मनकहरी में बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आज सगरा थाने पर जन आक्रोश प्रदर्शन

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ग्राम मनकहरी में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने के विरोध में समाजसेवी संगठनों ने सगरा थाने पर प्रदर्शन का आह्वान किया, दोषियों की गिरफ्तारी और प्रतिमा की पुनः स्थापना की मांग उठेगी।

ग्राम मनकहरी में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को लेकर क्षेत्र में लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना के विरोध में गुरुवार को सगरा थाना परिसर में जन आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया है। विभिन्न समाजसेवी संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें पहुंचाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना है। आयोजकों के अनुसार सभी समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से दोपहर 12 बजे सगरा थाना पहुंचने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के गौरव, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना है जो उनके आदर्शों का सम्मान करते हैं। प्रदर्शन से पहले जारी अपील में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और लोगों के बीच असंतोष पैदा करती हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। इसलिए प्रशासन को बिना किसी देरी के निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की तत्काल मरम्मत या नई प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग रखी गई है, ताकि लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जा सके। समाजसेवी संगठनों का कहना है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य किसी तरह का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, कानून का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने कहा कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी जाएगी। बिरसा मुंडा को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों में गिना जाता है। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया था। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए देशभर में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और उनकी जयंती भी व्यापक स्तर पर मनाई जाती है। ऐसे में उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी पैदा कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि यदि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था। इसी कारण प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी उठाई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से लोगों में नाराजगी बनी हुई है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। महापुरुषों की प्रतिमाओं से जुड़ी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं होतीं, बल्कि समाज की भावनाओं से भी जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से लोगों का विश्वास बना रहता है। यदि जांच में देरी होती है तो असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन के लिए जरूरी है कि मामले का जल्द समाधान निकाला जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। बड़ी संख्या में लोगों के सगरा थाना पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखी जाएंगी, जिनमें दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, प्रतिमा की पुनः स्थापना और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग शामिल है। आयोजकों ने एक बार फिर लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में भाग लेने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

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02 Jul 2026 By Vaishnavi.J

मनकहरी में बिरसा मुंडा की प्रतिमा क्षतिग्रस्त, आज सगरा थाने पर जन आक्रोश प्रदर्शन

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ग्राम मनकहरी में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना को लेकर क्षेत्र में लोगों के बीच गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस घटना के विरोध में गुरुवार को सगरा थाना परिसर में जन आक्रोश प्रदर्शन आयोजित किया गया है। विभिन्न समाजसेवी संगठनों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने लोगों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। प्रदर्शन का उद्देश्य प्रशासन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें पहुंचाना और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करना है। आयोजकों के अनुसार सभी समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों और आम नागरिकों से दोपहर 12 बजे सगरा थाना पहुंचने का आग्रह किया गया है। उनका कहना है कि भगवान बिरसा मुंडा केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि आदिवासी समाज के गौरव, संघर्ष और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाना केवल सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने का मामला नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटना है जो उनके आदर्शों का सम्मान करते हैं। प्रदर्शन से पहले जारी अपील में इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की गई है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करती हैं और लोगों के बीच असंतोष पैदा करती हैं। उनका मानना है कि यदि ऐसे मामलों में समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। इसलिए प्रशासन को बिना किसी देरी के निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति या व्यक्तियों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अलावा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की तत्काल मरम्मत या नई प्रतिमा स्थापित करने की भी मांग रखी गई है, ताकि लोगों की भावनाओं का सम्मान किया जा सके। समाजसेवी संगठनों का कहना है कि इस प्रदर्शन का उद्देश्य किसी तरह का तनाव पैदा करना नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, कानून का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखते हुए प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों ने कहा कि विरोध पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा और संविधान द्वारा दिए गए अधिकारों के तहत अपनी मांग प्रशासन के सामने रखी जाएगी। बिरसा मुंडा को देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों और जननायकों में गिना जाता है। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों, स्वाभिमान और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया था। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए देशभर में उनकी प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं और उनकी जयंती भी व्यापक स्तर पर मनाई जाती है। ऐसे में उनकी प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना ने स्थानीय लोगों के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक संगठनों में भी नाराजगी पैदा कर दी है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर स्थापित महापुरुषों की प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उनका मानना है कि यदि संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था होती तो ऐसी घटना को रोका जा सकता था। इसी कारण प्रदर्शनकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की मांग भी उठाई है। प्रशासन की ओर से फिलहाल मामले की जांच जारी होने की जानकारी दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में अब तक किसी की गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। इसी वजह से लोगों में नाराजगी बनी हुई है और वे जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। महापुरुषों की प्रतिमाओं से जुड़ी घटनाएं केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं होतीं, बल्कि समाज की भावनाओं से भी जुड़ी होती हैं। ऐसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई से लोगों का विश्वास बना रहता है। यदि जांच में देरी होती है तो असंतोष बढ़ सकता है। इसलिए प्रशासन के लिए जरूरी है कि मामले का जल्द समाधान निकाला जाए और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। बड़ी संख्या में लोगों के सगरा थाना पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शन के दौरान प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर चार प्रमुख मांगें रखी जाएंगी, जिनमें दोषियों की गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच, प्रतिमा की पुनः स्थापना और भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग शामिल है। आयोजकों ने एक बार फिर लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन में भाग लेने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की है।

https://www.dainikjagranmpcg.com/state/madhya-pradesh/vindhya-rewa/6a45ef4aafd48/article-57615

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