- Hindi News
- स्पोर्ट्स
- मेंडिस-निसांका की बल्लेबाजी और चमीरा की धार, श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में पछाड़ा
मेंडिस-निसांका की बल्लेबाजी और चमीरा की धार, श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में पछाड़ा
स्पोर्ट्स डेस्क
303 रन का मजबूत स्कोर खड़ा करने के बाद श्रीलंकाई गेंदबाजों ने दिखाया कमाल, मेजबान टीम 262 रन पर सिमटी
किंग्स्टन के सबीना पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने संतुलित प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 41 रन से मात दी और तीन मैचों की सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। बल्लेबाजी में कप्तान कुसल मेंडिस और पाथुम निसांका ने टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया, जबकि गेंदबाजी में दुष्मंथा चमीरा ने शानदार स्पैल डालकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
टॉस जीतने के बाद वेस्टइंडीज ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआत में उन्हें सफलता भी मिली जब श्रीलंका का पहला विकेट अपेक्षाकृत जल्दी गिर गया। लेकिन इसके बाद पाथुम निसांका और कप्तान कुसल मेंडिस ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।
निसांका ने अपनी पारी में बेहतरीन टाइमिंग का प्रदर्शन किया, वहीं मेंडिस ने कप्तानी जिम्मेदारी निभाते हुए रन गति को बनाए रखा। दोनों के बीच हुई बड़ी साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की योजनाओं को विफल कर दिया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, श्रीलंका का स्कोर तेजी से बढ़ता गया और विपक्षी टीम पर दबाव बढ़ता चला गया।
कुसल मेंडिस ने 72 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि निसांका 79 रन बनाकर आउट हुए। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। मध्यक्रम में जनिथ लियानागे और चरित असालंका ने जिम्मेदारी संभालते हुए अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए। दोनों बल्लेबाज अंत तक नाबाद रहे और टीम को 50 ओवर में 303 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की ओर से गेंदबाजी में कुछ क्षण जरूर अच्छे रहे, लेकिन कोई भी गेंदबाज लंबे समय तक दबाव बनाने में सफल नहीं हो पाया। रोस्टन चेज, जॉयडन सेल्स और मैथ्यू फोर्ड ने दो-दो विकेट लिए, हालांकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की दिशा में लगातार रन बटोरे।
304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद जगाने वाली रही। ओपनरों ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की और शुरुआती ओवरों में रन भी तेजी से बनाए। जस्टिन ग्रिव्स ने कुछ आकर्षक स्ट्रोक लगाए, जबकि जॉन कैंपबेल ने भी अच्छी लय दिखाई।
हालांकि जैसे ही शुरुआती साझेदारी टूटी, श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। कप्तान शाई होप ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और अर्धशतक भी पूरा किया। उनकी 56 रन की पारी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।
मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। बढ़ते रन रेट और दबाव के बीच बल्लेबाजों ने जोखिम उठाने शुरू किए, जिसका फायदा श्रीलंका को मिला। खासतौर पर दुष्मंथा चमीरा ने अपनी गति और सटीक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया।
चमीरा ने चार अहम विकेट हासिल किए और मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर मेजबान टीम की वापसी की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया। दूसरी ओर स्पिनर महीश तीक्षणा ने भी शानदार नियंत्रण दिखाते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।
जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा, वेस्टइंडीज के लिए लक्ष्य और मुश्किल होता गया। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ बड़े शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने कोई ढील नहीं दी। पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और श्रीलंका ने मुकाबला 41 रन से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ श्रीलंका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान कुसल मेंडिस को उनकी प्रभावशाली बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि चमीरा की गेंदबाजी ने जीत को सुनिश्चित करने का काम किया।
----
-----------------
हमारे आधिकारिक प्लेटफॉर्म्स से जुड़ें –
🔴 व्हाट्सएप चैनल: https://whatsapp.com/channel/0029VbATlF0KQuJB6tvUrN3V
🔴 फेसबुक: Dainik Jagran MP/CG Official
🟣 इंस्टाग्राम: @dainikjagranmp.cg
🔴 यूट्यूब: Dainik Jagran MPCG Digital
📲 सोशल मीडिया पर जुड़ें और बने जागरूक पाठक।
👉 आज ही जुड़िए
मेंडिस-निसांका की बल्लेबाजी और चमीरा की धार, श्रीलंका ने वेस्टइंडीज को पहले वनडे में पछाड़ा
स्पोर्ट्स डेस्क
किंग्स्टन के सबीना पार्क में खेले गए पहले वनडे मुकाबले में श्रीलंका ने संतुलित प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को 41 रन से मात दी और तीन मैचों की सीरीज में शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। बल्लेबाजी में कप्तान कुसल मेंडिस और पाथुम निसांका ने टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचाया, जबकि गेंदबाजी में दुष्मंथा चमीरा ने शानदार स्पैल डालकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया।
टॉस जीतने के बाद वेस्टइंडीज ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। शुरुआत में उन्हें सफलता भी मिली जब श्रीलंका का पहला विकेट अपेक्षाकृत जल्दी गिर गया। लेकिन इसके बाद पाथुम निसांका और कप्तान कुसल मेंडिस ने मोर्चा संभाल लिया। दोनों बल्लेबाजों ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन संतुलन दिखाते हुए टीम को मुश्किल हालात से बाहर निकाला।
निसांका ने अपनी पारी में बेहतरीन टाइमिंग का प्रदर्शन किया, वहीं मेंडिस ने कप्तानी जिम्मेदारी निभाते हुए रन गति को बनाए रखा। दोनों के बीच हुई बड़ी साझेदारी ने वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की योजनाओं को विफल कर दिया। जैसे-जैसे पारी आगे बढ़ी, श्रीलंका का स्कोर तेजी से बढ़ता गया और विपक्षी टीम पर दबाव बढ़ता चला गया।
कुसल मेंडिस ने 72 रन की उपयोगी पारी खेली, जबकि निसांका 79 रन बनाकर आउट हुए। दोनों बल्लेबाजों के आउट होने के बाद भी श्रीलंका की रन गति पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। मध्यक्रम में जनिथ लियानागे और चरित असालंका ने जिम्मेदारी संभालते हुए अंतिम ओवरों में तेजी से रन जुटाए। दोनों बल्लेबाज अंत तक नाबाद रहे और टीम को 50 ओवर में 303 रन के प्रतिस्पर्धी स्कोर तक पहुंचाया।
वेस्टइंडीज की ओर से गेंदबाजी में कुछ क्षण जरूर अच्छे रहे, लेकिन कोई भी गेंदबाज लंबे समय तक दबाव बनाने में सफल नहीं हो पाया। रोस्टन चेज, जॉयडन सेल्स और मैथ्यू फोर्ड ने दो-दो विकेट लिए, हालांकि श्रीलंकाई बल्लेबाजों ने बड़े स्कोर की दिशा में लगातार रन बटोरे।
304 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी वेस्टइंडीज की शुरुआत उम्मीद जगाने वाली रही। ओपनरों ने पहले विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी की और शुरुआती ओवरों में रन भी तेजी से बनाए। जस्टिन ग्रिव्स ने कुछ आकर्षक स्ट्रोक लगाए, जबकि जॉन कैंपबेल ने भी अच्छी लय दिखाई।
हालांकि जैसे ही शुरुआती साझेदारी टूटी, श्रीलंकाई गेंदबाजों ने मैच पर पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। कप्तान शाई होप ने एक छोर संभालकर बल्लेबाजी की और अर्धशतक भी पूरा किया। उनकी 56 रन की पारी ने टीम को मुकाबले में बनाए रखने की कोशिश की, लेकिन दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे।
मध्यक्रम के बल्लेबाज बड़ी साझेदारी बनाने में नाकाम रहे। बढ़ते रन रेट और दबाव के बीच बल्लेबाजों ने जोखिम उठाने शुरू किए, जिसका फायदा श्रीलंका को मिला। खासतौर पर दुष्मंथा चमीरा ने अपनी गति और सटीक गेंदबाजी से वेस्टइंडीज के बल्लेबाजी क्रम को झकझोर दिया।
चमीरा ने चार अहम विकेट हासिल किए और मैच में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने लगातार अंतराल पर विकेट निकालकर मेजबान टीम की वापसी की संभावनाओं को लगभग खत्म कर दिया। दूसरी ओर स्पिनर महीश तीक्षणा ने भी शानदार नियंत्रण दिखाते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम किए।
जैसे-जैसे मुकाबला अंतिम चरण में पहुंचा, वेस्टइंडीज के लिए लक्ष्य और मुश्किल होता गया। निचले क्रम के बल्लेबाजों ने कुछ बड़े शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन श्रीलंकाई गेंदबाजों ने कोई ढील नहीं दी। पूरी टीम 49.2 ओवर में 262 रन बनाकर ऑलआउट हो गई और श्रीलंका ने मुकाबला 41 रन से अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ श्रीलंका ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। कप्तान कुसल मेंडिस को उनकी प्रभावशाली बल्लेबाजी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ने टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जबकि चमीरा की गेंदबाजी ने जीत को सुनिश्चित करने का काम किया।
----
