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जयपुर में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट, विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा
Digital Desk
शहीद स्मारक पर नीट पेपर लीक और बेरोजगारी के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में अचानक भीड़ ने किया हमला, पुलिस ने कई युवकों को हिरासत में लिया
जयपुर में सोमवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ शहीद स्मारक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल गई और भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच के आसपास लगातार नारेबाजी चल रही थी। इसी दौरान अभिजीत दीपके अपने कुछ समर्थकों के साथ भीड़ के बीच मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह अपने समर्थकों के कंधों पर बैठकर लोगों को संबोधित करने या भीड़ का अभिवादन कर रहे थे, तभी अचानक कुछ युवकों ने आगे बढ़कर उन पर हमला कर दिया। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआती कुछ सेकंड में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। कुछ लोगों ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, वहीं कुछ ने स्थिति को शांत करने का प्रयास भी किया। मौके पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें भीड़ के बीच अचानक हुई झड़प और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों को एक-दूसरे की तरफ दौड़ते और चिल्लाते हुए देखा गया, जबकि कुछ लोग स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
घटना के तुरंत बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को पकड़कर कथित रूप से उनकी पिटाई भी की। हालांकि इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से अपील की कि किसी भी तरह की हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए और हमलावरों को छोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाना है। मामले को लेकर सीजेपी के मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने दावा किया कि हमले में शामिल युवकों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। वहीं जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुल पांच लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें तीन युवक सीधे तौर पर मारपीट की घटना में शामिल पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि इन युवकों का किसी संगठन से कोई संबंध है या नहीं और क्या यह हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई योजना थी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो भी शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के हमले उनकी आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने इसे डर और कायरता की निशानी बताया और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दीपके ने यह भी दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी एक बार फिर से उठाई।
दीपके ने अपने बयान में कहा कि वह गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं और उनकी लड़ाई हमेशा अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हो सकती हैं, लेकिन इससे उनके इरादे नहीं बदलेंगे। सीजेपी के अन्य प्रवक्ताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल कुछ लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि सभी संदिग्ध चेहरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
इधर, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक विरोध पर हमला बताया है। वहीं कुछ ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे कारण कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। जयपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
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जयपुर में सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ मारपीट, विरोध प्रदर्शन के दौरान हंगामा
Digital Desk
जयपुर में सोमवार को उस वक्त माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दीपके के साथ शहीद स्मारक पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान मारपीट की घटना सामने आई। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था में कथित खामियों और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर आयोजित किया गया था। शुरुआती जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन कुछ ही पलों में स्थिति पूरी तरह बदल गई और भीड़ के बीच अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और मंच के आसपास लगातार नारेबाजी चल रही थी। इसी दौरान अभिजीत दीपके अपने कुछ समर्थकों के साथ भीड़ के बीच मौजूद थे। बताया जा रहा है कि वह अपने समर्थकों के कंधों पर बैठकर लोगों को संबोधित करने या भीड़ का अभिवादन कर रहे थे, तभी अचानक कुछ युवकों ने आगे बढ़कर उन पर हमला कर दिया। यह घटना इतनी तेजी से हुई कि शुरुआती कुछ सेकंड में किसी को समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है।
घटना के बाद वहां मौजूद समर्थकों और अन्य कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू हो गई। कुछ लोगों ने हमलावरों को पकड़ने की कोशिश की, वहीं कुछ ने स्थिति को शांत करने का प्रयास भी किया। मौके पर कुछ देर के लिए अव्यवस्था फैल गई और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। आसपास मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आया है, जिसमें भीड़ के बीच अचानक हुई झड़प और अफरा-तफरी को साफ देखा जा सकता है। वीडियो में लोगों को एक-दूसरे की तरफ दौड़ते और चिल्लाते हुए देखा गया, जबकि कुछ लोग स्थिति को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। इस वायरल वीडियो ने घटना को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
घटना के तुरंत बाद सीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमलावरों को पकड़कर कथित रूप से उनकी पिटाई भी की। हालांकि इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने मंच से अपील की कि किसी भी तरह की हिंसा का जवाब हिंसा से नहीं दिया जाना चाहिए और हमलावरों को छोड़ दिया जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं है बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को उठाना है। मामले को लेकर सीजेपी के मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन ने दावा किया कि हमले में शामिल युवकों को पुलिस ने मौके से हिरासत में ले लिया है। वहीं जयपुर दक्षिण के डीसीपी राजर्षि राज वर्मा ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कुल पांच लोगों को डिटेन किया गया है, जिनमें तीन युवक सीधे तौर पर मारपीट की घटना में शामिल पाए गए हैं। पुलिस फिलहाल यह जांच कर रही है कि इन युवकों का किसी संगठन से कोई संबंध है या नहीं और क्या यह हमला अचानक हुआ या इसके पीछे कोई योजना थी।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी बताया कि प्रदर्शन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को अब और मजबूत कर दिया गया है ताकि आगे किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। पूरे मामले की जांच अलग-अलग पहलुओं से की जा रही है, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो भी शामिल किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस तरह के हमले उनकी आवाज को दबा नहीं सकते। उन्होंने इसे डर और कायरता की निशानी बताया और कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपना आंदोलन जारी रखेंगे। दीपके ने यह भी दोहराया कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी एक बार फिर से उठाई।
दीपके ने अपने बयान में कहा कि वह गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरित हैं और उनकी लड़ाई हमेशा अहिंसक और लोकतांत्रिक तरीकों से ही आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं आंदोलन को कमजोर करने की कोशिश हो सकती हैं, लेकिन इससे उनके इरादे नहीं बदलेंगे। सीजेपी के अन्य प्रवक्ताओं ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि हमले में शामिल कुछ लोग किसी राजनीतिक दल से जुड़े हो सकते हैं, हालांकि उन्होंने इस बारे में कोई ठोस सबूत सार्वजनिक नहीं किया। उनका कहना है कि सभी संदिग्ध चेहरों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही पूरी सच्चाई सामने आएगी।
इधर, राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कुछ नेताओं ने इस घटना की निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक विरोध पर हमला बताया है। वहीं कुछ ने कहा है कि किसी भी तरह की हिंसा स्वीकार नहीं की जा सकती, चाहे कारण कुछ भी हो। सोशल मीडिया पर भी इस घटना को लेकर तीखी बहस देखने को मिल रही है। जयपुर पुलिस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और सभी संबंधित लोगों से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती जांच में पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
