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US-Iran Conflict के बीच Qatar PM अल थानी आज जाएंगे Tehran, तनाव कम करने और बातचीत बहाल करने पर जोर
अंतराष्ट्रीय न्यूज
ईरानी अधिकारियों से करेंगे बातचीत; होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन बहाली और कूटनीतिक वार्ता शुरू कराने पर रहेगा फोकस
अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव के बीच कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी गुरुवार को तेहरान का दौरा करेंगे। उनका यह दौरा दोनों देशों के बीच कूटनीतिक बातचीत दोबारा शुरू कराने और क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने बताया कि अल थानी ईरानी अधिकारियों से मुलाकात करेंगे। बैठक में तनाव कम करने के तरीकों और बातचीत के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने पर चर्चा होगी। ईरान ने भी इस यात्रा की पुष्टि करते हुए कहा है कि बातचीत में कतर की मध्यस्थता और क्षेत्रीय घटनाक्रम शामिल होंगे।
होरमुज़ जलडमरूमध्य पर भी होगी अहम बातचीत
कतर के प्रधानमंत्री की बातचीत में होरमुज़ जलडमरूमध्य प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा। कतर चाहता है कि इस रणनीतिक जलमार्ग में पहले जैसी स्वतंत्र आवाजाही बहाल हो। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। Reuters के मुताबिक, युद्ध से पहले यहां से करीब 20 मिलियन बैरल कच्चा तेल प्रतिदिन गुजरता था, लेकिन हाल में यह प्रवाह करीब 5 मिलियन बैरल प्रतिदिन तक गिर गया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चर्चा में 28 फरवरी से पहले की स्थिति बहाल करने और जलमार्ग में स्वतंत्र नौवहन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
कतर क्यों कर रहा है मध्यस्थता?
कतर अमेरिका का सहयोगी होने के साथ-साथ ईरान का पड़ोसी देश भी है। इसी वजह से उसने दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल डिप्लोमेसी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कतर ने पाकिस्तान के साथ मिलकर जून में अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौते में मध्यस्थता की थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए संघर्ष में विराम आया था। हालांकि, बाद में यह व्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकी और दोनों पक्षों के बीच मतभेद फिर गहरा गए।
अमेरिका का रुख क्या है?
अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने का संकेत दिया है। वॉशिंगटन ने ईरान के व्यापारिक साझेदारों पर भी प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि उन्हें ईरान के साथ बातचीत फिर शुरू करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। ऐसे में कतर की मध्यस्थता का उद्देश्य दोनों देशों को दोबारा बातचीत की मेज पर लाने के लिए कूटनीतिक रास्ता तैयार करना है।
ओमान और पाकिस्तान की कोशिशें भी जारी
कतर का यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब क्षेत्र के दूसरे देश भी तनाव कम करने की कोशिश में जुटे हैं। ओमान और ईरान के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही से जुड़ी व्यवस्था पर बातचीत चल रही है। वहीं, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने भी हाल में तेहरान का दौरा किया था। पाकिस्तान ने इन वार्ताओं में महत्वपूर्ण प्रगति का दावा किया था।
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