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पेपर लीक के खिलाफ CJP आंदोलन को बॉलीवुड समर्थन, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज
बालीवुड डेस्क
ऋचा चड्ढा, अतुल कुलकर्णी, प्रकाश राज और सोनम वांगचुक ने जताया समर्थन, छात्रों ने दिल्ली में पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियों के खिलाफ खोला मोर्चा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुआ। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में छात्रों से अपील की थी कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट हों। जंतर-मंतर पर सुबह से ही छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और धीरे-धीरे यह प्रदर्शन एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। मौके पर नारेबाजी और पोस्टरों के जरिए छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन को अब बॉलीवुड और सामाजिक जगत से भी समर्थन मिलने लगा है, जिससे यह आंदोलन और अधिक चर्चा में आ गया है। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया के जरिए इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने लिखा कि भले ही वह देश से बाहर हैं, लेकिन उनका मन दिल्ली और वहां आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे सच्चे देशभक्त बनें और दिखावे की देशभक्ति से दूर रहें। ऋचा चड्ढा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई है और कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है।
वहीं अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी युवाओं के इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले की पीढ़ियों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने में चूक की है, जिसकी वजह से आज के युवाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अतुल कुलकर्णी ने छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि अब समय है कि युवा सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ देश के पुनर्निर्माण में आगे आएं। उनके इस बयान को भी सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और कई लोग इसे एक जिम्मेदार स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहे हैं।
इसी बीच अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता या विचारधारा का नहीं होता, बल्कि यह उन नागरिकों का होता है जो सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोग जागरूक रहते हैं और जवाबदेही की मांग करते हैं। कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो उन्हें अपनी बात रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ते हैं ताकि सिस्टम तक संदेश पहुंच सके।
इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज का भी समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। वहीं प्रकाश राज भी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। छात्रों के बीच इस समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक बल मिला है और जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ में उत्साह देखा जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी ने उनके भविष्य को असुरक्षित बना दिया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि मेहनत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाता, जबकि कुछ लोग गलत तरीकों से लाभ उठा लेते हैं। इसी वजह से वे एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है। उन्होंने देश के सभी छात्रों से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी, जिसके बाद जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है जो आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा तय कर सकता है। दिल्ली पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई है। आंदोलन को मिल रहे समर्थन और बढ़ती भागीदारी के कारण यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
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पेपर लीक के खिलाफ CJP आंदोलन को बॉलीवुड समर्थन, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन तेज
बालीवुड डेस्क
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 6 जून को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले पेपर लीक और परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ बड़ा शांतिपूर्ण प्रदर्शन शुरू हुआ। इस आंदोलन में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए हैं। आंदोलन का नेतृत्व CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके कर रहे हैं, जिन्होंने हाल ही में छात्रों से अपील की थी कि वे परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर एकजुट हों। जंतर-मंतर पर सुबह से ही छात्रों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी और धीरे-धीरे यह प्रदर्शन एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता दिखाई दिया। मौके पर नारेबाजी और पोस्टरों के जरिए छात्रों ने अपनी नाराजगी जाहिर की और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग उठाई।
इस प्रदर्शन को अब बॉलीवुड और सामाजिक जगत से भी समर्थन मिलने लगा है, जिससे यह आंदोलन और अधिक चर्चा में आ गया है। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने सोशल मीडिया के जरिए इस आंदोलन के प्रति अपना समर्थन जताया। उन्होंने लिखा कि भले ही वह देश से बाहर हैं, लेकिन उनका मन दिल्ली और वहां आंदोलन कर रहे युवाओं के साथ है। उन्होंने युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि वे सच्चे देशभक्त बनें और दिखावे की देशभक्ति से दूर रहें। ऋचा चड्ढा के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को लेकर बहस और तेज हो गई है और कई लोगों ने उनके विचारों का समर्थन किया है।
वहीं अभिनेता अतुल कुलकर्णी ने भी युवाओं के इस आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पीढ़ी और उससे पहले की पीढ़ियों ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी तरह निभाने में चूक की है, जिसकी वजह से आज के युवाओं को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अतुल कुलकर्णी ने छात्रों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए कहा कि अब समय है कि युवा सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ देश के पुनर्निर्माण में आगे आएं। उनके इस बयान को भी सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिल रही है और कई लोग इसे एक जिम्मेदार स्वीकारोक्ति के रूप में देख रहे हैं।
इसी बीच अभिनेत्री कुनिका सदानंद ने भी इस आंदोलन का समर्थन करते हुए लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र किसी एक पार्टी, नेता या विचारधारा का नहीं होता, बल्कि यह उन नागरिकों का होता है जो सवाल पूछने की हिम्मत रखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब लोग जागरूक रहते हैं और जवाबदेही की मांग करते हैं। कुनिका ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश भी साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि जब लोगों की आवाज नहीं सुनी जाती, तो उन्हें अपनी बात रखने के लिए वैकल्पिक रास्ते अपनाने पड़ते हैं ताकि सिस्टम तक संदेश पहुंच सके।
इस आंदोलन को सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिनेता प्रकाश राज का भी समर्थन मिला है। सोनम वांगचुक ने पहले ही संकेत दिए थे कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो वे इस प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। वहीं प्रकाश राज भी लगातार शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पारदर्शिता की मांग को लेकर आवाज उठाते रहे हैं। छात्रों के बीच इस समर्थन के बाद आंदोलन को और अधिक बल मिला है और जंतर-मंतर पर मौजूद भीड़ में उत्साह देखा जा रहा है।
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना है कि पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ी ने उनके भविष्य को असुरक्षित बना दिया है। कई छात्रों ने आरोप लगाया कि मेहनत करने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिल पाता, जबकि कुछ लोग गलत तरीकों से लाभ उठा लेते हैं। इसी वजह से वे एक ऐसी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं जो पारदर्शी, निष्पक्ष और जवाबदेह हो।
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए है। उन्होंने देश के सभी छात्रों से इस शांतिपूर्ण आंदोलन में शामिल होने की अपील की थी, जिसके बाद जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं। उनका कहना है कि यह केवल एक विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि एक जागरूकता अभियान है जो आने वाले समय में शिक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा तय कर सकता है। दिल्ली पुलिस और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की गई है। आंदोलन को मिल रहे समर्थन और बढ़ती भागीदारी के कारण यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
