- Hindi News
- देश विदेश
- अमेरिका-ईरान टकराव फिर गरमाया, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ दोबारा शुरू करने की तैयारी में ट्रंप!
अमेरिका-ईरान टकराव फिर गरमाया, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ दोबारा शुरू करने की तैयारी में ट्रंप!
Digital Desk
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ की खबरों से हलचल तेज। ट्रंप और मिडिल ईस्ट रणनीति पर वैश्विक नजर।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ने की खबरें सुनाई दे रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बनाई है, जिसका नाम 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0' रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चर्चा तब तेज हुई जब दोनों देशों के बीच की कूटनीतिक बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और एक बार फिर से संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में किए गए विदेश दौरे के बाद ये मुद्दा और तेजी से उठकर सामने आया है।
अमेरिकी अखबार द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन जल्द ही ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग में इस बात पर चर्चा हुई है कि हालात बिगड़ने पर हवाई हमलों से लेकर विशेष सैन्य अभियानों तक के विकल्प तैयार रखे गए हैं। कुछ पश्चिम एशियाई अधिकारियों ने बताया है कि इजरायल के साथ मिलकर संभावित रणनीति पर भी काम चल रहा है। योजना में ईरान के सैन्य ढांचे, परमाणु ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्ष्य बनाने की बात शामिल है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक किसी नए ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सैन्य तैयारियों की चर्चा ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस संभावित ऑपरेशन के तीन प्रमुख विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहला है, हवाई हमलों के जरिए ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना। दूसरा, विशेष बलों के जरिए जमीनी स्तर पर मौजूद परमाणु ठिकानों को निष्क्रिय करना, जबकि तीसरे विकल्प में खार्ग द्वीप जैसे अहम तेल निर्यात केंद्र पर नियंत्रण की रणनीति शामिल बताई जा रही है।
इस बीच, ईरान की संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान किसी भी हमले का माकूल जवाब देने के लिए तैयार है और देश अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गलत निर्णयों के गंभीर परिणाम होंगे और ईरान हर परिस्थिति के लिए तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिका में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का कारण बना हुआ है, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले युद्ध की संभावना पर जनता में असंतोष बढ़ने की बात कही जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो यह पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है और वैश्विक तेल बाजार पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
अमेरिका-ईरान टकराव फिर गरमाया, ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0’ दोबारा शुरू करने की तैयारी में ट्रंप!
Digital Desk
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ने की खबरें सुनाई दे रही हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी सेना ने ईरान पर नए सैन्य हमलों की योजना बनाई है, जिसका नाम 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी 2.0' रखा गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह चर्चा तब तेज हुई जब दोनों देशों के बीच की कूटनीतिक बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंची और एक बार फिर से संघर्ष की आशंका जताई जा रही है। इसी बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हाल ही में किए गए विदेश दौरे के बाद ये मुद्दा और तेजी से उठकर सामने आया है।
अमेरिकी अखबार द न्यू यॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पेंटागन जल्द ही ईरान के खिलाफ सैन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी रक्षा विभाग में इस बात पर चर्चा हुई है कि हालात बिगड़ने पर हवाई हमलों से लेकर विशेष सैन्य अभियानों तक के विकल्प तैयार रखे गए हैं। कुछ पश्चिम एशियाई अधिकारियों ने बताया है कि इजरायल के साथ मिलकर संभावित रणनीति पर भी काम चल रहा है। योजना में ईरान के सैन्य ढांचे, परमाणु ठिकानों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को लक्ष्य बनाने की बात शामिल है। हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक किसी नए ऑपरेशन की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन सैन्य तैयारियों की चर्चा ने क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी है।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि इस संभावित ऑपरेशन के तीन प्रमुख विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। पहला है, हवाई हमलों के जरिए ईरान के रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना। दूसरा, विशेष बलों के जरिए जमीनी स्तर पर मौजूद परमाणु ठिकानों को निष्क्रिय करना, जबकि तीसरे विकल्प में खार्ग द्वीप जैसे अहम तेल निर्यात केंद्र पर नियंत्रण की रणनीति शामिल बताई जा रही है।
इस बीच, ईरान की संसद के स्पीकर बाघेर गालिबाफ ने कड़ा बयान देते हुए कहा है कि ईरान किसी भी हमले का माकूल जवाब देने के लिए तैयार है और देश अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि गलत निर्णयों के गंभीर परिणाम होंगे और ईरान हर परिस्थिति के लिए तैयार है। दूसरी ओर, अमेरिका में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का कारण बना हुआ है, क्योंकि आगामी चुनावों से पहले युद्ध की संभावना पर जनता में असंतोष बढ़ने की बात कही जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तनाव और बढ़ता है, तो यह पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है और वैश्विक तेल बाजार पर भी बड़ा प्रभाव डाल सकता है।
