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तीन साल से डीएमएफ राशि से वंचित मैहर की पंचायतें, सरपंच संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी
रीवा,(म.प्र.)
गौण खनिज मद की राशि जारी नहीं होने से विकास कार्य प्रभावित, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन; जल्द समाधान नहीं हुआ तो धरना-प्रदर्शन का ऐलान
मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायतों को पिछले करीब तीन वर्षों से जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) और गौण खनिज मद की राशि नहीं मिलने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि धनराशि के अभाव में गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जबकि जिले में खनिज संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय सरपंच संघ ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पंचायतों को राशि जारी नहीं की गई तो सरपंच संघ व्यापक आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
सरपंच संघ का आरोप है कि मैहर जिले के गठन के बाद से ग्राम पंचायतों को गौण खनिज मद की राशि का नियमित वितरण नहीं हो पाया है। पिछले लगभग तीन वर्षों से पंचायतों के खाते में कोई राशि नहीं पहुंची है, जिससे कई विकास योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। पंचायतों के पास सीमित संसाधन होने के कारण सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य मूलभूत विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।
सरपंचों का कहना है कि मैहर जिला खनिज संपदा के मामले में समृद्ध माना जाता है। यहां विभिन्न प्रकार के खनिजों का उत्खनन होता है और उनसे शासन को राजस्व भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों को नियमानुसार मिलने वाली डीएमएफ और गौण खनिज मद की राशि जारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब जिले से लगातार राजस्व प्राप्त हो रहा है तो ग्रामीण विकास के लिए निर्धारित धनराशि पंचायतों तक क्यों नहीं पहुंच रही है।
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने यह भी दावा किया कि पड़ोसी सतना जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए संबंधित मद की राशि पंचायतों को जारी की जा चुकी है। वहीं मैहर जिले की पंचायतें अब भी पिछले वर्षों की राशि मिलने का इंतजार कर रही हैं। उनका कहना है कि दोनों जिलों के बीच इस तरह का अंतर समझ से परे है और इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की योजनाएं तैयार होने के बावजूद धनाभाव के कारण उन्हें शुरू नहीं किया जा सका। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि कई जरूरी परियोजनाओं को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की गति भी प्रभावित हुई है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर सरपंच संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द डीएमएफ और गौण खनिज मद की लंबित राशि जारी कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पंचायतों को समय पर धनराशि उपलब्ध कराई जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।
अखिल भारतीय सरपंच संघ, मैहर के जिला अध्यक्ष विजय पटेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से पंचायतों को गौण खनिज मद की राशि नहीं मिलने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली यह राशि गांवों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि प्रशासन ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सरपंच संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस पूरे मामले में पंचायत प्रतिनिधियों ने मैहर जिले के खनिज विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को पंचायतों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय पर राशि वितरण सुनिश्चित करना चाहिए था। हालांकि इस मामले में प्रशासन या खनिज विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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तीन साल से डीएमएफ राशि से वंचित मैहर की पंचायतें, सरपंच संघ ने आंदोलन की दी चेतावनी
रीवा,(म.प्र.)
मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायतों को पिछले करीब तीन वर्षों से जिला खनिज प्रतिष्ठान (डीएमएफ) और गौण खनिज मद की राशि नहीं मिलने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि धनराशि के अभाव में गांवों में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जबकि जिले में खनिज संसाधनों की कोई कमी नहीं है। इस मुद्दे को लेकर अखिल भारतीय सरपंच संघ ने जिला प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पंचायतों को राशि जारी नहीं की गई तो सरपंच संघ व्यापक आंदोलन और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगा।
सरपंच संघ का आरोप है कि मैहर जिले के गठन के बाद से ग्राम पंचायतों को गौण खनिज मद की राशि का नियमित वितरण नहीं हो पाया है। पिछले लगभग तीन वर्षों से पंचायतों के खाते में कोई राशि नहीं पहुंची है, जिससे कई विकास योजनाएं अधूरी पड़ी हैं। पंचायतों के पास सीमित संसाधन होने के कारण सड़क, नाली, पेयजल, सामुदायिक भवन, सार्वजनिक सुविधाओं और अन्य मूलभूत विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।
सरपंचों का कहना है कि मैहर जिला खनिज संपदा के मामले में समृद्ध माना जाता है। यहां विभिन्न प्रकार के खनिजों का उत्खनन होता है और उनसे शासन को राजस्व भी प्राप्त होता है। इसके बावजूद ग्राम पंचायतों को नियमानुसार मिलने वाली डीएमएफ और गौण खनिज मद की राशि जारी नहीं होना कई सवाल खड़े करता है। पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि जब जिले से लगातार राजस्व प्राप्त हो रहा है तो ग्रामीण विकास के लिए निर्धारित धनराशि पंचायतों तक क्यों नहीं पहुंच रही है।
सरपंच संघ के पदाधिकारियों ने यह भी दावा किया कि पड़ोसी सतना जिले में वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए संबंधित मद की राशि पंचायतों को जारी की जा चुकी है। वहीं मैहर जिले की पंचायतें अब भी पिछले वर्षों की राशि मिलने का इंतजार कर रही हैं। उनका कहना है कि दोनों जिलों के बीच इस तरह का अंतर समझ से परे है और इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की योजनाएं तैयार होने के बावजूद धनाभाव के कारण उन्हें शुरू नहीं किया जा सका। कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जबकि कई जरूरी परियोजनाओं को फिलहाल स्थगित करना पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की गति भी प्रभावित हुई है, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर सरपंच संघ ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए जल्द से जल्द डीएमएफ और गौण खनिज मद की लंबित राशि जारी कराने की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि पंचायतों को समय पर धनराशि उपलब्ध कराई जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ भी लोगों तक बेहतर तरीके से पहुंच सकेगा।
अखिल भारतीय सरपंच संघ, मैहर के जिला अध्यक्ष विजय पटेल ने कहा कि पिछले तीन वर्षों से पंचायतों को गौण खनिज मद की राशि नहीं मिलने से विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंचायतों को मिलने वाली यह राशि गांवों के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि प्रशासन ने जल्द कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो सरपंच संघ चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन और आंदोलन की पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस पूरे मामले में पंचायत प्रतिनिधियों ने मैहर जिले के खनिज विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि संबंधित विभाग को पंचायतों के हितों को ध्यान में रखते हुए समय पर राशि वितरण सुनिश्चित करना चाहिए था। हालांकि इस मामले में प्रशासन या खनिज विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
