इंदौर के नाम नया रिकॉर्ड: लगाए गए पौधों में 13.10 लाख पेड़ सुरक्षित, एशिया बुक ने किया सत्यापन

इंदौर (म.प्र.)

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2024 में रेवती रेंज में लगाए गए थे 12.41 लाख से ज्यादा पौधे, दो साल की निगरानी के बाद 13,10,012 पेड़ मिले; इसी दौरान 51 हजार नए पौधे भी रोपे गए

मध्य प्रदेश के इंदौर ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। रेवती रेंज में बड़े स्तर पर किए गए पौधारोपण और उसके बाद लगातार संरक्षण की प्रक्रिया को अब रिकॉर्ड के तौर पर मान्यता मिली है। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने सत्यापन के बाद यहां 13 लाख 10 हजार 12 पेड़ों की मौजूदगी दर्ज की है। रिकॉर्ड की प्रक्रिया के दौरान वर्ष 2024 में लगाए गए पौधों की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।

रेवती रेंज में वर्ष 2024 के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत करीब 12 लाख 41 हजार से अधिक पौधे लगाए गए थे। इसके बाद केवल पौधे लगाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनकी देखभाल, सुरक्षा और नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया। लंबे समय तक पौधों को बचाए रखने की इसी प्रक्रिया को रिकॉर्ड के लिए प्रमुख आधार बनाया गया।

एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने 7 अगस्त से रेवती रेंज में पेड़ों की गिनती और सत्यापन का काम शुरू किया था। टीम ने यह पता लगाने के लिए मौके पर जांच की कि 2024 के पौधारोपण अभियान के बाद कितने पौधे जीवित बचे और विकसित होकर पेड़ का रूप ले चुके हैं। इसके लिए क्षेत्र में मौजूद पौधों की संख्या और उनकी स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया गया। संस्था के अध्यक्ष अंतिम जैन के मुताबिक, सत्यापन के दौरान केवल लगाए गए पौधों की संख्या को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि यह भी देखा गया कि उनमें से कितने पौधे अभी सुरक्षित हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पौधों के संरक्षण को भी रिकॉर्ड का अहम हिस्सा माना गया। जांच के बाद रेवती रेंज में 13,10,012 पेड़ मौजूद पाए गए।

इस अभियान के तहत पौधों के संरक्षण के लिए अलग व्यवस्था भी तैयार की गई थी। रेवती रेंज में एक नर्सरी विकसित की गई, जहां जरूरत के मुताबिक नए पौधे तैयार किए गए। किसी पौधे के खराब होने या सूख जाने की स्थिति में उसकी जगह नए पौधे लगाए गए। इस तरह पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखरेख और रिप्लांटेशन की प्रक्रिया भी जारी रही। रिकॉर्ड सत्यापन के बीच रेवती रेंज में रविवार को एक और बड़ा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां 51 हजार नए पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी इसमें हिस्सा लिया और पौधारोपण अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

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इस कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ लोगों को पेड़ों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश भी दिए गए। बड़ी संख्या में पौधों को एक स्थान पर विकसित करने के लिए उनकी नियमित निगरानी, पानी की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी काम किया गया। रेवती रेंज में पहले लगाए गए पौधों की संख्या और अब सत्यापन के दौरान दर्ज किए गए पेड़ों की संख्या ने इस अभियान को खास बना दिया है। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम की ओर से की गई गिनती में 13 लाख से ज्यादा पेड़ दर्ज किए गए हैं। रिकॉर्ड के लिए पौधों के जीवित रहने और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने की प्रक्रिया को भी जांच में शामिल किया गया।

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www.dainikjagranmpcg.com
09 Aug 2026 By Priyanka

इंदौर के नाम नया रिकॉर्ड: लगाए गए पौधों में 13.10 लाख पेड़ सुरक्षित, एशिया बुक ने किया सत्यापन

इंदौर (म.प्र.)

मध्य प्रदेश के इंदौर ने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज कराई है। रेवती रेंज में बड़े स्तर पर किए गए पौधारोपण और उसके बाद लगातार संरक्षण की प्रक्रिया को अब रिकॉर्ड के तौर पर मान्यता मिली है। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने सत्यापन के बाद यहां 13 लाख 10 हजार 12 पेड़ों की मौजूदगी दर्ज की है। रिकॉर्ड की प्रक्रिया के दौरान वर्ष 2024 में लगाए गए पौधों की स्थिति का विस्तृत आकलन किया गया।

रेवती रेंज में वर्ष 2024 के दौरान बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत करीब 12 लाख 41 हजार से अधिक पौधे लगाए गए थे। इसके बाद केवल पौधे लगाने तक ही अभियान को सीमित नहीं रखा गया, बल्कि उनकी देखभाल, सुरक्षा और नियमित निगरानी पर भी जोर दिया गया। लंबे समय तक पौधों को बचाए रखने की इसी प्रक्रिया को रिकॉर्ड के लिए प्रमुख आधार बनाया गया।

एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने 7 अगस्त से रेवती रेंज में पेड़ों की गिनती और सत्यापन का काम शुरू किया था। टीम ने यह पता लगाने के लिए मौके पर जांच की कि 2024 के पौधारोपण अभियान के बाद कितने पौधे जीवित बचे और विकसित होकर पेड़ का रूप ले चुके हैं। इसके लिए क्षेत्र में मौजूद पौधों की संख्या और उनकी स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया गया। संस्था के अध्यक्ष अंतिम जैन के मुताबिक, सत्यापन के दौरान केवल लगाए गए पौधों की संख्या को आधार नहीं बनाया गया, बल्कि यह भी देखा गया कि उनमें से कितने पौधे अभी सुरक्षित हैं। इस पूरी प्रक्रिया में पौधों के संरक्षण को भी रिकॉर्ड का अहम हिस्सा माना गया। जांच के बाद रेवती रेंज में 13,10,012 पेड़ मौजूद पाए गए।

इस अभियान के तहत पौधों के संरक्षण के लिए अलग व्यवस्था भी तैयार की गई थी। रेवती रेंज में एक नर्सरी विकसित की गई, जहां जरूरत के मुताबिक नए पौधे तैयार किए गए। किसी पौधे के खराब होने या सूख जाने की स्थिति में उसकी जगह नए पौधे लगाए गए। इस तरह पौधारोपण के साथ-साथ पौधों की देखरेख और रिप्लांटेशन की प्रक्रिया भी जारी रही। रिकॉर्ड सत्यापन के बीच रेवती रेंज में रविवार को एक और बड़ा पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यहां 51 हजार नए पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में शहर के अलग-अलग हिस्सों से लोग पहुंचे। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भी इसमें हिस्सा लिया और पौधारोपण अभियान में अपनी भागीदारी दर्ज कराई।

इस कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ लोगों को पेड़ों की देखभाल और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश भी दिए गए। बड़ी संख्या में पौधों को एक स्थान पर विकसित करने के लिए उनकी नियमित निगरानी, पानी की व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर भी काम किया गया। रेवती रेंज में पहले लगाए गए पौधों की संख्या और अब सत्यापन के दौरान दर्ज किए गए पेड़ों की संख्या ने इस अभियान को खास बना दिया है। एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम की ओर से की गई गिनती में 13 लाख से ज्यादा पेड़ दर्ज किए गए हैं। रिकॉर्ड के लिए पौधों के जीवित रहने और उन्हें पेड़ बनने तक संरक्षित करने की प्रक्रिया को भी जांच में शामिल किया गया।

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Edited By: Priyanka

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