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रीवा में पानी के जार में छिपाकर बेच रहा था नशीली कोरेक्स, ऑपरेशन प्रहार 2.0 में पुलिस ने दबोचा
रीवा,(म.प्र.)
अमहिया थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर पुलिया के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे युवक को गिरफ्तार किया। पानी के जार में छिपाकर रखी अवैध नशीली कफ सिरप जब्त की गई।
रीवा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अमहिया थाना पुलिस ने अवैध रूप से नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) की बिक्री कर रहे एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाए हुए था। वह पानी के जार के अंदर नशीली कफ सिरप छिपाकर ग्राहकों तक पहुंचा रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से अवैध कफ सिरप बरामद कर ली। 1 जुलाई को की गई। अमहिया थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नरेंद्र नगर स्थित खमरिया हाउस के पास बनी पुलिया पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ है। सूचना में यह भी बताया गया था कि युवक नीले रंग की जींस और स्काई ब्लू रंग की टी-शर्ट पहने हुए है। उसके पास एक पानी का जार रखा है, जिसमें अवैध नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई है। वह वहां संभावित ग्राहकों का इंतजार कर रहा है और मौका मिलते ही नशीली दवा की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस जैसे ही बताए गए स्थान पर पहुंची, वहां मौजूद युवक ने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस टीम पहले से सतर्क थी और चारों तरफ घेराबंदी कर ली गई थी। कुछ ही दूरी पर युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम (24) निवासी सुंदर नगर, बोदाबाग बताया।
आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास रखा पानी का जार संदिग्ध लगा। जब जार की जांच की गई तो उसके अंदर अवैध रूप से रखी गई नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही सभी बोतलों को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से नशीली कफ सिरप की बिक्री कर रहा था। पानी के जार में कफ सिरप छिपाने के कारण आम लोगों के साथ-साथ पुलिस को भी उस पर आसानी से शक नहीं होता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली कफ सिरप का दुरुपयोग युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग चिकित्सकीय उपयोग के बजाय इसका इस्तेमाल नशे के रूप में करते हैं। इसी कारण बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत इसकी बिक्री कानूनन अपराध है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को यह नशीली कफ सिरप कहां से मिलती थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, ताकि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। रीवा पुलिस पिछले कुछ महीनों से नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, गांजा, नशीली गोलियां और कफ सिरप की तस्करी करने वालों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में लगातार कार्रवाई होने से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। लोगों ने पुलिस से इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
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रीवा में पानी के जार में छिपाकर बेच रहा था नशीली कोरेक्स, ऑपरेशन प्रहार 2.0 में पुलिस ने दबोचा
रीवा,(म.प्र.)
रीवा जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। अमहिया थाना पुलिस ने अवैध रूप से नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) की बिक्री कर रहे एक युवक को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस की नजरों से बचने के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाए हुए था। वह पानी के जार के अंदर नशीली कफ सिरप छिपाकर ग्राहकों तक पहुंचा रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। हालांकि मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया और उसके कब्जे से अवैध कफ सिरप बरामद कर ली। 1 जुलाई को की गई। अमहिया थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नरेंद्र नगर स्थित खमरिया हाउस के पास बनी पुलिया पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में बैठा हुआ है। सूचना में यह भी बताया गया था कि युवक नीले रंग की जींस और स्काई ब्लू रंग की टी-शर्ट पहने हुए है। उसके पास एक पानी का जार रखा है, जिसमें अवैध नशीली कफ सिरप छिपाकर रखी गई है। वह वहां संभावित ग्राहकों का इंतजार कर रहा है और मौका मिलते ही नशीली दवा की बिक्री कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी के निर्देश पर पुलिस टीम तुरंत मौके के लिए रवाना हुई। पुलिस जैसे ही बताए गए स्थान पर पहुंची, वहां मौजूद युवक ने पुलिस को देखते ही भागने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस टीम पहले से सतर्क थी और चारों तरफ घेराबंदी कर ली गई थी। कुछ ही दूरी पर युवक को पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम मयंक मिश्रा उर्फ अमन गौतम (24) निवासी सुंदर नगर, बोदाबाग बताया।
आरोपी की तलाशी लेने पर पुलिस को उसके पास रखा पानी का जार संदिग्ध लगा। जब जार की जांच की गई तो उसके अंदर अवैध रूप से रखी गई नशीली कफ सिरप की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने मौके पर ही सभी बोतलों को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से इस तरीके से नशीली कफ सिरप की बिक्री कर रहा था। पानी के जार में कफ सिरप छिपाने के कारण आम लोगों के साथ-साथ पुलिस को भी उस पर आसानी से शक नहीं होता था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशीली कफ सिरप का दुरुपयोग युवाओं के बीच तेजी से बढ़ रहा है। कई लोग चिकित्सकीय उपयोग के बजाय इसका इस्तेमाल नशे के रूप में करते हैं। इसी कारण बिना वैध अनुमति या निर्धारित नियमों के विपरीत इसकी बिक्री कानूनन अपराध है। पुलिस अब यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी को यह नशीली कफ सिरप कहां से मिलती थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और सप्लाई चेन की जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं। इसके आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी।
अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि जिले में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत पुलिस की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया गया है, ताकि अवैध नशीले पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों तक आसानी से पहुंचा जा सके। उन्होंने कहा कि समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी गंभीरता से काम कर रही है और ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। रीवा पुलिस पिछले कुछ महीनों से नशे के कारोबार पर लगातार कार्रवाई कर रही है। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अवैध शराब, गांजा, नशीली गोलियां और कफ सिरप की तस्करी करने वालों के खिलाफ कई अभियान चलाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में जाने से रोकने के लिए अवैध कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई बेहद जरूरी है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। उनका कहना है कि नशीले पदार्थों की आसान उपलब्धता से युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में लगातार कार्रवाई होने से अवैध कारोबार पर अंकुश लगेगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। लोगों ने पुलिस से इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रखने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास किसी प्रकार की नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस का कहना है कि जनता के सहयोग से ही नशे के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकता है।
