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सीधी में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, संयुक्त अभियान में 7 वाहन जब्त
सीधी
खनिज माफियाओं पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई, रेत, गिट्टी और बोल्डर के अवैध परिवहन में शामिल वाहनों पर शिकंजा, संवेदनशील क्षेत्रों में जांच और सख्त करने के निर्देश
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध रूप से खनिज परिवहन में लगे सात वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देश और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के मार्गदर्शन में जिला खनिज विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने गोपदबनास और चुरहट क्षेत्र सहित कई स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच में जिन वाहनों के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान चार ट्रैक्टर गिट्टी, एक डंपर रेत, एक ट्रैक्टर बोल्डर और एक हाइवा रेत परिवहन करते हुए पकड़े गए। अधिकारियों ने बताया कि सभी वाहन बिना वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के खनिज परिवहन करते पाए गए। नियमों के तहत इन वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना परिसरों में सुरक्षित रखा गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जिला प्रशासन के मुताबिक जब्त किए गए वाहनों के विरुद्ध मध्य प्रदेश में लागू खनिज संबंधी कानूनों और अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण रोकने से जुड़े प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित मामलों में जांच जारी है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ प्रशासन की नीति पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने खनिज विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान जारी रखें। साथ ही आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए, जहां अवैध खनन या परिवहन की शिकायतें अधिक मिलती हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय होने वाले अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
जिला प्रशासन का मानना है कि अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। नदी, पहाड़ और अन्य प्राकृतिक क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होता है, जिससे भविष्य में पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी कारण अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन, रेत या अन्य खनिजों का गैरकानूनी परिवहन अथवा भंडारण होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस को दी जाए। नागरिकों की सूचना के आधार पर भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और शासन के राजस्व की रक्षा हो।
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सीधी में अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा एक्शन, संयुक्त अभियान में 7 वाहन जब्त
सीधी
मध्य प्रदेश के सीधी जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन पर जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए खनिज माफियाओं के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न इलाकों में विशेष जांच अभियान चलाकर अवैध रूप से खनिज परिवहन में लगे सात वाहनों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों का कहना है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और शासन को राजस्व हानि पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान जारी रहेगा।
जानकारी के अनुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी विकास मिश्रा के निर्देश और पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के मार्गदर्शन में जिला खनिज विभाग तथा पुलिस की संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने गोपदबनास और चुरहट क्षेत्र सहित कई स्थानों पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान कई संदिग्ध वाहनों की जांच की गई और दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच में जिन वाहनों के पास खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज नहीं मिले, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें जब्त कर लिया गया।
संयुक्त कार्रवाई के दौरान चार ट्रैक्टर गिट्टी, एक डंपर रेत, एक ट्रैक्टर बोल्डर और एक हाइवा रेत परिवहन करते हुए पकड़े गए। अधिकारियों ने बताया कि सभी वाहन बिना वैध अनुमति और आवश्यक दस्तावेजों के खनिज परिवहन करते पाए गए। नियमों के तहत इन वाहनों को जब्त कर संबंधित थाना परिसरों में सुरक्षित रखा गया है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
जिला प्रशासन के मुताबिक जब्त किए गए वाहनों के विरुद्ध मध्य प्रदेश में लागू खनिज संबंधी कानूनों और अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण रोकने से जुड़े प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित मामलों में जांच जारी है और दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर विकास मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन और खनिजों के गैरकानूनी परिवहन के खिलाफ प्रशासन की नीति पूरी तरह 'जीरो टॉलरेंस' की है। उन्होंने कहा कि शासन के राजस्व को नुकसान पहुंचाने और प्राकृतिक संसाधनों का अवैध दोहन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासन ने खनिज विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिले के संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच अभियान जारी रखें। साथ ही आकस्मिक निरीक्षण और संयुक्त कार्रवाई के माध्यम से उन स्थानों पर विशेष नजर रखी जाए, जहां अवैध खनन या परिवहन की शिकायतें अधिक मिलती हैं। अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय होने वाले अवैध परिवहन पर विशेष निगरानी रखी जाए।
जिला प्रशासन का मानना है कि अवैध खनन केवल सरकारी राजस्व को नुकसान नहीं पहुंचाता, बल्कि पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों पर भी गंभीर प्रभाव डालता है। नदी, पहाड़ और अन्य प्राकृतिक क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन से पारिस्थितिक संतुलन प्रभावित होता है, जिससे भविष्य में पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ सकती हैं। इसी कारण अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध खनन, रेत या अन्य खनिजों का गैरकानूनी परिवहन अथवा भंडारण होता दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत जिला प्रशासन या पुलिस को दी जाए। नागरिकों की सूचना के आधार पर भी त्वरित कार्रवाई की जाएगी, ताकि प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और शासन के राजस्व की रक्षा हो।
