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ट्रम्प का दावा- ईरान जंग में जीत, 2-3 हफ्तों में बड़े हमले की चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिकी राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संबोधन; ईरान की सैन्य क्षमता कमजोर बताई, बाजार और वैश्विक राजनीति पर असर
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका को निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन क्षमता और नौसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के करीब है। साथ ही ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं।
व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से दिए गए 19 मिनट के इस संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि यह सैन्य अभियान अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और ईरान से उत्पन्न खतरे को खत्म करने के लिए शुरू किया गया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन अपने अंतिम चरण में है और ‘मिशन लगभग पूरा’ हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रम्प के बयान ऐसे समय में आए हैं जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए हैं, जबकि लेबनान स्थित हिजबुल्लाह ने भी रॉकेट और ड्रोन से हमले का दावा किया है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ट्रम्प के सख्त रुख के बाद एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख इंडेक्स नीचे आए, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जिससे ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि ट्रम्प ने अपने संबोधन में कोई नई नीति या रणनीतिक घोषणा नहीं की, बल्कि पिछले बयानों को ही दोहराया। उन्होंने युद्ध की अवधि को लेकर आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि यह संघर्ष अभी शुरुआती चरण में है और अमेरिका पहले भी लंबे युद्ध लड़ चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के दावों के बावजूद कई मोर्चों पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म होने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वह अब भी जवाबी हमले कर रहा है। वहीं परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं।
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ट्रम्प का दावा- ईरान जंग में जीत, 2-3 हफ्तों में बड़े हमले की चेतावनी
अंतराष्ट्रीय न्यूज
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार सुबह राष्ट्र के नाम संबोधन में दावा किया कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका को निर्णायक बढ़त मिली है। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल, ड्रोन क्षमता और नौसेना को गंभीर नुकसान पहुंचाया गया है और अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा करने के करीब है। साथ ही ट्रम्प ने चेतावनी दी कि अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा सकते हैं।
व्हाइट हाउस के क्रॉस हॉल से दिए गए 19 मिनट के इस संबोधन में ट्रम्प ने कहा कि यह सैन्य अभियान अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा और ईरान से उत्पन्न खतरे को खत्म करने के लिए शुरू किया गया था। उनके अनुसार, ऑपरेशन अपने अंतिम चरण में है और ‘मिशन लगभग पूरा’ हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका और सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
ट्रम्प के बयान ऐसे समय में आए हैं जब मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ रहा है। इसी बीच ईरान ने इजराइल पर मिसाइल हमले किए हैं, जबकि लेबनान स्थित हिजबुल्लाह ने भी रॉकेट और ड्रोन से हमले का दावा किया है। इससे क्षेत्रीय संघर्ष और गहरा होने की आशंका जताई जा रही है।
इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। ट्रम्प के सख्त रुख के बाद एशियाई शेयर बाजारों में गिरावट दर्ज की गई। जापान, चीन और हांगकांग के प्रमुख इंडेक्स नीचे आए, जबकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी गई। ब्रेंट और WTI क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गईं, जिससे ऊर्जा संकट की चिंता बढ़ गई है।
हालांकि ट्रम्प ने अपने संबोधन में कोई नई नीति या रणनीतिक घोषणा नहीं की, बल्कि पिछले बयानों को ही दोहराया। उन्होंने युद्ध की अवधि को लेकर आलोचनाओं का जवाब देते हुए कहा कि यह संघर्ष अभी शुरुआती चरण में है और अमेरिका पहले भी लंबे युद्ध लड़ चुका है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका के दावों के बावजूद कई मोर्चों पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म होने के दावे पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि वह अब भी जवाबी हमले कर रहा है। वहीं परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय प्रभाव जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं।
