उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 में संविदा शिक्षक वर्ग-1 की वेटिंग लिस्ट में शामिल सैकड़ों अभ्यर्थियों ने सोमवार को राजधानी भोपाल में जोरदार प्रदर्शन किया। निजी स्कूलों में कार्यरत ये शिक्षक लंबे समय से सरकारी नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने रैली निकाली और राज्य सरकार से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
सुबह करीब 11 बजे सभी अभ्यर्थी रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के बाहर एकत्र हुए। यहां से वे रैली के रूप में डिप्टी मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के बंगले की ओर रवाना हुए। प्रदर्शन से पहले अभ्यर्थियों ने हवन कर अपने आंदोलन की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तस्वीर के साथ हवन किया गया, जिसे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से रखने का प्रतीक बताया।
वेटिंग शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 में वर्ग-1 उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती के तहत कुल 8420 पदों के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी, लेकिन अंतिम रूप से केवल 2901 पदों पर ही नियुक्ति की गई। शेष पदों पर भर्ती नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थी वेटिंग सूची में रह गए। उनका कहना है कि यदि सरकार पदों की संख्या बढ़ा दे, तो अधिकांश वेटिंग अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिल सकती है।
प्रदर्शन में शामिल शिक्षकों का दावा है कि सरकार पहले ही करीब 58 हजार शिक्षकीय पदों को स्वीकृति दे चुकी है और वित्त विभाग स्तर पर भी इससे जुड़े पत्राचार हो चुके हैं। इसके बावजूद शिक्षा विभाग द्वारा पद वृद्धि को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इससे हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य अनिश्चित बना हुआ है।
प्रदर्शन में शामिल एक अभ्यर्थी ने बताया कि उन्होंने चयन परीक्षा दो बार उत्तीर्ण की, लेकिन इसके बावजूद अब तक नियुक्ति नहीं मिल सकी। उनका कहना है कि लगातार प्रतीक्षा के चलते वे मानसिक और आर्थिक दबाव में हैं और निजी स्कूलों में कम वेतन पर काम करने को मजबूर हैं।
वेटिंग शिक्षक संघ के नेताओं ने बताया कि पिछले दो वर्षों में अभ्यर्थी मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और विभागीय अधिकारियों से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। दंडवत यात्रा और अन्य प्रतीकात्मक आंदोलनों के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसी कारण अब आंदोलन को चरणबद्ध रूप से तेज करने का निर्णय लिया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही पद वृद्धि और दूसरी काउंसलिंग को लेकर निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। अभ्यर्थियों का कहना है कि उनका संघर्ष केवल नौकरी के लिए नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में योग्य शिक्षकों को स्थान दिलाने के लिए है।
यह प्रदर्शन एक बार फिर राज्य में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया, वेटिंग लिस्ट और पद निर्धारण जैसे मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ले आया है, जिस पर अब सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।
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