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प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद द्वारा सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) को "बेस्ट नाड़ी एस्ट्रोलॉजर अवार्ड 2026" से सम्मानित किया गया
Digital Desk
भारतीय ज्ञान परंपरा, नाड़ी ज्योतिष एवं शोध-आधारित ज्योतिषीय अध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) को प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद* द्वारा प्रतिष्ठित "बेस्ट नाड़ी एस्ट्रोलॉजर अवार्ड 2026" से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें नाड़ी ज्योतिष के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक शोध, एक मिलियन (10 लाख+) से अधिक केस स्टडीज़ के विश्लेषण, दुर्लभ नाड़ी सूत्रों के अध्ययन एवं अनुवाद, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी के विकास, थम्ब-टू-कुंडली (Thumb to Kundli) जैसे विशिष्ट सिद्धांतों पर कार्य तथा उत्कृष्ट शिक्षण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सिध्हार्थ एस कुमार ने प्राचीन नाड़ी परंपराओं में वर्णित अनेक दुर्लभ सिद्धांतों को शोध एवं व्यवहारिक अध्ययन के माध्यम से आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। उनके कार्य ने नाड़ी ज्योतिष को केवल पारंपरिक भविष्यवाणी तक सीमित न रखकर उसे आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके शोध कार्यों ने नाड़ी ज्योतिष, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी, जीवन-घटनाओं की समय निर्धारण प्रणालियों तथा दुर्लभ भविष्यवाणी सिद्धांतों को नए आयाम प्रदान किए हैं।
वर्षों के शोध के दौरान उन्होंने दुर्लभ नाड़ी सूत्रों का दस्तावेजीकरण, व्याख्या एवं समकालीन अनुप्रयोग विकसित किए हैं। उनके द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और शोध पहलों के माध्यम से भारत एवं विदेशों के हजारों विद्यार्थी नाड़ी ज्योतिष की गूढ़ एवं उन्नत विधाओं से लाभान्वित हुए हैं।
प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद की चयन समिति (Award Jury) ने अपने अभिमत में कहा:
"सिध्हार्थ एस कुमार का नाड़ी ज्योतिष के समकालीन विकास (Contemporary Evolution of Nadi Astrology) में योगदान अतुलनीय है। एक मिलियन से अधिक केस स्टडीज़ पर आधारित उनका शोध, दुर्लभ नाड़ी सूत्रों का संरक्षण एवं अनुवाद, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी पर उनका कार्य तथा थम्ब-टू-कुंडली जैसे अभिनव सिद्धांतों पर उनका अध्ययन उन्हें अपने क्षेत्र के अग्रणी शोधकर्ताओं एवं शिक्षकों में स्थापित करता है।"
"वे उत्कृष्टता के सच्चे साधक (Purist of Excellence) हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तुत करते हुए नाड़ी ज्योतिष को शोध, शिक्षा और व्यवहारिक अनुप्रयोग के नए आयाम प्रदान किए हैं। उनकी प्रतिबद्धता, विद्वत्ता और शिक्षण उत्कृष्टता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।"
"प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद उन्हें इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई देती है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य, निरंतर शोध यात्रा और भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार हेतु अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करती है।"
इस अवसर पर सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) ने कहा, "यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। मैं इसे अपने गुरुओं, विद्यार्थियों, शोध सहयोगियों और उन सभी साधकों को समर्पित करता हूँ जो भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित, शोध-सम्मत और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। नाड़ी ज्योतिष केवल भविष्यवाणी का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन के सूक्ष्म पैटर्न को समझने का एक अद्भुत ज्ञान-विज्ञान है।"
प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान नाड़ी ज्योतिष के संरक्षण, शोध, नवाचार एवं ज्ञान-विस्तार के क्षेत्र में सिध्हार्थ एस कुमार के योगदानों की महत्वपूर्ण स्वीकृति माना जा रहा है।
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प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद द्वारा सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) को "बेस्ट नाड़ी एस्ट्रोलॉजर अवार्ड 2026" से सम्मानित किया गया
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भारतीय ज्ञान परंपरा, नाड़ी ज्योतिष एवं शोध-आधारित ज्योतिषीय अध्ययन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) को प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद* द्वारा प्रतिष्ठित "बेस्ट नाड़ी एस्ट्रोलॉजर अवार्ड 2026" से सम्मानित किया गया है।
यह सम्मान उन्हें नाड़ी ज्योतिष के क्षेत्र में उनके दीर्घकालिक शोध, एक मिलियन (10 लाख+) से अधिक केस स्टडीज़ के विश्लेषण, दुर्लभ नाड़ी सूत्रों के अध्ययन एवं अनुवाद, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी के विकास, थम्ब-टू-कुंडली (Thumb to Kundli) जैसे विशिष्ट सिद्धांतों पर कार्य तथा उत्कृष्ट शिक्षण योगदान के लिए प्रदान किया गया।
सिध्हार्थ एस कुमार ने प्राचीन नाड़ी परंपराओं में वर्णित अनेक दुर्लभ सिद्धांतों को शोध एवं व्यवहारिक अध्ययन के माध्यम से आधुनिक संदर्भों में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। उनके कार्य ने नाड़ी ज्योतिष को केवल पारंपरिक भविष्यवाणी तक सीमित न रखकर उसे आधुनिक जीवन की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके शोध कार्यों ने नाड़ी ज्योतिष, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी, जीवन-घटनाओं की समय निर्धारण प्रणालियों तथा दुर्लभ भविष्यवाणी सिद्धांतों को नए आयाम प्रदान किए हैं।
वर्षों के शोध के दौरान उन्होंने दुर्लभ नाड़ी सूत्रों का दस्तावेजीकरण, व्याख्या एवं समकालीन अनुप्रयोग विकसित किए हैं। उनके द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों, कार्यशालाओं और शोध पहलों के माध्यम से भारत एवं विदेशों के हजारों विद्यार्थी नाड़ी ज्योतिष की गूढ़ एवं उन्नत विधाओं से लाभान्वित हुए हैं।
प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद की चयन समिति (Award Jury) ने अपने अभिमत में कहा:
"सिध्हार्थ एस कुमार का नाड़ी ज्योतिष के समकालीन विकास (Contemporary Evolution of Nadi Astrology) में योगदान अतुलनीय है। एक मिलियन से अधिक केस स्टडीज़ पर आधारित उनका शोध, दुर्लभ नाड़ी सूत्रों का संरक्षण एवं अनुवाद, नाड़ी न्यूमेरोलॉजी पर उनका कार्य तथा थम्ब-टू-कुंडली जैसे अभिनव सिद्धांतों पर उनका अध्ययन उन्हें अपने क्षेत्र के अग्रणी शोधकर्ताओं एवं शिक्षकों में स्थापित करता है।"
"वे उत्कृष्टता के सच्चे साधक (Purist of Excellence) हैं। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक युग की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रस्तुत करते हुए नाड़ी ज्योतिष को शोध, शिक्षा और व्यवहारिक अनुप्रयोग के नए आयाम प्रदान किए हैं। उनकी प्रतिबद्धता, विद्वत्ता और शिक्षण उत्कृष्टता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।"
"प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद उन्हें इस सम्मान के लिए हार्दिक बधाई देती है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य, निरंतर शोध यात्रा और भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक प्रसार हेतु अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित करती है।"
इस अवसर पर सिध्हार्थ एस कुमार (Sidhharrth S Kumaar) ने कहा, "यह सम्मान मेरे लिए अत्यंत प्रेरणादायक है। मैं इसे अपने गुरुओं, विद्यार्थियों, शोध सहयोगियों और उन सभी साधकों को समर्पित करता हूँ जो भारतीय ज्ञान परंपरा को संरक्षित, शोध-सम्मत और वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। नाड़ी ज्योतिष केवल भविष्यवाणी का माध्यम नहीं, बल्कि मानव जीवन के सूक्ष्म पैटर्न को समझने का एक अद्भुत ज्ञान-विज्ञान है।"
प्राच्य नाड़ी अनुसंधान परिषद द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान नाड़ी ज्योतिष के संरक्षण, शोध, नवाचार एवं ज्ञान-विस्तार के क्षेत्र में सिध्हार्थ एस कुमार के योगदानों की महत्वपूर्ण स्वीकृति माना जा रहा है।
