- Hindi News
- राज्य
- मध्य प्रदेश
- रीवा के अजगरहा में बिजली कटौती पर हुआ बवाल, सड़क पर उतरे लोग
रीवा के अजगरहा में बिजली कटौती पर हुआ बवाल, सड़क पर उतरे लोग
रीवा (म.प्र.)
रीवा के अजगरहा में कम वोल्टेज और बिजली कटौती से नाराज लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। पुलिस ने सख्ती से जाम हटवाया, लोगों ने समाधान की मांग की।
रीवा के अजगरहा क्षेत्र में कम वोल्टेज और बिजली कटौती को लेकर लोग शुक्रवार रात अचानक सड़क पर उतर आए। बिजली की लगातार समस्याओं ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया और उन्होंने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। इस हंगामे से कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया, जिसके चलते आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बिजली की आपूर्ति बेहद खराब हो गई है। कभी-कभी तो वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि घरों के उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर पाते, और कई बार घंटों तक बिजली गायब रहती है। कई शिकायतों के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे लोग नाराज होकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो गए। लोग थोड़ी देर तक वहीं खड़े रहे और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, देर रात होने के बावजूद माहौल में हलचल बनी रही।
जैसे ही सूचना मिली, विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और नोकझोंक भी हुई। कुछ समय तक हालात तनावपूर्ण रहे, लेकिन पुलिस ने सख्ती से लोगों को सड़क से हटाया और यातायात को बहाल किया। मौके पर उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल कार्रवाई के समय सक्रिय रहता है, जबकि उनकी मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। एक महिला ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आम जनता की समस्याएं अक्सर नजरअंदाज की जाती हैं। उनका कहना था कि शहर में भारी वाहन इस तरह से चलते रहते हैं कि दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस पर कुछ नहीं किया जा रहा। वहीं, स्थानीय लोगों ने केसीसी जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल उठाए और कहा कि इससे न केवल ट्रैफिक बल्कि सुरक्षा का मुद्दा भी प्रभावित हो रहा है। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और सड़क पर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया। पुलिस को अतिरिक्त बल भी तैनात करना पड़ा ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
प्रदर्शन कर रहे लोगों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। स्थानीय निवासी रमेश कुशवाहा ने कहा कि बिजली बार-बार जा रही है और रात में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। सीमा पटेल ने भी बताया कि मजबूरी में लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा क्योंकि समस्या लगातार बनी हुई है और कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि विभागीय स्तर पर सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखाई देता। प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी इलाके में बिजली की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी सुधार नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने रीवा में कम वोल्टेज और बिजली कटौती को लेकर विरोध की गंभीरता को फिर से उजागर कर दिया है, और अब लोग ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
रीवा के अजगरहा में बिजली कटौती पर हुआ बवाल, सड़क पर उतरे लोग
रीवा (म.प्र.)
रीवा के अजगरहा क्षेत्र में कम वोल्टेज और बिजली कटौती को लेकर लोग शुक्रवार रात अचानक सड़क पर उतर आए। बिजली की लगातार समस्याओं ने लोगों का धैर्य तोड़ दिया और उन्होंने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। इस हंगामे से कुछ समय के लिए यातायात ठप हो गया, जिसके चलते आसपास के इलाकों में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से बिजली की आपूर्ति बेहद खराब हो गई है। कभी-कभी तो वोल्टेज इतना कम हो जाता है कि घरों के उपकरण भी ठीक से काम नहीं कर पाते, और कई बार घंटों तक बिजली गायब रहती है। कई शिकायतों के बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे लोग नाराज होकर सड़क पर उतरने के लिए मजबूर हो गए। लोग थोड़ी देर तक वहीं खड़े रहे और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। हालांकि, देर रात होने के बावजूद माहौल में हलचल बनी रही।
जैसे ही सूचना मिली, विश्वविद्यालय थाना की पुलिस मौके पर पहुंची और जाम हटाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच बहस और नोकझोंक भी हुई। कुछ समय तक हालात तनावपूर्ण रहे, लेकिन पुलिस ने सख्ती से लोगों को सड़क से हटाया और यातायात को बहाल किया। मौके पर उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन केवल कार्रवाई के समय सक्रिय रहता है, जबकि उनकी मूल समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जाता। एक महिला ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि आम जनता की समस्याएं अक्सर नजरअंदाज की जाती हैं। उनका कहना था कि शहर में भारी वाहन इस तरह से चलते रहते हैं कि दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन इस पर कुछ नहीं किया जा रहा। वहीं, स्थानीय लोगों ने केसीसी जैसे भारी वाहनों की आवाजाही पर सवाल उठाए और कहा कि इससे न केवल ट्रैफिक बल्कि सुरक्षा का मुद्दा भी प्रभावित हो रहा है। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रित हुई और सड़क पर फंसे वाहनों को धीरे-धीरे निकाला गया। पुलिस को अतिरिक्त बल भी तैनात करना पड़ा ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
प्रदर्शन कर रहे लोगों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बावजूद बिजली विभाग ने कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला है। स्थानीय निवासी रमेश कुशवाहा ने कहा कि बिजली बार-बार जा रही है और रात में स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे बच्चे और बुजुर्ग सबसे ज्यादा परेशान होते हैं। सीमा पटेल ने भी बताया कि मजबूरी में लोगों को सड़क पर उतरना पड़ा क्योंकि समस्या लगातार बनी हुई है और कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों का कहना है कि विभागीय स्तर पर सिर्फ आश्वासन मिलता है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई बदलाव नहीं दिखाई देता। प्रदर्शन खत्म होने के बाद भी इलाके में बिजली की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं, जिससे लोगों में और नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी सुधार नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने रीवा में कम वोल्टेज और बिजली कटौती को लेकर विरोध की गंभीरता को फिर से उजागर कर दिया है, और अब लोग ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
