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नाइजीरिया से BHEL को 2,500 करोड़ तक का बड़ा ऑर्डर, बढ़ेगी वैश्विक पकड़
Business News
सरकारी इंजीनियरिंग कंपनी BHEL को नाइजीरिया से मिला नया अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर ऐसे समय आया है, जब कंपनी लगातार अपने कारोबार को घरेलू बाजार से आगे बढ़ाकर वैश्विक स्तर पर मजबूत करने की कोशिश कर रही है।
भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL ने नाइजीरिया की डांगोटे पेट्रोलियम रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स फ्री जोन एंटरप्राइज के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस डील की कीमत 2,000 करोड़ रुपये से लेकर करीब 2,500 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। यह ऑर्डर सिर्फ कारोबारी नजरिए से बड़ा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, BHEL इस प्रोजेक्ट के तहत आठ गैस टर्बाइन जनरेटर पैकेज तैयार करेगी। इसमें डिजाइनिंग से लेकर निर्माण, सप्लाई, इंस्टॉलेशन सुपरविजन, कमीशनिंग और परफॉर्मेंस गारंटी टेस्टिंग जैसे काम शामिल रहेंगे। हालांकि इस प्रोजेक्ट में सिविल कंस्ट्रक्शन का हिस्सा शामिल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उपकरणों की सप्लाई मुंबई पोर्ट तक की जाएगी और उसके बाद इन्हें नाइजीरिया में प्रोजेक्ट साइट तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी को यह काम लगभग 26 महीने के भीतर पूरा करना है।
यह प्रोजेक्ट नाइजीरिया के डांगोटे इंडस्ट्रीज फ्री जोन में विकसित हो रहे बड़े औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है। वहां पेट्रोलियम रिफाइनरी और पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट विकसित किया जा रहा है, जिसे अफ्रीका की बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिना जाता है। ऐसे में BHEL की भागीदारी कंपनी के लिए सिर्फ एक सप्लाई ऑर्डर नहीं बल्कि लंबे समय की रणनीतिक मौजूदगी के तौर पर भी देखी जा रही है। उद्योग से जुड़े जानकार मानते हैं कि इससे आने वाले समय में कंपनी को अफ्रीकी बाजार में और अवसर मिल सकते हैं।
इस ऑर्डर के बीच कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई दिया। कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,754 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 832 करोड़ रुपये था। मार्जिन में भी बड़ा सुधार देखने को मिला और यह बढ़कर 14.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। कंपनी का कुल राजस्व भी तेजी से बढ़ा और करीब 12,310 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
प्रारंभिक वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक BHEL का शुद्ध लाभ भी मजबूत उछाल के साथ सामने आया। पिछले साल मार्च तिमाही में जहां कंपनी का मुनाफा करीब 504 करोड़ रुपये था, वहीं इस बार यह बढ़कर 1,283 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान कंपनी के पावर कारोबार का माना जा रहा है। पावर सेगमेंट का राजस्व 53 प्रतिशत तक बढ़ा और इस हिस्से का मार्जिन भी तेज़ी से ऊपर गया। हालांकि इंडस्ट्री सेगमेंट में कुछ दबाव जरूर दिखाई दिया, जहां मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में भी इस खबर को लेकर चर्चा बनी रही। हालांकि कारोबारी सत्र के दौरान BHEL के शेयर में हल्की कमजोरी दिखाई दी और यह गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए तस्वीर अलग नजर आ रही है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयरों ने मजबूत रिटर्न दिया है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर, मजबूत ऑर्डर बुक और ऊर्जा सेक्टर में बढ़ती मांग आने वाले समय में कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हो सकते हैं।
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नाइजीरिया से BHEL को 2,500 करोड़ तक का बड़ा ऑर्डर, बढ़ेगी वैश्विक पकड़
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भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड यानी BHEL ने नाइजीरिया की डांगोटे पेट्रोलियम रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स फ्री जोन एंटरप्राइज के साथ बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस डील की कीमत 2,000 करोड़ रुपये से लेकर करीब 2,500 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। यह ऑर्डर सिर्फ कारोबारी नजरिए से बड़ा नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय इंजीनियरिंग कंपनियों की अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, BHEL इस प्रोजेक्ट के तहत आठ गैस टर्बाइन जनरेटर पैकेज तैयार करेगी। इसमें डिजाइनिंग से लेकर निर्माण, सप्लाई, इंस्टॉलेशन सुपरविजन, कमीशनिंग और परफॉर्मेंस गारंटी टेस्टिंग जैसे काम शामिल रहेंगे। हालांकि इस प्रोजेक्ट में सिविल कंस्ट्रक्शन का हिस्सा शामिल नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि उपकरणों की सप्लाई मुंबई पोर्ट तक की जाएगी और उसके बाद इन्हें नाइजीरिया में प्रोजेक्ट साइट तक पहुंचाया जाएगा। कंपनी को यह काम लगभग 26 महीने के भीतर पूरा करना है।
यह प्रोजेक्ट नाइजीरिया के डांगोटे इंडस्ट्रीज फ्री जोन में विकसित हो रहे बड़े औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ा है। वहां पेट्रोलियम रिफाइनरी और पॉलीप्रोपाइलीन प्लांट विकसित किया जा रहा है, जिसे अफ्रीका की बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में गिना जाता है। ऐसे में BHEL की भागीदारी कंपनी के लिए सिर्फ एक सप्लाई ऑर्डर नहीं बल्कि लंबे समय की रणनीतिक मौजूदगी के तौर पर भी देखी जा रही है। उद्योग से जुड़े जानकार मानते हैं कि इससे आने वाले समय में कंपनी को अफ्रीकी बाजार में और अवसर मिल सकते हैं।
इस ऑर्डर के बीच कंपनी के हालिया वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों का ध्यान खींचा है। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत दिखाई दिया। कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,754 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 832 करोड़ रुपये था। मार्जिन में भी बड़ा सुधार देखने को मिला और यह बढ़कर 14.2 प्रतिशत तक पहुंच गया। कंपनी का कुल राजस्व भी तेजी से बढ़ा और करीब 12,310 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
प्रारंभिक वित्तीय आंकड़ों के मुताबिक BHEL का शुद्ध लाभ भी मजबूत उछाल के साथ सामने आया। पिछले साल मार्च तिमाही में जहां कंपनी का मुनाफा करीब 504 करोड़ रुपये था, वहीं इस बार यह बढ़कर 1,283 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान कंपनी के पावर कारोबार का माना जा रहा है। पावर सेगमेंट का राजस्व 53 प्रतिशत तक बढ़ा और इस हिस्से का मार्जिन भी तेज़ी से ऊपर गया। हालांकि इंडस्ट्री सेगमेंट में कुछ दबाव जरूर दिखाई दिया, जहां मार्जिन में गिरावट दर्ज की गई।
बाजार में भी इस खबर को लेकर चर्चा बनी रही। हालांकि कारोबारी सत्र के दौरान BHEL के शेयर में हल्की कमजोरी दिखाई दी और यह गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन लंबे समय के निवेशकों के लिए तस्वीर अलग नजर आ रही है। पिछले कुछ महीनों में कंपनी के शेयरों ने मजबूत रिटर्न दिया है। बाजार विशेषज्ञ मानते हैं कि बड़े अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर, मजबूत ऑर्डर बुक और ऊर्जा सेक्टर में बढ़ती मांग आने वाले समय में कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत हो सकते हैं।
