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ईरान का सख्त ऐलान: मुआवजा और प्रतिबंध हटे बिना जंग नहीं रुकेगी, अमेरिका से गारंटी की मांग
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ईरान बोला—आर्थिक प्रतिबंध हटाओ, अमेरिका दखल नहीं देगा इसकी लिखित गारंटी चाहिए; इजराइल पर जारी हमले
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल युद्धविराम के पक्ष में नहीं है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने कहा है कि जब तक देश को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती और उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक जंग जारी रहेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है।
रजेई ने ईरान के आधिकारिक टीवी चैनल पर दिए बयान में कहा कि उनकी शर्तें साफ हैं—आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त किया जाए और अमेरिका यह गारंटी दे कि भविष्य में वह ईरान के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उनके मुताबिक, ईरानी सेना पूरी क्षमता के साथ अभियान चला रही है और देश का नेतृत्व स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से ईरान और इजराइल के बीच हमले तेज हुए हैं। इजराइल के कई इलाकों में मिसाइल हमलों के कारण सायरन बजते रहे, जबकि कुछ स्थानों पर इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। वहीं, इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान सहित अन्य क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई की है।
ईरान का दावा है कि यह संघर्ष पहले ही समाप्त हो सकता था, लेकिन इजराइल के रुख के कारण हालात बिगड़े। रजेई के अनुसार, अमेरिका युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन इजराइल ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया।
इस बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान अलग-अलग संकेत दे रहे हैं। एक ओर वे बातचीत की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई को लेकर भी बयान सामने आए हैं। इससे क्षेत्रीय स्थिति और जटिल हो गई है।
इस युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। एशियाई बाजारों में भी अस्थिरता दर्ज की गई है, जिससे आर्थिक दबाव की स्थिति बन रही है।
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ईरान का सख्त ऐलान: मुआवजा और प्रतिबंध हटे बिना जंग नहीं रुकेगी, अमेरिका से गारंटी की मांग
अंतराष्ट्रीय न्यूज
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह फिलहाल युद्धविराम के पक्ष में नहीं है। ईरान के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने कहा है कि जब तक देश को हुए नुकसान की भरपाई नहीं होती और उस पर लगे सभी आर्थिक प्रतिबंध नहीं हटाए जाते, तब तक जंग जारी रहेगी। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहराती जा रही है।
रजेई ने ईरान के आधिकारिक टीवी चैनल पर दिए बयान में कहा कि उनकी शर्तें साफ हैं—आर्थिक प्रतिबंधों को पूरी तरह समाप्त किया जाए और अमेरिका यह गारंटी दे कि भविष्य में वह ईरान के मामलों में हस्तक्षेप नहीं करेगा। उनके मुताबिक, ईरानी सेना पूरी क्षमता के साथ अभियान चला रही है और देश का नेतृत्व स्थिति पर नियंत्रण बनाए हुए है।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पिछले कुछ दिनों से ईरान और इजराइल के बीच हमले तेज हुए हैं। इजराइल के कई इलाकों में मिसाइल हमलों के कारण सायरन बजते रहे, जबकि कुछ स्थानों पर इमारतों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। वहीं, इजराइल ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए लेबनान सहित अन्य क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई की है।
ईरान का दावा है कि यह संघर्ष पहले ही समाप्त हो सकता था, लेकिन इजराइल के रुख के कारण हालात बिगड़े। रजेई के अनुसार, अमेरिका युद्धविराम की दिशा में आगे बढ़ रहा था, लेकिन इजराइल ने सैन्य कार्रवाई जारी रखने पर जोर दिया।
इस बीच अमेरिका की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के बयान अलग-अलग संकेत दे रहे हैं। एक ओर वे बातचीत की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य कार्रवाई को लेकर भी बयान सामने आए हैं। इससे क्षेत्रीय स्थिति और जटिल हो गई है।
इस युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है और कई देशों में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। एशियाई बाजारों में भी अस्थिरता दर्ज की गई है, जिससे आर्थिक दबाव की स्थिति बन रही है।
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