खान सर फायरिंग मामले में सरेंडर नहीं करेंगे, अग्रिम जमानत की तैयारी

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वकील बोले—FIR में गंभीर त्रुटियां, क्लाइंट की भूमिका पर सवाल, जल्द दायर होगी याचिका

पटना में कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक और लोकप्रिय शिक्षक खान सर के वकील ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल अदालत में सरेंडर नहीं करेंगे। वकील अरविंद कुमार महुआर ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) में गंभीर त्रुटियां हैं और आरोपों का वास्तविकता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

वकील के अनुसार, खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को अदालत में दाखिल की जाएगी। शनिवार को समय सीमा समाप्त होने के कारण यह याचिका दाखिल नहीं हो सकी थी। उन्होंने दावा किया कि मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है और घटनाक्रम को गलत तरीके से जोड़ा गया है। वकील ने यह भी कहा कि खान सर का किसी भी तरह की फायरिंग या हिंसा भड़काने में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान नहीं है। उनके मुताबिक, गार्ड्स और अन्य लोगों के बयान को आधार बनाकर एफआईआर तैयार की गई है, जो पूरी तरह एकतरफा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कुछ ऐसे कथन जोड़ दिए हैं, जिनका कोई ठोस सबूत नहीं है।

इस बीच, मामले में शामिल गार्ड्स प्रदीप और तारकेश्वर की ओर से भी जमानत के लिए याचिका दायर की गई है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। पुलिस ने इन दोनों गार्ड्स को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरा मामला 2 जून की रात का बताया जा रहा है, जब पटना स्थित कोचिंग संस्थान परिसर में कथित तौर पर फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर एकत्र हो गए थे। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया था।

पटना पुलिस का दावा है कि गार्ड्स के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ी है, जिसमें यह कहा गया कि उन्हें कथित रूप से कहा गया था कि “गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे।” इसी बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, वकील इस बयान को भी गलत संदर्भ में पेश किया गया बता रहे हैं।

घटना के बाद पुलिस ने कोचिंग परिसर में कई बार दबिश दी, लेकिन तुरंत गिरफ्तारी नहीं हो सकी। रातभर पुलिस और छात्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और कानून व्यवस्था बनाए रखें। मामले में एक और विवाद तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ। इसमें कथित तौर पर गार्ड्स को फायरिंग करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

कोचिंग संस्थान के भीतर मौजूद छात्रों ने भी अपने समर्थन में आवाज उठाई है। कई छात्रों ने कहा कि वे अपने शिक्षक के साथ खड़े हैं और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वकील ने आगे कहा कि उनके मुवक्किल का उद्देश्य केवल शिक्षा देना है और वह हमेशा छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद से कोचिंग संस्थान को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है।

इस पूरे मामले ने पटना में शिक्षा जगत और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई इस केस की दिशा तय कर सकती है। 

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06 Jun 2026 By Vaishnavi.J

खान सर फायरिंग मामले में सरेंडर नहीं करेंगे, अग्रिम जमानत की तैयारी

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पटना में कोचिंग संस्थान से जुड़े फायरिंग मामले को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच ग्लोबल स्टडीज के संस्थापक और लोकप्रिय शिक्षक खान सर के वकील ने स्पष्ट किया है कि वे फिलहाल अदालत में सरेंडर नहीं करेंगे। वकील अरविंद कुमार महुआर ने कहा कि उनके मुवक्किल के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी (FIR) में गंभीर त्रुटियां हैं और आरोपों का वास्तविकता से कोई सीधा संबंध नहीं है।

वकील के अनुसार, खान सर की ओर से अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को अदालत में दाखिल की जाएगी। शनिवार को समय सीमा समाप्त होने के कारण यह याचिका दाखिल नहीं हो सकी थी। उन्होंने दावा किया कि मामले में पुलिस द्वारा लगाए गए आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया गया है और घटनाक्रम को गलत तरीके से जोड़ा गया है। वकील ने यह भी कहा कि खान सर का किसी भी तरह की फायरिंग या हिंसा भड़काने में कोई प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष योगदान नहीं है। उनके मुताबिक, गार्ड्स और अन्य लोगों के बयान को आधार बनाकर एफआईआर तैयार की गई है, जो पूरी तरह एकतरफा है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कुछ ऐसे कथन जोड़ दिए हैं, जिनका कोई ठोस सबूत नहीं है।

इस बीच, मामले में शामिल गार्ड्स प्रदीप और तारकेश्वर की ओर से भी जमानत के लिए याचिका दायर की गई है। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होने की संभावना है। पुलिस ने इन दोनों गार्ड्स को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पूरा मामला 2 जून की रात का बताया जा रहा है, जब पटना स्थित कोचिंग संस्थान परिसर में कथित तौर पर फायरिंग की घटना हुई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया और बड़ी संख्या में छात्र कोचिंग सेंटर के बाहर एकत्र हो गए थे। पुलिस ने हालात नियंत्रित करने के लिए भारी बल तैनात किया था।

पटना पुलिस का दावा है कि गार्ड्स के बयान के आधार पर जांच आगे बढ़ी है, जिसमें यह कहा गया कि उन्हें कथित रूप से कहा गया था कि “गोली चलाओ, बाकी हम देख लेंगे।” इसी बयान के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109 के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। हालांकि, वकील इस बयान को भी गलत संदर्भ में पेश किया गया बता रहे हैं।

घटना के बाद पुलिस ने कोचिंग परिसर में कई बार दबिश दी, लेकिन तुरंत गिरफ्तारी नहीं हो सकी। रातभर पुलिस और छात्रों के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। पुलिस ने छात्रों से अपील की कि वे किसी भी तरह के बहकावे में न आएं और कानून व्यवस्था बनाए रखें। मामले में एक और विवाद तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर घटना से जुड़ा वीडियो वायरल हुआ। इसमें कथित तौर पर गार्ड्स को फायरिंग करते हुए दिखाया गया है। हालांकि, इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अब तक नहीं हो सकी है।

कोचिंग संस्थान के भीतर मौजूद छात्रों ने भी अपने समर्थन में आवाज उठाई है। कई छात्रों ने कहा कि वे अपने शिक्षक के साथ खड़े हैं और जांच निष्पक्ष होनी चाहिए। वहीं, पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच हर एंगल से की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। वकील ने आगे कहा कि उनके मुवक्किल का उद्देश्य केवल शिक्षा देना है और वह हमेशा छात्रों के हितों को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि घटना के बाद से कोचिंग संस्थान को लेकर अनावश्यक भ्रम फैलाया जा रहा है।

इस पूरे मामले ने पटना में शिक्षा जगत और कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि आगे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। मामले की जांच जारी है और सभी पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अदालत में अग्रिम जमानत याचिका पर होने वाली सुनवाई इस केस की दिशा तय कर सकती है। 

https://www.dainikjagranmpcg.com/national-international/khan-sir-will-not-surrender-in-firing-case-preparations-for/article-55134

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