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लोकसभा में हंगामा, हरदीप पुरी के इस्तीफे की मांग
नेशनल न्यूज
प्रश्नकाल के दौरान नारेबाजी और वेल में प्रदर्शन के बाद कार्यवाही बाधित; सरकार और विपक्ष आमने-सामने, बजट सत्र का अगला चरण 9 मार्च से।
संसद के बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम दिन Lok Sabha में तीखा राजनीतिक टकराव देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय मंत्री Hardeep Singh Puri के इस्तीफे की मांग को लेकर नारेबाजी की, जिसके कारण प्रश्नकाल नहीं चल सका। सदन की कार्यवाही कुछ ही मिनटों में बाधित हुई और बाद में दिन भर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे 9 मार्च तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
सत्र की शुरुआत सुबह 11 बजे हुई, लेकिन विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए वेल में पहुंच गए। अध्यक्षीय पीठ पर मौजूद संध्या राय ने लगातार शोर-शराबे के बीच सदन को पहले दोपहर 12 बजे तक स्थगित किया। पुनः कार्यवाही शुरू होने पर शिक्षा, कानून और अन्य मंत्रालयों से जुड़े विधेयक पेश किए गए, जिसके बाद बजट सत्र के पहले चरण का समापन कर दिया गया।
राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
संसद के भीतर हंगामे के समानांतर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज रही। सत्तारूढ़ Bharatiya Janata Party के सांसद निशिकांत दुबे ने लोकसभा में विपक्ष के नेता Rahul Gandhi पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश को गुमराह कर रहे हैं और उनके खिलाफ सदन में चर्चा की अनुमति मांगी गई है। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस ने अपने नेता का बचाव करते हुए कहा कि वे किसानों और आर्थिक मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगते रहेंगे।
इस बीच संसद परिसर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कुछ विपक्षी दलों ने आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर सरकार को घेरते हुए आरक्षण नीति और अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
बजट सत्र इस वर्ष दो चरणों में आयोजित हो रहा है। पहला चरण 13 फरवरी तक चला, जबकि दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित है। पिछले दिनों भी सदन में कई बार हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई थी, जिससे विधायी कार्य प्रभावित हुए। संसदीय परंपरा के जानकारों का कहना है कि प्रश्नकाल का बाधित होना जवाबदेही की प्रक्रिया को प्रभावित करता है।
सरकार और विपक्ष दोनों ने आगामी चरण में मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाने के संकेत दिए हैं। संसद की कार्यवाही को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म बना हुआ है
