- Hindi News
- टॉप न्यूज़
- विमेंस वर्ल्ड कप में भारत की राह मुश्किल, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच अहम
विमेंस वर्ल्ड कप में भारत की राह मुश्किल, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच अहम
स्पोर्ट्स डेस्क
साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया पर बढ़ा दबाव, ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के खिलाफ जीत जरूरी; चार टीमें टूर्नामेंट से बाहर
मैनचेस्टर में खेले गए अहम मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 6 विकेट से हराकर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-ए का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 158 रन बनाए थे, लेकिन साउथ अफ्रीका ने आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट में भारत की यह पहली हार रही और इसी के साथ सेमीफाइनल की राह पहले की तुलना में काफी कठिन हो गई है। अब भारतीय टीम को अपने बचे हुए दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। टीम का अगला मैच बांग्लादेश के खिलाफ है, जबकि उसके बाद सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के रूप में सामने होगी।
मौजूदा पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 8 अंकों के साथ ग्रुप-ए में शीर्ष पर बना हुआ है। उसने अपने सभी मुकाबले जीते हैं और उसका नेट रन रेट भी बाकी टीमों से काफी बेहतर है। भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका तीसरे और बांग्लादेश चौथे नंबर पर मौजूद है। दूसरी तरफ पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। भारत के लिए अब स्थिति साफ है। अगर टीम अपने दोनों मुकाबले जीत लेती है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे और फिर सेमीफाइनल का फैसला नेट रन रेट और अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर करेगा। हालांकि एक भी हार भारत की मुश्किलें काफी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में उसे दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और लगभग सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। उसका आखिरी लीग मुकाबला भारत के खिलाफ होना है। यदि ऑस्ट्रेलिया यह मैच जीत जाती है तो वह 10 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच जाएगी। हार की स्थिति में भी उसका नेट रन रेट उसे फायदा पहुंचा सकता है। वहीं साउथ अफ्रीका की स्थिति भारत से काफी मिलती-जुलती है। उसके पास फिलहाल 4 अंक हैं और उसे अपने दोनों शेष मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि उसके सामने नीदरलैंड और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं, जिससे उसकी संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। अगर साउथ अफ्रीका दोनों मैच जीत लेता है तो उसके भी 8 अंक हो जाएंगे और तब सेमीफाइनल की लड़ाई और रोमांचक हो सकती है।
बांग्लादेश को भी अभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टीम ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और उसके पास भी 4 अंक हैं। बांग्लादेश को भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। अगर वह दोनों मैच जीत लेता है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे और वह सीधे सेमीफाइनल की दावेदार बन जाएगा। यही वजह है कि ग्रुप-ए के आने वाले मुकाबले पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकते हैं। भारत, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच मुकाबले अब सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नेट रन रेट भी अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रुप-बी में तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। मेजबान इंग्लैंड ने अब तक अपने सभी मुकाबले जीते हैं और 6 अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। वेस्टइंडीज के भी 6 अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट के आधार पर वह दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड और श्रीलंका के पास 4-4 अंक हैं और दोनों टीमों की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। इंग्लैंड को अपने अगले मुकाबलों में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड से भिड़ना है। यदि वह इनमें से एक भी मैच जीत लेता है तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज को भी सिर्फ एक जीत की जरूरत है। टीम लगातार शानदार क्रिकेट खेल रही है और उसके पास 10 अंकों तक पहुंचने का मौका है।
न्यूजीलैंड और श्रीलंका के लिए स्थिति थोड़ी जटिल है। दोनों टीमें अधिकतम 6 अंक तक ही पहुंच सकती हैं, इसलिए उन्हें अपने प्रदर्शन के साथ-साथ दूसरे मुकाबलों के नतीजों का भी इंतजार करना होगा। खासकर इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि वहां अप्रत्याशित परिणाम सामने आते हैं तो सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
इस बीच टूर्नामेंट से पाकिस्तान, नीदरलैंड, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें बाहर हो चुकी हैं। अब सभी की नजरें आने वाले कुछ दिनों में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं। भारत के लिए हर मैच अब करो या मरो जैसा बन गया है। टीम के पास अभी भी मौका है, लेकिन एक और चूक उसे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव जरूर होगा, लेकिन यही वह समय भी है जब बड़ी टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ खेल से पहचान बनाती हैं।
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
विमेंस वर्ल्ड कप में भारत की राह मुश्किल, सेमीफाइनल के लिए अब हर मैच अहम
स्पोर्ट्स डेस्क
मैनचेस्टर में खेले गए अहम मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने भारत को 6 विकेट से हराकर विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-ए का समीकरण पूरी तरह बदल दिया है। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 158 रन बनाए थे, लेकिन साउथ अफ्रीका ने आखिरी ओवर में लक्ष्य हासिल कर मैच अपने नाम कर लिया। टूर्नामेंट में भारत की यह पहली हार रही और इसी के साथ सेमीफाइनल की राह पहले की तुलना में काफी कठिन हो गई है। अब भारतीय टीम को अपने बचे हुए दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। टीम का अगला मैच बांग्लादेश के खिलाफ है, जबकि उसके बाद सबसे बड़ी चुनौती ऑस्ट्रेलिया के रूप में सामने होगी।
मौजूदा पॉइंट्स टेबल पर नजर डालें तो ऑस्ट्रेलिया 8 अंकों के साथ ग्रुप-ए में शीर्ष पर बना हुआ है। उसने अपने सभी मुकाबले जीते हैं और उसका नेट रन रेट भी बाकी टीमों से काफी बेहतर है। भारत दूसरे स्थान पर है, जबकि साउथ अफ्रीका तीसरे और बांग्लादेश चौथे नंबर पर मौजूद है। दूसरी तरफ पाकिस्तान और नीदरलैंड की टीम सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो चुकी हैं। भारत के लिए अब स्थिति साफ है। अगर टीम अपने दोनों मुकाबले जीत लेती है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे और फिर सेमीफाइनल का फैसला नेट रन रेट और अन्य टीमों के नतीजों पर निर्भर करेगा। हालांकि एक भी हार भारत की मुश्किलें काफी बढ़ा सकती है। ऐसी स्थिति में उसे दूसरी टीमों के परिणामों पर निर्भर रहना पड़ेगा।
ऑस्ट्रेलिया फिलहाल सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। टीम ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है और लगभग सेमीफाइनल का टिकट पक्का कर लिया है। उसका आखिरी लीग मुकाबला भारत के खिलाफ होना है। यदि ऑस्ट्रेलिया यह मैच जीत जाती है तो वह 10 अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंच जाएगी। हार की स्थिति में भी उसका नेट रन रेट उसे फायदा पहुंचा सकता है। वहीं साउथ अफ्रीका की स्थिति भारत से काफी मिलती-जुलती है। उसके पास फिलहाल 4 अंक हैं और उसे अपने दोनों शेष मुकाबलों में जीत दर्ज करनी होगी। हालांकि उसके सामने नीदरलैंड और बांग्लादेश जैसी अपेक्षाकृत कमजोर टीमें हैं, जिससे उसकी संभावनाएं मजबूत मानी जा रही हैं। अगर साउथ अफ्रीका दोनों मैच जीत लेता है तो उसके भी 8 अंक हो जाएंगे और तब सेमीफाइनल की लड़ाई और रोमांचक हो सकती है।
बांग्लादेश को भी अभी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। टीम ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है और उसके पास भी 4 अंक हैं। बांग्लादेश को भारत और साउथ अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले खेलने हैं। अगर वह दोनों मैच जीत लेता है तो उसके 8 अंक हो जाएंगे और वह सीधे सेमीफाइनल की दावेदार बन जाएगा। यही वजह है कि ग्रुप-ए के आने वाले मुकाबले पूरे टूर्नामेंट की दिशा तय कर सकते हैं। भारत, साउथ अफ्रीका और बांग्लादेश के बीच मुकाबले अब सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नेट रन रेट भी अहम भूमिका निभाएगा।
ग्रुप-बी में तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। मेजबान इंग्लैंड ने अब तक अपने सभी मुकाबले जीते हैं और 6 अंकों के साथ शीर्ष पर बना हुआ है। वेस्टइंडीज के भी 6 अंक हैं, लेकिन नेट रन रेट के आधार पर वह दूसरे स्थान पर है। न्यूजीलैंड और श्रीलंका के पास 4-4 अंक हैं और दोनों टीमों की उम्मीदें अभी जिंदा हैं। इंग्लैंड को अपने अगले मुकाबलों में वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड से भिड़ना है। यदि वह इनमें से एक भी मैच जीत लेता है तो उसका सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज को भी सिर्फ एक जीत की जरूरत है। टीम लगातार शानदार क्रिकेट खेल रही है और उसके पास 10 अंकों तक पहुंचने का मौका है।
न्यूजीलैंड और श्रीलंका के लिए स्थिति थोड़ी जटिल है। दोनों टीमें अधिकतम 6 अंक तक ही पहुंच सकती हैं, इसलिए उन्हें अपने प्रदर्शन के साथ-साथ दूसरे मुकाबलों के नतीजों का भी इंतजार करना होगा। खासकर इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यदि वहां अप्रत्याशित परिणाम सामने आते हैं तो सेमीफाइनल की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है।
इस बीच टूर्नामेंट से पाकिस्तान, नीदरलैंड, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें बाहर हो चुकी हैं। अब सभी की नजरें आने वाले कुछ दिनों में होने वाले मुकाबलों पर टिकी हैं। भारत के लिए हर मैच अब करो या मरो जैसा बन गया है। टीम के पास अभी भी मौका है, लेकिन एक और चूक उसे टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव जरूर होगा, लेकिन यही वह समय भी है जब बड़ी टीमें अपने सर्वश्रेष्ठ खेल से पहचान बनाती हैं।
