- Hindi News
- देश विदेश
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमला, ईरान के 2 तेल टैंकर रोके, रातभर चली गोलीबारी
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमला, ईरान के 2 तेल टैंकर रोके, रातभर चली गोलीबारी
Digital Desk
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका ने ईरान के दो टैंकरों पर कार्रवाई की। गोलीबारी और मिसाइल हमलों के बीच मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्क्रिय करने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाके में पूरी रात तनाव बना रहा और दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष की आशंका फिर तेज हो गई है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने भी दावा किया है कि उसके ऊपर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। हालांकि इन दावों को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के ये टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना ने पहले कुछ सैन्य जहाजों पर संभावित हमले को रोका और उसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज के आसपास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके कुछ देर बाद दो तेल टैंकरों पर ऑपरेशन किया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टैंकरों को पूरी तरह डुबोया नहीं गया लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इलाके में मौजूद कई जहाजों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और समुद्री रास्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है। हालात ऐसे हैं कि वैश्विक बाजार भी एक बार फिर दबाव में दिखाई दे रहे हैं क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का बेहद अहम रास्ता माना जाता है।
दरअसल 28 फरवरी के बाद से यह जलमार्ग लगातार विवाद के केंद्र में बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद ईरान ने इस क्षेत्र में आवाजाही को सीमित कर दिया था। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और कई देशों की चिंता बढ़ गई। अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता भी बेनतीजा खत्म हुई थी। उसके बाद से दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती गईं। अब ताजा हमले के बाद स्थिति और संवेदनशील मानी जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अगर अमेरिकी हितों को चुनौती दी गई तो जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कार्रवाई को उकसाने वाला कदम बताया है और इसे संघर्षविराम का उल्लंघन करार दिया है। इस बीच शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के संपर्क में है और तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी हमला, ईरान के 2 तेल टैंकर रोके, रातभर चली गोलीबारी
Digital Desk
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर हालात अचानक तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें निष्क्रिय करने का दावा किया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इलाके में पूरी रात तनाव बना रहा और दोनों पक्षों के बीच भारी गोलीबारी की खबरें सामने आईं। इस घटनाक्रम के बाद मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष की आशंका फिर तेज हो गई है। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने भी दावा किया है कि उसके ऊपर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। हालांकि इन दावों को लेकर दोनों पक्षों की तरफ से अलग-अलग बयान सामने आ रहे हैं।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार ईरान के ये टैंकर अमेरिकी नाकाबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि अमेरिकी नौसेना ने पहले कुछ सैन्य जहाजों पर संभावित हमले को रोका और उसके बाद जवाबी कार्रवाई करते हुए होर्मुज के आसपास मौजूद ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसके कुछ देर बाद दो तेल टैंकरों पर ऑपरेशन किया गया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक टैंकरों को पूरी तरह डुबोया नहीं गया लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया। इलाके में मौजूद कई जहाजों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और समुद्री रास्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है। हालात ऐसे हैं कि वैश्विक बाजार भी एक बार फिर दबाव में दिखाई दे रहे हैं क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का बेहद अहम रास्ता माना जाता है।
दरअसल 28 फरवरी के बाद से यह जलमार्ग लगातार विवाद के केंद्र में बना हुआ है। अमेरिका और इजरायल की ओर से सैन्य कार्रवाई शुरू होने के बाद ईरान ने इस क्षेत्र में आवाजाही को सीमित कर दिया था। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और कई देशों की चिंता बढ़ गई। अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच हुई शांति वार्ता भी बेनतीजा खत्म हुई थी। उसके बाद से दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियां लगातार बढ़ती गईं। अब ताजा हमले के बाद स्थिति और संवेदनशील मानी जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा है कि अगर अमेरिकी हितों को चुनौती दी गई तो जवाब दिया जाएगा। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी कार्रवाई को उकसाने वाला कदम बताया है और इसे संघर्षविराम का उल्लंघन करार दिया है। इस बीच शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि पाकिस्तान दोनों देशों के संपर्क में है और तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है।
