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‘बंदर’ रिव्यू: अनुराग कश्यप के निर्देशन में बॉबी देओल की अब तक की सबसे यादगार परफॉर्मेंस है यह फिल्म!
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‘बंदर’ है क्राइम थ्रिलर का एक नया दौर! बॉबी देओल ने ‘एनिमल’ और ‘द बैंड्स ऑफ बॉलीवुड’ के बाद फिर से दिखाया अपना दम!
‘बंदर’ रिव्यू: ट्विस्ट से आगे बढ़कर मनोविज्ञान, रिश्तों और परिणामों की पड़ताल करती है यह फिल्म!
‘बंदर’ में बॉबी देओल की परफॉर्मेंस है भावनात्मक गहराई, शॉकिंग ट्विस्ट और अनपेक्षित घटनाओं का संगम!
फिल्म 'बंदर' सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार है और यह दर्शकों के लिए डायरेक्टर अनुराग कश्यप के सिग्नेचर स्टाइल वाला असली, रॉ और एकदम ऑथेंटिक सिनेमा लेकर आई है। फिल्म में बॉबी देओल लीड रोल में हैं, जो अपने आप में ही इस फिल्म को खास बनाता है। लेकिन बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती; फिल्म में सपना पब्बी, सान्या मल्होत्रा, सबा आजाद, इंद्रजीत सुकुमारन और जितेंद्र जोशी जैसे टैलेंटेड कलाकारों की एक बहुत बड़ी और एंसेम्बल कास्ट है। यह फिल्म एक डरावनी, डार्क और ग्रिटी थ्रिलर है जो आपको शुरू से अंत तक पूरी तरह से बांधकर रखती है।
अगर कहानी की बात करें, तो यह 'समर' के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कभी टेलीविजन का चमकता हुआ सितारा था, लेकिन अब उसका शानदार करियर धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर है। उसकी जिंदगी में तब भूचाल आ जाता है जब गायत्री जिसके साथ उसका कभी एक छोटा सा रिश्ता था, उस पर रेप का आरोप लगा देती है, क्योंकि समर ने अचानक उससे सारे संपर्क तोड़ लिए थे। ठीक उसी वक्त जब समर अपने अतीत को पीछे छोड़कर अपनी पार्टनर खुशी के साथ एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहा होता है, उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। इसके बाद उसे एक बेहद दोषपूर्ण और बेरहम कानूनी व्यवस्था के सामने घसीटा जाता है। यहाँ से शुरू होती है सच को साबित करने की एक बेहद इंटेंस लड़ाई, जहाँ वह अपनी बेगुनाही और अपने नाम को साफ करने के लिए हर मुश्किल हालात से लड़ता है।
जो बात 'बंदर' को बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग खड़ा करती है, वो है दर्शकों को लगातार सस्पेंस में रखने की इसकी गजब की काबिलियत। इसका डार्क विजुअल पैलेट, डरावना मूड और अनप्रेडिक्टेबल स्टोरीटेलिंग (ऐसी कहानी जिसका अंदाजा न लगाया जा सके) मिलकर एक ऐसा थ्रिलर एक्सपीरियंस तैयार करते हैं, जिसकी पकड़ कभी ढीली नहीं पड़ती। घिसे-पिटे कमर्शियल फॉर्मूलों से कोसों दूर रहते हुए यह फिल्म पूरी तरह से रियलिज्म को अपनाती है, जहाँ इसके तीखे और अनफिल्टर्ड (बिना काट-छांट वाले) डायलॉग्स कहानी को एक बहुत ही गहरी और मजबूत परत देते हैं।
Review 4 ⭐⭐⭐⭐
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‘बंदर’ रिव्यू: अनुराग कश्यप के निर्देशन में बॉबी देओल की अब तक की सबसे यादगार परफॉर्मेंस है यह फिल्म!
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‘बंदर’ रिव्यू: ट्विस्ट से आगे बढ़कर मनोविज्ञान, रिश्तों और परिणामों की पड़ताल करती है यह फिल्म!
‘बंदर’ में बॉबी देओल की परफॉर्मेंस है भावनात्मक गहराई, शॉकिंग ट्विस्ट और अनपेक्षित घटनाओं का संगम!
फिल्म 'बंदर' सिनेमाघरों में रिलीज के लिए बिल्कुल तैयार है और यह दर्शकों के लिए डायरेक्टर अनुराग कश्यप के सिग्नेचर स्टाइल वाला असली, रॉ और एकदम ऑथेंटिक सिनेमा लेकर आई है। फिल्म में बॉबी देओल लीड रोल में हैं, जो अपने आप में ही इस फिल्म को खास बनाता है। लेकिन बात सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती; फिल्म में सपना पब्बी, सान्या मल्होत्रा, सबा आजाद, इंद्रजीत सुकुमारन और जितेंद्र जोशी जैसे टैलेंटेड कलाकारों की एक बहुत बड़ी और एंसेम्बल कास्ट है। यह फिल्म एक डरावनी, डार्क और ग्रिटी थ्रिलर है जो आपको शुरू से अंत तक पूरी तरह से बांधकर रखती है।
अगर कहानी की बात करें, तो यह 'समर' के इर्द-गिर्द घूमती है, जो कभी टेलीविजन का चमकता हुआ सितारा था, लेकिन अब उसका शानदार करियर धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर है। उसकी जिंदगी में तब भूचाल आ जाता है जब गायत्री जिसके साथ उसका कभी एक छोटा सा रिश्ता था, उस पर रेप का आरोप लगा देती है, क्योंकि समर ने अचानक उससे सारे संपर्क तोड़ लिए थे। ठीक उसी वक्त जब समर अपने अतीत को पीछे छोड़कर अपनी पार्टनर खुशी के साथ एक नई शुरुआत करने की कोशिश कर रहा होता है, उसे गिरफ्तार कर लिया जाता है। इसके बाद उसे एक बेहद दोषपूर्ण और बेरहम कानूनी व्यवस्था के सामने घसीटा जाता है। यहाँ से शुरू होती है सच को साबित करने की एक बेहद इंटेंस लड़ाई, जहाँ वह अपनी बेगुनाही और अपने नाम को साफ करने के लिए हर मुश्किल हालात से लड़ता है।
जो बात 'बंदर' को बाकी फिल्मों से बिल्कुल अलग खड़ा करती है, वो है दर्शकों को लगातार सस्पेंस में रखने की इसकी गजब की काबिलियत। इसका डार्क विजुअल पैलेट, डरावना मूड और अनप्रेडिक्टेबल स्टोरीटेलिंग (ऐसी कहानी जिसका अंदाजा न लगाया जा सके) मिलकर एक ऐसा थ्रिलर एक्सपीरियंस तैयार करते हैं, जिसकी पकड़ कभी ढीली नहीं पड़ती। घिसे-पिटे कमर्शियल फॉर्मूलों से कोसों दूर रहते हुए यह फिल्म पूरी तरह से रियलिज्म को अपनाती है, जहाँ इसके तीखे और अनफिल्टर्ड (बिना काट-छांट वाले) डायलॉग्स कहानी को एक बहुत ही गहरी और मजबूत परत देते हैं।
Review 4 ⭐⭐⭐⭐
