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इंदौर में प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 4 घंटे से हो रही आग बुझाने की कोशिश
इंदौर (म.प्र.)
इंदौर के धार रोड स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री में भीषण आग, 7 दमकलें जुटीं। आसपास क्षेत्र खाली, प्रशासन जांच में जुटा।
शनिवार सुबह धार रोड में इंदौर के एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ये घटना सुबह लगभग 7 बजे की है। आग ने जल्दी ही पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा जाने लगा। आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंच गए, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआत के प्रयास कामयाब नहीं हुए। इसके बाद और दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, और फिलहाल करीब सात फायर ब्रिगेड वाहनों के साथ आग बुझाने का काम जारी है। आग पर काबू पाने के लिए पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट भी बुलाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जा चुका है, फिर भी प्लास्टिक दानों के कारण आग बार-बार भड़क रही है। नगर निगम के अधिकारी और पुलिस भी वहां मौजूद हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री होने के चलते आग तेजी से फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का प्राथमिक कारण डीपी में शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। फैक्ट्री के संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी ने बताया कि आज अमावस्या थी, इसलिए मजदूर काम पर नहीं आए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आमतौर पर फैक्ट्री में 30 से 35 लोग काम करते हैं। आस-पास की अन्य फैक्ट्रियों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया ताकि आग के फैलने से जनहानि न हो।
दमकल अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक सामग्री और टीन शेड के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही हैं। जेसीबी मशीन की मदद से शेड हटाकर पानी और फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है। RRCAT के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पानी के पर्याप्त स्रोत न होने के कारण भी ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते बाहर से टैंकर बुलाए जा रहे हैं। वहीं, सांवेर रोड क्षेत्र में रुई के कतरन के गोदाम में भी आग लगने की खबर से फायर टीम पर दबाव और बढ़ गया है।
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों से आग को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा अधिकांश सामान जलने की आशंका है। आग पर पूरी तरह काबू पाने में शायद कुछ और समय लगेगा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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इंदौर में प्लास्टिक फैक्ट्री में लगी भीषण आग, 4 घंटे से हो रही आग बुझाने की कोशिश
इंदौर (म.प्र.)
शनिवार सुबह धार रोड में इंदौर के एक प्लास्टिक दाना बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक आग लग गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई। ये घटना सुबह लगभग 7 बजे की है। आग ने जल्दी ही पूरी यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा जाने लगा। आस-पास के लोगों में दहशत फैल गई और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया।
फायर ब्रिगेड की टीम को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंच गए, लेकिन आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शुरुआत के प्रयास कामयाब नहीं हुए। इसके बाद और दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं, और फिलहाल करीब सात फायर ब्रिगेड वाहनों के साथ आग बुझाने का काम जारी है। आग पर काबू पाने के लिए पोकलेन मशीन और फायर फाइटिंग रोबोट भी बुलाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, अब तक करीब 35 टैंकर पानी का इस्तेमाल किया जा चुका है, फिर भी प्लास्टिक दानों के कारण आग बार-बार भड़क रही है। नगर निगम के अधिकारी और पुलिस भी वहां मौजूद हैं और हालात पर नजर रखी जा रही है।
फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में प्लास्टिक सामग्री होने के चलते आग तेजी से फैल गई। कर्मचारियों का कहना है कि आग लगने का प्राथमिक कारण डीपी में शॉर्ट सर्किट हो सकता है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। फैक्ट्री के संचालक मोहम्मद जावेद कुरैशी ने बताया कि आज अमावस्या थी, इसलिए मजदूर काम पर नहीं आए थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। आमतौर पर फैक्ट्री में 30 से 35 लोग काम करते हैं। आस-पास की अन्य फैक्ट्रियों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया ताकि आग के फैलने से जनहानि न हो।
दमकल अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक सामग्री और टीन शेड के कारण आग पर काबू पाने में मुश्किलें आ रही हैं। जेसीबी मशीन की मदद से शेड हटाकर पानी और फोम का इस्तेमाल किया जा रहा है। RRCAT के डिप्टी फायर ऑफिसर अजय कुमार ने बताया कि इलाके में पानी के पर्याप्त स्रोत न होने के कारण भी ऑपरेशन प्रभावित हो रहा है, जिसके चलते बाहर से टैंकर बुलाए जा रहे हैं। वहीं, सांवेर रोड क्षेत्र में रुई के कतरन के गोदाम में भी आग लगने की खबर से फायर टीम पर दबाव और बढ़ गया है।
नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लिया और कहा कि सभी उपलब्ध संसाधनों से आग को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी व्यवस्था का होना बहुत जरूरी है। राहत की बात यह है कि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन फैक्ट्री में रखा अधिकांश सामान जलने की आशंका है। आग पर पूरी तरह काबू पाने में शायद कुछ और समय लगेगा और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
