़े शहरों की तरह यहां भी नाइटलाइफ तेजी से बढ़ रही है। इंदौर की तर्ज पर यह मॉडल लागू किया जा रहा है, जहां पहले से ही इसी तरह की मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू है।
नियमों का सख्त पालन
पुलिस कमिश्नर ने बैठक में स्पष्ट किया कि यह केवल निर्देश नहीं बल्कि अनिवार्य नियम हैं। यदि कोई पब या बार तय समय के बाद खुला पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।आने वाले दिनों में अचानक निरीक्षण भी किए जा सकते हैं, ताकि नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासन का मानना है कि सख्ती से ही व्यवस्था को नियंत्रित किया जा सकता है।
जनता और व्यवसाय पर असर
इस फैसले का सीधा असर शहर की नाइटलाइफ और पब-बार व्यवसाय पर पड़ेगा। जहां एक ओर सुरक्षा और कानून-व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर कारोबारियों को अपने संचालन समय में बदलाव करना होगा।
आने वाले समय में पुलिस इस सिस्टम की समीक्षा करेगी और जरूरत पड़ने पर और सख्त कदम भी उठाए जा सकते हैं।अधिकारियों का कहना है कि भोपाल पब-बार नियमों का उद्देश्य शहर में सुरक्षित और नियंत्रित नाइटलाइफ सुनिश्चित करना है। यदि सभी संचालक नियमों का पालन करते हैं, तो यह मॉडल अन्य शहरों के लिए भी उदाहरण बन सकता है।
