खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में फिर हमले, तीन टैंकर बने निशाना

Digital Desk

On

ईरान ने कमर्शियल जहाजों के तय समुद्री मार्ग छोड़ने पर जताई चिंता, अंतिम यात्रा में लाखों लोगों की मौजूदगी के बीच क्षेत्रीय तनाव और गहराया।

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमलों की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया, जबकि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार ओमान तट के पास दो अन्य वाणिज्यिक जहाज भी हमलों की चपेट में आए। घटनाओं के बाद समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ईरान ने कहा है कि कुछ व्यावसायिक जहाज उसके द्वारा निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन नहीं कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में उनकी सुरक्षा की गारंटी देना संभव नहीं होगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि होर्मुज की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और हालात पहले की तरह स्थिर नहीं माने जा सकते।

हमलों की खबर ऐसे समय सामने आई है जब ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा जारी है। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक शहर कोम पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। शहर की सड़कों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी और लाखों समर्थकों की मौजूदगी के बीच धार्मिक रस्में पूरी की गईं। अंतिम यात्रा के दौरान कई लोगों के हाथों में लाल झंडे दिखाई दिए। शिया परंपरा में लाल झंडा अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध और बदले की मांग का प्रतीक माना जाता है। पार्थिव शरीर पर ईरान का राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाया गया था, जबकि ताबूत पर उनकी काली पगड़ी भी रखी गई, जो उच्च धार्मिक विद्वानों की पहचान मानी जाती है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई और पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।

सरकारी सूत्रों के अनुसार इससे पहले तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में भी लाखों लोग शामिल हुए। भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर शव वाहन की रफ्तार धीमी करनी पड़ी और कुछ जगहों पर यात्रा थोड़ी देर के लिए रुक भी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक परंपराओं के अनुसार कोम ले जाया गया। बताया गया है कि आगे की रस्मों के बाद उन्हें उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक नेता, राजनीतिक प्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहे। कई लोगों ने नारे लगाए और खामेनेई की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही।

इधर समुद्री मोर्चे पर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। ईरान ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहाजों को निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करना जरूरी है। यदि जहाज तय रास्तों से अलग होकर आवाजाही करेंगे तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। हालांकि हमलों को लेकर स्वतंत्र स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

ईरान के भीतर भी इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। देश के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा के दौरान कहा कि देश खामेनेई के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराता है। वहीं सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को उनके किए का जवाब देना होगा और उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। दूसरी ओर क्षेत्रीय राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में जुटी भीड़ पूरे ईरान की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती। वहीं इराक के प्रमुख शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की। अंतिम यात्रा के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियां पश्चिम एशिया की पहले से संवेदनशील स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। यही कारण है कि दुनिया की कई सरकारें और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Edited By: Vaishnavi.J

-----------------

हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनलhttps://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुकDainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम@dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूबDainik Jagran MPCG Digital

📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए

www.dainikjagranmpcg.com
08 Jul 2026 By Vaishnavi.J

खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच होर्मुज में फिर हमले, तीन टैंकर बने निशाना

Digital Desk

पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा के बीच पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मंगलवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन तेल टैंकरों पर हमलों की खबर सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। ईरानी सरकारी मीडिया ने दावा किया कि कतर के तेल टैंकर अल-रकायत को निशाना बनाया गया, जबकि यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार ओमान तट के पास दो अन्य वाणिज्यिक जहाज भी हमलों की चपेट में आए। घटनाओं के बाद समुद्री व्यापार, ऊर्जा आपूर्ति और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। ईरान ने कहा है कि कुछ व्यावसायिक जहाज उसके द्वारा निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन नहीं कर रहे हैं और ऐसी स्थिति में उनकी सुरक्षा की गारंटी देना संभव नहीं होगा। अधिकारियों का यह भी कहना है कि होर्मुज की स्थिति अभी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है और हालात पहले की तरह स्थिर नहीं माने जा सकते।

हमलों की खबर ऐसे समय सामने आई है जब ईरान में पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अंतिम यात्रा जारी है। मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर शिया समुदाय के प्रमुख धार्मिक शहर कोम पहुंचा, जहां बड़ी संख्या में लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। शहर की सड़कों पर सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ने लगी थी और लाखों समर्थकों की मौजूदगी के बीच धार्मिक रस्में पूरी की गईं। अंतिम यात्रा के दौरान कई लोगों के हाथों में लाल झंडे दिखाई दिए। शिया परंपरा में लाल झंडा अन्याय के खिलाफ प्रतिरोध और बदले की मांग का प्रतीक माना जाता है। पार्थिव शरीर पर ईरान का राष्ट्रीय ध्वज ओढ़ाया गया था, जबकि ताबूत पर उनकी काली पगड़ी भी रखी गई, जो उच्च धार्मिक विद्वानों की पहचान मानी जाती है। सुरक्षा व्यवस्था भी बेहद कड़ी रखी गई और पूरे मार्ग पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई।

सरकारी सूत्रों के अनुसार इससे पहले तेहरान में निकली अंतिम यात्रा में भी लाखों लोग शामिल हुए। भारी भीड़ के कारण कई स्थानों पर शव वाहन की रफ्तार धीमी करनी पड़ी और कुछ जगहों पर यात्रा थोड़ी देर के लिए रुक भी गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को धार्मिक परंपराओं के अनुसार कोम ले जाया गया। बताया गया है कि आगे की रस्मों के बाद उन्हें उनके गृह नगर मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में धार्मिक नेता, राजनीतिक प्रतिनिधि और आम नागरिक मौजूद रहे। कई लोगों ने नारे लगाए और खामेनेई की विरासत को आगे बढ़ाने की बात कही।

इधर समुद्री मोर्चे पर बढ़े तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में गिना जाता है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति होती है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की सैन्य गतिविधि या हमले का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है। ईरान ने कहा है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जहाजों को निर्धारित समुद्री मार्गों का पालन करना जरूरी है। यदि जहाज तय रास्तों से अलग होकर आवाजाही करेंगे तो उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना मुश्किल होगा। हालांकि हमलों को लेकर स्वतंत्र स्तर पर विस्तृत पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है और संबंधित एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

ईरान के भीतर भी इस दौरान राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। देश के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने अंतिम यात्रा के दौरान कहा कि देश खामेनेई के बताए रास्ते पर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराता है। वहीं सेना प्रमुख अमीर हातमी ने कहा कि जिम्मेदार लोगों को उनके किए का जवाब देना होगा और उन्हें छोड़ा नहीं जाएगा। दूसरी ओर क्षेत्रीय राजनीति में भी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अंतिम यात्रा में जुटी भीड़ पूरे ईरान की राय का प्रतिनिधित्व नहीं करती। वहीं इराक के प्रमुख शिया नेता अम्मार अल-हकीम ने लोगों से बड़ी संख्या में अंतिम यात्रा में शामिल होने की अपील की। अंतिम यात्रा के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियां पश्चिम एशिया की पहले से संवेदनशील स्थिति को और जटिल बना सकती हैं। होर्मुज जलडमरूमध्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहद अहम माना जाता है और यहां किसी भी प्रकार का तनाव कई देशों की अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकता है। यही कारण है कि दुनिया की कई सरकारें और समुद्री सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

https://www.dainikjagranmpcg.com/top-news/three-tankers-targeted-again-in-hormuz-amid-khameneis-last-visit/article-58127

खबरें और भी हैं

बिहारी के इस दोहे में छिपा है सफल जीवन का रहस्य, धन के घमंड से क्यों बचना चाहिए?

टाप न्यूज

बिहारी के इस दोहे में छिपा है सफल जीवन का रहस्य, धन के घमंड से क्यों बचना चाहिए?

'कनक कनक ते सौ गुनी' दोहे के माध्यम से महाकवि बिहारी ने बताया कि धन का अहंकार इंसान की सोच,...
जीवन के मंत्र 
बिहारी के इस दोहे में छिपा है सफल जीवन का रहस्य, धन के घमंड से क्यों बचना चाहिए?

टीवी देखे बिना दूध नहीं देती भैंस! वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर मचाई धूम

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा मजेदार वीडियो, टीवी के सामने खड़ी भैंस को देखकर लोग बोले- 'ये...
स्पेशल खबरें 
टीवी देखे बिना दूध नहीं देती भैंस! वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर मचाई धूम

आरपीआई (डॉ. भीमराव अंबेडकर) और समाजवादी पार्टी का 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ऐतिहासिक गठबंधन

लखनऊ / मुंबई, 6 जुलाई 2026। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में रिपब्लिकन...
देश विदेश 
आरपीआई (डॉ. भीमराव अंबेडकर) और समाजवादी पार्टी का 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए ऐतिहासिक गठबंधन

मुख्यमंत्री ने आषाढ़ में ‘शिक्षा परिवार’ पर की ‘समृद्धि की बारिश’

सीएम योगी ने किया 12 लाख शिक्षणकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ
देश विदेश 
मुख्यमंत्री ने आषाढ़ में ‘शिक्षा परिवार’ पर की ‘समृद्धि की बारिश’

बिजनेस

Copyright (c) Dainik Jagran All Rights Reserved.